सिपाही के इस कारनामे से चौंक जाएंगे आप, पढ़िए जरूर...
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मेरठ पुलिस के नित नए कारनामे सामने आ रहे हैं। इससे साफ है कि पुलिसकर्मियों के लिए नियम-काननू कोई मायने नहीं रखते हैं। ऐसा ही एक मामला बुधवार को कंकरखेड़ा पुलिस के सामने आया। एक सिपाही ने कारपेंटर से अपने घर में काम कराया। उसकी 35 हजार रुपए मजदूरी बनी तो उसके बदले दुर्घटना के चलते थाने में खड़ी स्पलेंडर बाइक 20 हजार रुपये में उसे थमा दी। शेष रकम बाद में देने का वायदा कर दिया। कारपेंटर को कोई परेशानी न हो इसलिए सिपाही ने बाइक पर सरकारी नंबर की प्लेट लगा दी। कारपेंटर चेकिंग के दौरान पकड़ में आया तो मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने कारपेंटर को हिरासत में लेकर बाइक कब्जे में ले ली है।
कंकरखेड़ा पुलिस बुधवार को खिर्वा चौराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान दौराला की ओर से आ रहे बाइक सवार को रोका। उसकी बाइक पर सरकारी नंबर की प्लेट लगी थी। उसने अपना नाम सतेंद्र पुत्र अनूप सिंह निवासी गांव देदवा थाना इंचौली बताया। पुलिस को उसके पास बाइक के कागजात नहीं मिले। पुलिस के अनुसार युवक कारपेंटर है। उसने पुलिस को बताया कि वह गुलावठी थाने में तैनात पल्लवपुरम निवासी एक सिपाही के घर में कई माह से काम कर रहा है। उसकी मजदूरी करीब 35 हजार रुपये हुई। उसने सिपाही से कहा कि उसे बाइक खरीदनी है। इसलिए उसे मजदूरी दे दें। इस पर सिपाही ने उसे मजदूरी के बदले सड़क हादसे में थाने में दाखिल स्पलेंडर बाइक 20 हजार रुपए में थमा दी। सिपाही ने बाकी रुपये बाद में देने का वायदा किया। कारपेंटर को परेशानी न हो इसलिए बाइक पर सरकारी नंबर यूपी15एजी-0519 की प्लेट लगा दी। पुलिस ने कारपेंटर को हिरासत में लेकर बाइक कब्जे में ले ली।
वहीं, थाना प्रभारी एएसपी सुकीर्ति माधव का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। किसी भी पुलिसकर्मी को थाने में दाखिल संपत्ति को देने अथवा बेचने का अधिकार नहीं है।