खुलासा: तनाव दूर करने के लिए नशे की गिरफ्त में आ रहे युवा, गंभीर बीमारियों को दे रहे दावत
हर वर्ष 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। मेरठ मेडिकल काॅलेज की एक रिपोर्ट के अनुसार युवा तनाव को दूर करने के लिए नशे का सहारा ले रहे हैं जो काफी खतरनाक है।
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तनाव और दर्द दूर करने के लिए युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। अपना शरीर भी खराब कर रहे हैं और मानसिक रूप से भी बीमार हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल हर माह नशे के आदी करीब 750 मरीज हर माह पहुंच रहे हैं। इनकी काउंसिलिंग की जाती है और साथ ही दवाइयां दी जाती हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए हर वर्ष 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है।
मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण पाल ने बताया कि मादक पदार्थों का सेवन करने वाले लोग कई उन दवाइयों का गलत तरीके से नशे के लिए भी इस्तेमाल करते हैं जो उपचार के लिए प्रयोग की जाती हैं। जैसे निकोटीन, ओपियाड, दर्द निवारक दवाइयां और कफ सिरप का प्रयोग नशे के लिए करते हैं। इसके अलावा मार्फीन, कोकीन, स्मैक, हशीश, एंटीडिप्रेसेंट दवाइयां, मिर्गी की दवाइयों का प्रयोग लोग करते हैं। तनाव के कारण ज्यादातर युवा (20 से 30 साल )इसकी चपेट में हैं। नशीली दवाओं के कारण शरीर कमजोर हो जाता है तथा उसकी स्थिति एक बेजान व्यक्ति जैसी हो जाती है।
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गंभीर बीमारियों का भी खतरा
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रवि राणा ने बताया कि नशे की चीजों का इस्तेमाल मानसिक समस्याएं और गंभीर शारीरिक बीमारियां पैदा करती हैं। जो लोग नशे का इंजेक्शन लेते हैं उनको हेपेटाइटिस, एचआईवी के संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। नशीली दवाओं का इस्तेमाल अनेक प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जैसे स्मृति विकार, असंतुलन, चलने में कठिनाई, चिंता, अवसाद, नींद की कमी, अचानक वजन का घटना या बढ़ना, लिवर की बीमारी, कैंसर और मिर्गी की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इसके कारण लो ब्लड शुगर, हायपरटेंशन, कोलेस्ट्रॉल का बढ़ जाना, दिल की बीमारी, प्रतिरक्षा में कमी एवं प्रजनन क्षमता में कमी भी आ सकती है।
केस 1
मेडिकल कॉलेज में मुरादाबाद की जेल से एक बंदी लाया गया, नशे की वजह से उसका शरीर कमजोर और निढाल हो गया था। उसका इलाज चल रहा है।
केस 2
जिला अस्पताल में 25 वर्षीय एक युवक को उसके परिजन लेकर आए थे। तनाव के कारण वह नशे के इंजेक्शन लगाने लगा था। अब उसका इलाज चल रहा है।