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Meerut News: औद्योगिक गलियारे के लिए किसी कीमत पर नहीं देंगे जमीन
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खरखौदा में धरना स्थल पर हुई किसान पंचायत में मौजूद भीड़ (संवाद)
खरखौदा। औद्योगिक गलियारे के विरोध में छतरी मोड पर चल रहे किसानों के धरने पर शनिवार को महापंचायत हुई। इसमें किसानों ने कहा कि प्रशासन किसानों को गुमराह करके जमीन लेना चाहता है लेकिन किसी भी कीमत पर किसान अपनी जमीन नहीं देंगे। प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने जबरदस्ती की तो किसान टकराने के लिए तैयार हैं।
खरखौदा में छतरी मोड पर औद्योगिक गलियारे के विरोध में किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसानों का धरना करीब एक साल से चल रहा है। औद्योगिक गलियारे को लेकर दूसरे चरण की अधिग्रहण होने वाली जमीन के विरोध में शनिवार को खड़खड़ी, छतरी, गोविंदपुरी और खरखौदा के किसानों की महापंचायत गई। महापंचायत में राजकुमार नागर ने कहा कि प्रशासन किसानों को गुमराह करके जबरदस्ती जमीन लेना चाहता है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने जबरदस्ती कि तो किसान किसी भी टकराव के लिए तैयार हैं।
किसान गोली खाने को तैयार हैं लेकिन जमीन किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। प्रबोध शास्त्री ने किसानों को एक जुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि एकजुटता में ही ताकत है। यदि किसान एकजुट हैं तो प्रशासन अपनी मनमानी नहीं कर सकता। उन्होंने समय-समय पर रणनीति बनाकर किसानों को तैयार रहने के लिए आह्वान किया। महापंचायत की अध्यक्षता श्योराज सिंह त्यागी व संचालन किसान नेता मामचंद नागर ने किया। इस मौके पर लीलू नागर, श्योपाल सिंह, रमेश फौजी, व्रजपाल प्रधान मनोज काज़ीपुर, मनीष त्यागी, नरेश त्यागी शहीद कई लोग मौजूद रहे।
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5 हजार रुपये मीटर का कपड़ा पहनकर जमीन की कीमत लगा रहे 1600 रुपये मीटर
पंचायत में किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि अधिकारी पांच हजार रुपये मीटर का कपड़ा पहन रहे हैं और किसान की भूमिका का दाम लगा रहे हैं 1600 रुपए मीटर। किसान इंद्रमुनि त्यागी ने बताया कि यदि प्रशासन तानाशाही रवैया अपनाता हैं तो ईट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। यह हमारी मातृभूमि है इसका सौदा हम किसी भी कीमत पर नहीं करेंगे।
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खरखौदा में छतरी मोड पर औद्योगिक गलियारे के विरोध में किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसानों का धरना करीब एक साल से चल रहा है। औद्योगिक गलियारे को लेकर दूसरे चरण की अधिग्रहण होने वाली जमीन के विरोध में शनिवार को खड़खड़ी, छतरी, गोविंदपुरी और खरखौदा के किसानों की महापंचायत गई। महापंचायत में राजकुमार नागर ने कहा कि प्रशासन किसानों को गुमराह करके जबरदस्ती जमीन लेना चाहता है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने जबरदस्ती कि तो किसान किसी भी टकराव के लिए तैयार हैं।
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किसान गोली खाने को तैयार हैं लेकिन जमीन किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। प्रबोध शास्त्री ने किसानों को एक जुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि एकजुटता में ही ताकत है। यदि किसान एकजुट हैं तो प्रशासन अपनी मनमानी नहीं कर सकता। उन्होंने समय-समय पर रणनीति बनाकर किसानों को तैयार रहने के लिए आह्वान किया। महापंचायत की अध्यक्षता श्योराज सिंह त्यागी व संचालन किसान नेता मामचंद नागर ने किया। इस मौके पर लीलू नागर, श्योपाल सिंह, रमेश फौजी, व्रजपाल प्रधान मनोज काज़ीपुर, मनीष त्यागी, नरेश त्यागी शहीद कई लोग मौजूद रहे।
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5 हजार रुपये मीटर का कपड़ा पहनकर जमीन की कीमत लगा रहे 1600 रुपये मीटर
पंचायत में किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि अधिकारी पांच हजार रुपये मीटर का कपड़ा पहन रहे हैं और किसान की भूमिका का दाम लगा रहे हैं 1600 रुपए मीटर। किसान इंद्रमुनि त्यागी ने बताया कि यदि प्रशासन तानाशाही रवैया अपनाता हैं तो ईट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। यह हमारी मातृभूमि है इसका सौदा हम किसी भी कीमत पर नहीं करेंगे।

खरखौदा में धरना स्थल पर हुई किसान पंचायत में मौजूद भीड़ (संवाद)