मेरठ के मोदीपुरम में सीएस (कंपनी सेक्रेट्री) की छात्रा वर्तिका की मौत का राज गहरा गया है। पोस्टमार्टम न कराकर पुलिस ने मौत की गुत्थी उलझा दी है। बृहस्पतिवार को इस मामले की जांच कराई गई तो कई और राज खुल गए। छात्रा सुपरटेक स्पोर्ट्स कॉलोनी में पहले भी आती रही है। छात्रा की मौत कैसे हुई, अब यह बात पीड़ित परिवार भी जानना चाहता है। इन सबके बीच सवाल यही उठ रहा है कि किसके दबाव में शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
मेरठ: निर्माणाधीन टाॅवर की 14वीं मंजिल से गिरकर युवती की मौत, गहराया राज, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
- वृतिका की मौत का राज गहराया, पुलिस ने और उलझा दी गुत्थी
- सुपरटेक स्पोर्ट्स सिटी की निर्माणाधीन बिल्डिंग की 14वीं मंजिल से गिरकर हुई थी मौत
- रिश्तेदार से मिलने की बात कहकर कालोनी में पहुंची थी छात्रा
- मुजफ्फरनगर में पैतृक गांव पंचेडा में कराया गया अंतिम संस्कार
गुरुवार को परिजनों ने पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद परिजन सुपरटेक कॉलोनी पहुंचे और यहां मौजूद पबरसा निवासी गार्ड रविंद्र से युवती के कॉलोनी में आने को लेकर पूछताछ की। परिजन घटनास्थल पर भी पहुंचे। गार्ड ने बताया कि युवती को उसने काफी रोकने का प्रयास किया, मगर वह नहीं रुकी और बिल्डिंग पर चढ़ गई। युवती इससे पहले भी कई बार कॉलोनी में आ चुकी है। बुधवार को वह रिश्तेदार से मिलने की बात कहते हुए कॉलोनी के अंदर जबरन घुस गई। गार्ड ने बताया कि कुछ देर बाद ही शोर सुनाई दिया। इसके बाद वह मौके पर पहुंचा तो युवती का शव नीचे पड़ा हुआ था।
कॉलोनी की सुरक्षा पर उठे सवाल
सुपरटेक स्पोर्ट्स सिटी कॉलोनी में हाइटेक सुरक्षा के दावे किए जाते हैं। मुख्य द्वार पर गार्ड तैनात हैं। यहां एंट्री करने वाले को पहले गार्ड के पास रजिस्टर में एंट्री करानी होती है। निर्माणधीन बिल्डिंग तक पहुंचने के लिए दूसरा छोटा गेट पार करना होता है। युवती दो-दो गेट को पार करके निर्माणाधीन बिल्डिंग तक पहुंच गई, मगर गार्ड उसे रोक नहीं पाए। एक युवती के जबरन दो गेट पार करके पहुंचना भी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। सीसीटीवी कैमरे भी गेट पर लगे हुए हैं।
रिश्ता तोड़ा, फिर क्यों तनाव में थी वर्तिका
पीड़ित परिवार ने पुलिस को बताया कि वर्तिका पढ़ने में होशियार थी। उसने बैंक में जॉब के लिए अप्लाई किया था। इसमें वह असफल हो गई। वह जॉब से पहले शादी नहीं करना चाहती थी। इसके बावजूद परिजनों ने उसका रिश्ता कंकरखेड़ा क्षेत्र के एक गांव में कर दिया था। दो दिन पहले वर्तिका ने रिश्ता तोड़ दिया। रिश्ता टूटने के बाद तनाव किस बात का था।
वो कौन है, जिससे मिलने आई थी वर्तिका
अभी तक सवाल उठ रहे थे कि घर से तीन किलोमीटर दूर स्थल को ही वर्तिका ने क्यों चुना। यह बात बृहस्पतिवार सुबह स्पष्ट हो गई कि वर्तिका यहां अपने किसी परिचित से मिलने के लिए आती रहती थी। गार्ड से जानकारी देने के लिए वर्तिका के परिजन बृहस्पतिवार सुबह वहां पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक गार्ड रविंद्र ने बताया कि वर्तिका पहले भी कॉलोनी में आई थी। बुधवार जब वह पहुंची तो उसने रिश्तेदार से मिलने की बात कहकर कॉलोनी में गई। आखिर कौन रिश्तेदार था, जिससे वर्तिका मिलने गई थी। यह जांच का विषय है।
पोस्टमार्टम न कराकर उलझा दी गुत्थी
पुलिस ने पोस्टमार्टम नहीं कराया है, जिससे वर्तिका की मौत की गुत्थी हमेशा के लिए उलझ गई। परिस्थितियां हत्या की ओर इशारा कर रही हैं। इसके बावजूद पुलिस ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। पुलिस ने पूरी जांच के बिना ही शव परिजनों की सुपुर्दगी में दिया। बृहस्पतिवार को परिजनों ने मुजफ्फरनगर पैतृक गांव में अंतिम संस्कार भी कर दिया। 14वीं मंजिल से गिरती वर्तिका को किसने देखा, इसके बारे में कोई भी बोलने को तैयार नहीं है। बस यही कहा गया कि एक मजदूर ने बताया था।
क्या कहते हैं वरिष्ठ अधिकारी
यह कोई सामान्य मौत नहीं हुई है। हत्या, हादसा या खुदकुशी की गई है। पुलिस को पोस्टमार्टम जरूर कराना चाहिए था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होता कि वर्तिका की मौत कैसे हुई है। -
बृजलाल, पूर्व डीजीपी यूपी
पोस्टमार्टम न होने से वर्तिका की मौत की गुत्थी उलझ गई है। पुलिस ने पंचनामा मौके पर जाकर जरूर भरा होगा। पंचनामा के आधार पर भी जांच हो सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई जानकारी मिल जाती। ऐसे मामले में पोस्टमार्टम अनिवार्य होता है। -महेश मिश्रा, पूर्व डीआईजी
ऐसे मामले में पोस्टमार्टम अनिवार्य है। पुलिस ने पोस्टमार्टम ने कराकर वर्तिका की मौत के मामले को उलझा दिया है। कॉलोनी की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी लेनी चाहिए। इस मामले में पुलिस ने बहुत ही जल्द बाजी की है। - अमित दीक्षित, सीनियर अधिवक्ता