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यज्ञ सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण अंग: अंश वशिष्ठ
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राज राजेश्वरी मंडप में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का समापन
यज्ञ में समाज और विश्व कल्याण की कामना की
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। राज राजेश्वरी मंडप सम्राट पैलेस गढ़ रोड में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार को समापन हुआ। समापन अवसर पर बाल कथा व्यास पंडित अंश वशिष्ठ ने पूर्णाहुति यज्ञ, यज्ञ और कलश के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अंश वशिष्ठ ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य के जीवन में भक्ति, ज्ञान, संस्कार और सदाचार का संचार होता है। कथा के बाद होने वाला पूर्णाहुति यज्ञ कथा के संकल्प की पूर्णता और भगवान के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
पंडित अंश वशिष्ठ ने कहा कि यज्ञ सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है। यज्ञ का मूल भाव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि त्याग, सेवा, समर्पण और लोककल्याण की भावना है। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म में कलश को मंगल, समृद्धि, पवित्रता और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। कथा के दौरान स्थापित कलश कथा के संकल्प और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक रहा।
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कथा स्थल पर पूर्णाहुति यज्ञ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर परिवार, समाज एवं समस्त विश्व के कल्याण की कामना की।
यज्ञ एवं कथा समापन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान मंडप भक्ति और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण रहा। हवन के यजमान श्याम तरीका, शिवम अरोरा, नीरज अरोरा, पार्षद प्रवीण अरोरा, हरीश अरोरा, भाजपा नेता आलोक सिसौदिया, विनय अरोरा, संजय अरोरा आदि रहे।
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यज्ञ में समाज और विश्व कल्याण की कामना की
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। राज राजेश्वरी मंडप सम्राट पैलेस गढ़ रोड में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार को समापन हुआ। समापन अवसर पर बाल कथा व्यास पंडित अंश वशिष्ठ ने पूर्णाहुति यज्ञ, यज्ञ और कलश के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अंश वशिष्ठ ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य के जीवन में भक्ति, ज्ञान, संस्कार और सदाचार का संचार होता है। कथा के बाद होने वाला पूर्णाहुति यज्ञ कथा के संकल्प की पूर्णता और भगवान के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
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पंडित अंश वशिष्ठ ने कहा कि यज्ञ सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है। यज्ञ का मूल भाव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि त्याग, सेवा, समर्पण और लोककल्याण की भावना है। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म में कलश को मंगल, समृद्धि, पवित्रता और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। कथा के दौरान स्थापित कलश कथा के संकल्प और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक रहा।
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कथा स्थल पर पूर्णाहुति यज्ञ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर परिवार, समाज एवं समस्त विश्व के कल्याण की कामना की।
यज्ञ एवं कथा समापन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान मंडप भक्ति और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण रहा। हवन के यजमान श्याम तरीका, शिवम अरोरा, नीरज अरोरा, पार्षद प्रवीण अरोरा, हरीश अरोरा, भाजपा नेता आलोक सिसौदिया, विनय अरोरा, संजय अरोरा आदि रहे।