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सत्यापन को ग्रामीणों से वसूली कर रहे लेखपाल

Tue, 15 Aug 2017 12:03 AM IST
Updated Tue, 15 Aug 2017 12:03 AM IST
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सत्यापन को ग्रामीणों से वसूली कर रहे लेखपाल

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सीखड़। सरकार द्वारा किसानों का फसली ऋण माफी किया जा रहा है, इसके लिए लखनऊ से आई किसानों की सूची का सत्यापन लेखपालों द्वारा किया जा रहा है। लेखपालों द्वारा सत्यापन के नाम पर वसूली करने की शिकायत मिल रही है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
विकास खंड सीखड़ के भुआलपुर गांव में लेखपाल द्वारा धन उगाही का मामला प्रकाश में आया है। शनिवार को लेखपाल गांव में सत्यापन करने पहुंचे, उन्होंने 23 ग्रामीणों का फसली ऋण माफ़ी का सूची में से पांच-पांच सौ रुपया लेकर हस्ताक्षर बनवाने लगे। उसी समय सेवानिवृत्त सैनिक डॉक्टर ललितशेखर त्रिपाठी से पांच सौ रुपये की मांग लेखपाल द्वारा किया गया। सेवानिवृत्त सैनिक ने जिलाधिकारी से शिकायत किया, जिस पर डीएम ने लेखपाल को फटकार लगाया। जिसके बाद लेखपाल ग्रामीणों पर ही नाराज हो गया और सत्यापन कार्य नहीं कर रहा है। ग्रामीण प्रदीप कुमार, करुणाकांत, बृजबिहारी, दशरथ, शिव दुलार, श्रीप्रकाश, देव नाथ, संतोष सिंह, मनोज तिवारी, विनय तिवारी आदि ने लेखपाल द्वारा धन उगाही की शिकायत किया। ग्रामीणों ने डीएम से संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया।
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वर्जन
लेखपाल द्वारा किसानों से पैसा लेने की जानकारी हुई है, तहसीलदार चुनार को मामले की जांच सौंपी गई है, जांच केे बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसानों से फसल ऋण माफी के सत्यापन के नाम पर वसूली बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।- सुनील मिश्रा, एसडीएम चुनार।
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