फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   without symtems corona possitive

कोरोना के लक्षण खत्म हो गए, तब आई पॉजिटिव रिपोर्ट

Thu, 29 Apr 2021 01:37 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Apr 2021 01:37 AM IST
विज्ञापन
without symtems corona possitive
कोरोना के लक्षण खत्म हो गए, तब आई पॉजिटिव रिपोर्ट
विज्ञापन

मेरठ। कोरोना के लक्षण खत्म होने के बाद पॉजिटिव की रिपोर्ट आ रही है। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान वह अपने स्तर पर ही दवाइयों का सेवन कर रहे हैं। दवा तो दूर स्वास्थ्य विभाग उनका हाल तक नहीं पूछ रहा है।
बुखार, खांसी, जुकाम या सांस लेने में दिक्कत होने के कारण लोग कोरोना की जांच करा रहे हैं। घर पर ही दवाई खा रहे हैं। पूरी तरह से खुद को स्वस्थ महसूस करने लगे, लेकिन किसी की 6 दिन बाद तो किसी के सात दिन बाद रिपोर्ट आई कि वह कोरोना पॉजिटिव हैं। अब ऐसे में वे क्या करें। दूसरी तरफ कई जिलों में दूसरे जिले से आ रहे लोगों को अपनी कोरोना की रिपोर्ट दिखानी पड़ती है। 72 घंटे पहले की रिपोर्ट मांगते हैं। लेकिन समय से रिपोर्ट नहीं मिल पाती है। ऐसे में वह परेशान हैं।
विज्ञापन

इस संबंध में मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. अमित गर्ग का कहना है कि पिछले दिनों लैब पर भार काफी बढ़ गया था। उनके यहां मेरठ के अलावा बिजनौर, शामली और मुजफ्फरनगर जिलों के सैंपलों की भी जांच होती है। क्षमता 2950 सैंपल की है जबकि वह प्रतिदिन 6000 से ज्यादा सैंपल की जांच करते हैं। अब स्थिति बेहतर हुई है। उम्मीद है कि अब इस तरह की दिक्कत नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज को जल्द ही कुछ मशीनें मिलने वाली हैं, जिसके बाद प्रतिदिन 12 हजार सैंपलों की जांच की क्षमता हो जाएगी। इससे इस तरह की परेशानी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। मई के पहले सप्ताह तक यह व्यवस्था होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस-1
अनिल (44) ने 22 अप्रैल को जिला अस्पताल में कोरोना जांच के लिए सैंपल दिया था। तब उन्हें बुखार और खांसी जुकाम था। अब वह बिल्कुल स्वस्थ हैं। कोई लक्षण नहीं है। बुधवार को उनकी रिपोर्ट आई कि वह कोरोना पॉजिटिव हैं। अब समझ नहीं पा रहे हैं कि खुद को संक्रमित समझे या नेगेटिव।

केस-2
वैभव (24) को एक प्रतियोगी परीक्षा देने के लिए जाना था। इससे 72 घंटे पहले की कोरोना की रिपोर्ट मांगी गई थी। उसने 17 अप्रैल को जिला अस्पताल में कोरोना जांच के लिए सैंपल दिया था, लेकिन 22 अप्रैल तक रिपोर्ट नहीं आई। वह परीक्षा में नहीं बैठ सका। 23 को रिपोर्ट नेगेटिव आई। नेगेटिव होने के बावजूद वह परीक्षा नहीं दे पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed