यूपी: तीस साल पहले बंद हो चुके टेलीफोन के इस जिले में अचानक बढ़े खरीदार, अधिकारियों ने जताई खतरे की आशंका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वहीं इन टेलीफोन में सॉलिड मैग्नेट और कंडेक्टर टाइमिंग हैवी सर्किट होने की वजह से इसके दुरुपयोग की आशंका पर बीएसएनएल अधिकारियों ने पुलिस को इसकी सूचना दी है। पुलिस ने फोन खरीदने पहुंचे दो युवकों को हिरासत में लिया है।
पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। युवकों ने पुलिस को बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए एक टेलीफोन के बदले 20 हजार रुपये देने की बात कही गई थी जिसके बाद वे टेलीफोन खरीदने पहुंचे। फिलहाल साइबर प्रकोष्ठ ने खतरे की आशंका के चलते पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस टेलीफोन की मांग बढ़ने को लेकर अधिकारी भी आशंकित हैं। शुक्रवार को उनके पास दो युवक इस टेलीफोन की डिमांड को लेकर आए, तो उनसे पूछताछ की। इन युवकों ने बताया कि फेसबुक और व्हाट्सएप पर हमें एक फोन के बदले बीस हजार का ऑफर मिला है।
मामले की संदिग्धता को देखते हुए सिविल लाइन पुलिस को बुला लिया गया और दोनों युवकों को सौंप दिया गया। एसडीओ ने बताया कि इसमें सॉलिड मैग्नेट और कंडेक्टर टाइमिंग हैवी सर्किट होने की वजह से इसके दुरुपयोग का अंदेशा है। जो लोग खरीदने को कर रहे हैं, पुलिस को उन तक पहुंचना चाहिए।
तीस साल पहले हो चुके टेलीफोन बंद
ये रोटेरी डायल टेलीफोन 30 साल पहले बंद हो चुके हैं। एचएमटी कंपनी का यह पुराना डायल टेलीफोन काले रंग का होता था। अब इसका कोई यूज विभाग की किसी व्यवस्था में नहीं है।
तह तक जाने की कोशिश कर रही है साइबर क्राइम की टीम
एसपी सिटी सतपाल आंतिल ने बताया कि दूरसंचार विभाग के अधिकारियों की शिकायत के बाद दो युवकों से सिविल लाइन पुलिस ने पूछताछ की है। उन्होंने बताया कि युवकों ने टेलीफोन को म्यूजियम में प्रयोग करने की बात कही है, जिस व्यक्ति ने इसके बदले बीस हजार देने की बात की है।
किस फेसबुक आईडी और व्हाट्सएप से डिमांड आ रही है और अचानक इतनी अधिक डिमांड क्यों बढ़ी, इसके पीछे कौन है, साइबर क्राइम की टीम इसकी जांच रही है।