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भोकानाला का तटबंध टूटने से पूर्वी इलाका जलमग्न

Thu, 27 Jul 2017 12:46 AM IST
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:46 AM IST
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भोकानाला का तटबंध टूटने से पूर्वी इलाका जलमग्न

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शेरवां। धान के कटोरे के नाम से विख्यात जमालपुर ब्लॉक में चहुंओर पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में सोमवार से शुरू हुई मूसलाधार बारिश बुधवार को थम थम कर बरसती रही, जिससे जलप्लावन की स्थिति पैदा हो गई है। गुलौरी गांव के समीप भोकनाला पर बने तटबंध केटूट जाने से पूर्वी इलाका पानी की चपेट में आ गया है, वहीं बारिश का पानी गांवों में भी प्रवेश करने लगा है, जिससे लोग परेशान हैं।
प्रकृति की विनाशकारी विभीषिका के चलते भारी बरसात होने से ब्लॉक जमालपुर क्षेत्र के युसूफपुर, पसहीं, डवक, जगदीशपुर गांव के सीवान में रोपी गई धान की फसल जलमगभन हो गई है। निरंतर हो रही झमाझमा बारिश से क्षेत्र के नदी-नाले, तालाब व ड्रेन उफनाने लगे हैं। नकुईया नाला, नऊआ नाला, मदरहवा नाला, सिकंदरा नाला, कलकलिया नाला ओवरफ्लो होने के चलते तबाही मचाई हुई है। भभौरा व मुर्दहवा गांव के समीप भोकानाला के ऊपर बने रपटे पर दो फीट पानी बह रहा है, जिससे क्षेत्र के चरगोड़ा, गौरी, गुलौरी, सकरौड़ी, मनई, ककरहीं, ढेलवासपुर गांव के सीवान में पानी ने आफत मचा रखा है। पसहीं गांव के समीप चंद्रप्रभा नदी में बने रेगुलेटर के जाम होने के कारण पानी नीचे नहीं बह रहा है। चंद्रप्रभा नदी का पानी ओवरफ्लो होने से पसहीं गांव के दक्षिणी इलाके में पानी बह रहा है। गनीमत यह है कि अहरौरा जलाशय से निकली गड़ई प्रणाली से निकले नदी-नाले व नहरों को बंद कर दिया गया है। अहरौरा बांध में समाचार लिखे जाने तक 342 फीट पानी एकत्रित हो गया है, जबकि अहरौरा जलाशय में पानी रोकने की क्षमता मात्र 358 फीट ही है। अगर बुधवार की रात में अगर भारी बारिश होती है तो मजबूरन अहरौरा जलाशय का पानी नदी-नालों व नहरों में छोड़ा जा सकता है। अहरौरा जलाशय पर तैनात अवर अभियंता केके सिंह ने बताया कि अभी भी जलाशय में जल ग्रहण करने की क्षमता 16 फीट बचा है। यदि भारी बारिश नहीं हुई तो पानी नहीं छोड़ा जाएगा। ग्रामीण किसानाें का आरोप है कि नदी-नाले पर बने रेगुलेटर की आयल-ग्रीसिंग जून माह में करा दिया जाता तो शायद यह नौबत नहीं आती।
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लगातार हो रही बारिश के चलते मेजा बांध का गेट संख्या- दो को बुधवार की सुबह सात बजे खोल दिया गया, जिससे हलिया-लालगंज मार्ग पर पानी ही पानी एकत्रित हो गया। हलिया-लालगंज मार्ग पर स्थित कोटाघाट के समीप ददरी नदी के ऊपर बने पुल पर करीब चार फीट पानी बहने से लोगों का आवागमन बाधित रहा।
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