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बिना अनुमति कोल्हू शुरू, फैला रहे प्रदूशण

Tue, 15 Oct 2019 02:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 15 Oct 2019 02:00 AM IST
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without permission started kolhu, spread pollution
मोदीपुरम क्षेत्र में कोल्हू में गुड़ बनाने के लिए जलाई जा रही पॉलि‌थीन
मेरठ/ मोदीपुरम। जिले और आसपास के क्षेत्र में उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बिना अनुमति लिए ही दर्जनों कोल्हू का संचालन शुरू हो गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की गाइड लाइन के बाद भी इन कोल्हू में मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है। यहां गुड़ बनाने के लिए खोई की जगह धड़ल्ले से पॉलिथीन और रबड़ जलाई जा रही है। इसके चलते ग्रामीणों की सेहत को नुकसान के साथ वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। वहीं अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं।
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केंद्र सरकार ने दो अक्तूबर से पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पॉलिथीन मुक्त भारत बनाने के लिए सभी अफसरों को निर्देश दे रखे हैं। इसके लिए नगर पंचायत, नगर पालिका की ओर से अभियान भी चलाया जा रहा है। पॉलिथीन की बिक्री करने वाले व पॉलीथीन में सामान देने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। इससे इतर ग्राम पंचायतों में अभियान नहीं चलाए जाने से वहां पॉलिथीन प्रयोग बंद नहीं हुआ है। यहां पॉलिथीन का जमकर उपयोग किया जा रहा है।
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यहां सबसे अधिक प्रयोग
देहात क्षेत्र के खरदौनी गांव में 50 से ज्यादा कोल्हू संचालित हैं। यहां करीब सभी कोल्हू पर पॉलिथीन का प्रयोग हो रहा है। इसके अलावा जलालपुर, इंचौली, नंगली ईसा, बहसूमा बाईपास, खरखौदा के पांची, भावनपुर के मोरना, कस्तला मार्ग आदि पर पॉलिथीन प्रयोग की जा रही है।
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ये है कोल्हू की स्थिति
मेरठ में करीब 8-9 हजार कोल्हू चल रहे हैं। मेरठ मंडल में यह संख्या 24 से 26 हजार के बीच है। पश्चिम उप्र में 65 से 70 हजार है। सबसे ज्यादा कोल्हू मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर, हापुड़ जनपदों में चल रहे हैं।

सीपीसीबी के दिए निर्देश
- कोल्हू संचालक को बड़ी चिमनी लगानी होगी।
- पॉलिथीन, रबड़ व प्लास्टिक जलाने पर तत्काल रोक।
- मानकों की अनदेखी करने पर कोल्हू संचालक पर कार्रवाई हो।
- ईंधन के रुप में खोई का प्रयोग किया जाए।
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति लेकर है जरूरी।
वर्जन--
कोल्हू संचालक सीपीसीबी की गाइड लाइन का पालन करें। खोई की जगह पॉलिथीन या रबड़ का प्रयोग न करें। ऊंची चिमनी लगाकर आसपास प्रदूषण होने से रोकें। यदि कोल्हू संचालक नियमों का पालन नहीं करेंगे तो निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। -आरके त्यागी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
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