ट्रिपल तलाक मुद्दे पर कठघरे में कांग्रेस, फरहा फैज ने दिए 4 बड़े सवालों के जवाब
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ट्रिपल तलाक को लेकर 2015 में सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल करने वाली अधिवक्ता फरहा फैज का कहना है कि 1986 में सायरा बानो केस में कांग्रेस हिम्मत दिखाती तो मुस्लिम महिलाओं की यह दुर्दशा नहीं होती। मुस्लिम महिलाओं के लिए आज का दिन ईद से कम नहीं है। इस कानून के बाद करीब तीन तलाक के 99 प्रतिशत मामलों में अंकुश लगेगा।
आगे पेश है, फरहा फैज से अमर उजाला की हुई बातचीत के कुछ अंश।
- तीन तलाक पर कानून बनने के बाद मुस्लिम महिलाओं को कितना फायदा होगा?
मुस्लिम विरोधी टैग लगा होने के बाद मोदी सरकार ने तीन तलाक पर कानून लाकर मुस्लिम महिलाओं को सम्मान के साथ जीने का हक दिया है। पहले तीन बार तलाक देने के बाद आरोपी पकड़ में नहीं आते थे। अब उनके खिलाफ एफआईआर कराने के साथ तीन साल तक की सजा दिलाई जा सकेगी। यह कानून अल्लाह के इस्लाम की फतह और मौलवियों के इस्लाम के शिकस्त हैं।
- मुस्लिम समाज में बहु विवाह, निकाह हवाला, गुजारा भत्ता पर अब क्या रुख रहेगा?
यह पहली जीत है। यह लड़ाई अभी थमने वाली नहीं है। बहु विवाह और निकाह हवाला पर संघर्ष की तैयारी है। कट्टर पंथी मुल्लाओं ने धमकी देने के साथ मुझ पर जानलेवा हमला भी कराया।
- विपक्ष तीन तलाक के अध्यादेश को भाजपा का राजनीतिक स्टंट बता रहा है, ऐसा है क्या?
निसंदेह इसका क्रेडिट भी भाजपा को ही मिलेगा। सायरा बानो केस में कांग्रेस को यह मौका मिला था, लेकिन कांग्रेस ने मुस्लिम महिलाओं के हितों की अनदेखी की। कांग्रेस यह कदम उठाती तो यह गेंद भाजपा के पाले में नहीं जाती।
- क्या आपको राष्ट्रीय स्वयं संघ प्रमुख मोहन भागवत से गाइड लाइन मिलती रही है?
सही कहा आपने। राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाते अनेक बार संघ प्रमुख मोहन भागवत का सानिध्य मिला है। उनके बताए मूल मंत्रों पर चलकर तीन तलाक पर यह जीत हासिल हुई है।
आगे पढ़िए तीन तलाक के फैसले पर कुछ मंत्रियों की प्रतिक्रिया:-
सरकार का कदम बेहद सही है। अध्यादेश लाकर सरकार ने महिलाओं का मान बढ़ाया है। -डॉ. सत्यपाल सिंह, केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री।
महिलाओं के लिए यह बहुत बड़ी आजादी है। नारी सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार का यह एक एतिहासिक कदम है। -सुरेश राणा, गन्ना विकास राज्यमंत्री, यूपी सरकार।
यह मसला मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़ा है। मोदी सरकार ड्रामेबाजी करके लोगों का ध्यान मूल मुद्दों से हटाना चाहती है। -इमरान मसूद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, यूपी कांग्रेस कमेटी
केंद्र के लिए तीन तलाक न्याय का नहीं, बल्कि राजनीतिक मुद्दा है। हितैषी हैं तो सच्चर कमेटी की सिफारिशें लागू करें। -पंकज मलिक, कांग्रेस के पूर्व विधायक, शामली।
कानून पास नहीं हुआ तो अध्यादेश लाए हैं। सरकार मुस्लिम महिलाओं का शोषण नहीं होने देंगी। -राजेद्र अग्रवाल, भाजपा सांसद, मेरठ।
हम कुरआन व शरीयत को मानते हैं। कानून इनके खिलाफ होगा तो कतई नहीं माना जाएगा। पहले हम इस कानून का अध्ययन करेंगे। -प्रो. जैनुस साजिदीन, शहर काजी मेरठ।
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