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विश्व सीओपीडी दिवस आज: आप रोजाना पी रहे 20 सिगरेट का धुआं, धुम्रपान से ज्यादा खतरनाक हुआ प्रदूषण

Wed, 17 Nov 2021 12:35 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 17 Nov 2021 12:35 PM IST
सार

सीओपीडी फेफड़ों की प्राण घातक बीमारी है, जोकि सांस की नली में होती है। जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनको यह जल्दी चपेट में ले लेती है। लेकिन जिस तेजी के साथ प्रदूषण बढ़ रहा है, ऐसे में यह धुम्रपान से भी ज्यादा खतरनाक हो रहा है।  

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World COPD Day today: you are smoking 20 cigarette in a Day,Pollution becoming more dangerous than smoking
मेरठ में प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

धूम्रपान न करने वाले भी वायु प्रदूषण के कारण रोजाना 20 सिगरेट के धुएं के बराबर फेफड़ों में धुआं ले रहे हैं। यह क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के मरीजों के बढ़ने का कारण बन रहा है। फेफड़ों की इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल नवंबर माह के तीसरे बुधवार को विश्व सीओपीडी दिवस मनाया जाता है।  

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सीओपीडी फेफड़ों की प्राण घातक बीमारी है, जोकि सांस की नली में होती है। जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनको यह जल्दी चपेट में ले लेती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि मीडियम साइज की एक सिगरेट पीने से व्यक्ति की छह मिनट की जिंदगी कम हो जाती है। सिगरेट में हानिकारक तत्व मुख्यत: निकोटिन, कार्बन मोनोक्साइड, आरसेनिक और कैडमियम होता है।
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कैसे पहचानें

-विशेष रूप से शारीरिक गतिविधियों के दौरान सांस की तकलीफ, घरघराहट, सीने में जकड़न, कफ  के साथ लगातार खांसी
-बार-बार श्वसन संबंधी संक्रमण, शक्ति की कमी, अनायास वजन कम होना, सूजे हुए टखने, थकान

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ये करें 
-किसी भी तरह के धुएं के संपर्क में आना कम करें
-घर के अंदर धूल, पालतू जानवरों की रूसी से मुक्त रखें
-भीड़ भाड़ वाली जगहों से बचें
-किसी भी तरह के धुएं के संपर्क में आना कम करें

तेजी से बढ़ी मौतें
सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि डब्ल्यूएचओ की एक रिसर्च के अनुसार साल 2019-20 में सीओपीडी से होने वाली मौतें बहुत तेजी से बढ़ी हैं। यह जानलेवा है। 

सीओपीडी की होती हैं चार स्टेज
सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीएन त्यागी ने बताया कि सीओपीडी की चार स्टेज होती हैं। पहली स्टेज में सुबह के समय खांसी और गले में खिचखिच होती है। 

मौसम में बदलाव से बढ़ सकती है समस्या
छाती एवं सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि सीओपीडी एक ऐसी स्थिति है जो फेफड़ों से हवा के प्रवाह को सीमित करती है। मौसम में बदलाव से सीओपीडी की समस्या बढ़ सकती है।

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