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समझौते की ‘रिश्वत’ पर महिला इंस्पेक्टर को फटकार
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sun, 03 Jan 2016 12:39 AM IST
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महिला थाने की लगातार शिकायत सुनकर डीआईजी आशुतोष कुमार शनिवार दोपहर सख्त मूड में नजर आए। समझौते की ‘रिश्वत’ में कार्रवाई न होने पर डीआईजी ने महिला इंस्पेक्टर को अपने ऑफिस में तलब कर जमकर फटकार लगाई। पीड़ित के सामने प्रकरण में दो दिन में निस्तारण न होने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
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मवाना थानाक्षेत्र के ढिकौली गांव निवासी चंद्रमोहन अपनी बेटी विनीता को शनिवार को डीआईजी ऑफिस पहुंचे। पिता-पुत्री ने आरोप लगाया है कि महिला इंस्पेक्टर नरगिस खान और महिला दरोगा मनु सक्सेना समझौते के पांच लाख रुपये का ड्राफ्ट सिर्फ इस बात पर लेकर बैठी है कि उनको बीस हजार रुपये की ‘रिश्वत’ नहीं दी। इस मामले की एसएसपी से भी शिकायत की गई, बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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पिता-पुत्री की फरियाद सुनकर डीआईजी ने तत्काल महिला इंस्पेक्टर और महिला दरोगा को अपने ऑफिस में तलब किया। अकेली महिला इंस्पेक्टर डीआईजी के सामने पेश हुई, जबकि महिला दरोगा थाने में ही बैठी रही। डीआईजी ने महिला इंस्पेक्टर से मामले की जानकारी ली और जमकर फटकार लगाई। डीआईजी ने इस मामले में दो दिन में निस्तारण न करने पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही।
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क्या है मामला?
चंद्रमोहन की बेटी विनीता ने पति दीपक समेत ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा महिला थाने में सात जुलाई 2015 को दर्ज कराया। विवेचना महिला थाने में तैनात दरोगा मनु सक्सेना ने की। महिला दरोगा ने पांच लाख रुपये में समझौता कराया, जिसमें विनीता को पांच लाख रुपये के ड्राफ्ट की फोटो कॉपी दी। वहीं, शर्त रखी कि 20 हजार रुपये रिश्वत देने पर ही ड्राफ्ट मिलेगा। आरोप है कि चंद्रमोहन ने पांच हजार रुपये मनु सक्सेना को दे दिया। बाकी 15 हजार रुपये न देने पर मनु सक्सेना ड्राफ्ट नहीं दे रही हैं। पिता-पुत्री ने सोमवार को एसएसपी से शिकायत की थी।
नरगिस तुम पर मुकदमा दर्ज करा दूं?
डीआईजी बोले, महिला थाने में रिश्वत लेने की तमाम शिकायत मेरे पास आती हैं। नरगिस तुम पर मुकदमा और मनु सक्सेना को सस्पेंड करा दूं। अगर महिला थाने में भ्रष्टाचार बंद नहीं हुआ तो यह दोनों कार्रवाई जल्द करा दूंगा। डीआईजी ने पूछा कि रिश्वत देती तुम्हारी महिला दरोगा सस्पेंड हुई है, उस मामले में तुम्हारी क्या भूमिका थी। इसके अलावा कई मामलों में डीआईजी ने जवाब तलब किया।
कंप्यूटर रूम में बैठकर ली रिश्वत?
चंद्रमोहन अपने ब्यान दर्ज कराने महिला थाने पहुंचे, जहां सीओ अब्दुल कादिर मिले। सीओ अब्दुल कादिर ने महिला दरोगा मनु सक्सेना और चंद्रमोहन को आमने सामने बैठाकर पूछताछ की। सीओ के सामने ही मनु सक्सेना ने चंद्रमोहन को डाटना शुरू किया और रिश्वत न लेने की बात से साफ इंकार किया। उसके बाद ही चंद्रमोहन बोले कि मैडम झूठ मत बोला, मैने पांच हजार रुपये आपको कंप्यूटर रूम में बैठकर दिए थे। गहमागहमी होते देखकर सीओ ने मनु सक्सेना को फटकार लगाई।
थाने आ जाओ, ड्राफ्ट दिलवा दूंगी?
महिला दरोगा मनु सक्सेना ने चंद्रमोहन के फोन पर कॉल की और बोली कल (रविवार) महिला थाने आ जाओ मैं तुम्हारा ड्राफ्ट दिलवा दूंगी। आरोपी पक्ष के लोगों से भी बातचीत हो गई है। दोनों पक्ष आमने सामने बैठकर बात कर लेना। जिस पर चंद्रमोहन ने सीओ द्वारा बताई तारीख 20 जनवरी को ही महिला थाने में आनी की बात कहकर कॉल कट कर दी। सवाल उठता है कि इतना सब कुछ होने के बावजूद महिला इंस्पेक्टर और महिला दरोगा पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।