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Meerut News: जहां आंखों में चुभते थे गंदगी के कांटे, वहां अब महक रहे फूल
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नेहरू पार्क के बाहर हस्तिनापुर की सुंदरता दर्शाता फव्वारा स्रोत संवाद
(पर्यावरण दिवस विशेष)
- कचरे से हरियाली तक, नेहरू पार्क बना हस्तिनापुर की नई पहचान
रविंद्र चौहान
हस्तिनापुर। ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर का नेहरू पार्क आज हरियाली, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बन चुका है। कभी उपेक्षा, गंदगी और दुर्गंध का पर्याय रहे इस पार्क ने पिछले दो वर्षों में ऐसा कायाकल्प देखा है कि अब यह नगरवासियों के लिए पसंदीदा स्थल बन गया है। विश्व पर्यावरण दिवस पर यह पार्क स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण की एक सफल मिसाल प्रस्तुत कर रहा है।
बताया जाता है कि प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने हस्तिनापुर और चंडीगढ़ को विकसित शहरों के रूप में देखने का सपना देखा था। इसी क्रम में 6 फरवरी 1949 को दोनों नगरों की आधारशिला रखी गई थी। हस्तिनापुर में जिस स्थान पर नेहरू ने विकास की नींव रखी थी, वह स्थल आज नेहरू पार्क के नाम से जाना जाता है। समय के साथ पार्क की स्थिति खराब होती चली गई, लेकिन नगर पंचायत चेयरपर्सन सुधा खटीक ने इसे संवारने का बीड़ा उठाया। शासन से प्राप्त संसाधनों और नगर पंचायत के प्रयासों से पार्क का व्यापक सुंदरीकरण कराया गया। यहां रंग-बिरंगे फूलों की फुलवारी, छायादार पौधे, आकर्षक रनवे, बैठने के लिए बेंच, प्रकाश व्यवस्था, ओपन जिम और हस्तिनापुर की पहचान दर्शाने वाला फव्वारा लगाया गया है। एक वर्ष में इस पार्क को संवारने पर 50 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
पार्क के रखरखाव, सिंचाई और सफाई का खर्च भी नगर पंचायत वहन कर रही है। परिणामस्वरूप आज यह पार्क सुबह-शाम टहलने वालों, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का पसंदीदा केंद्र बन गया है। पर्यावरण संरक्षण और जनसहभागिता का यह मॉडल नगर के अन्य सार्वजनिक स्थलों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। संवाद
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( हस्तिनापुर के लोगों ने क्या कहा)
-पहले यहां गंदगी और अव्यवस्था रहती थी। अब पार्क की हरियाली और स्वच्छ वातावरण लोगों को आकर्षित कर रहा है। -विनोद राठी
-सुबह की सैर के लिए यह सबसे अच्छी जगह बन गई है। फूलों और पौधों से वातावरण भी शुद्ध रहता है। -हरीश कुमार
-ओपन जिम और रनिंग ट्रैक युवाओं के लिए बहुत उपयोगी हैं। इससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। -जेपी बैसला
- नेहरू पार्क का बदलाव सराहनीय है। यह केवल पार्क नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का जीवंत उदाहरण है। -सुभाष
-नेहरू पार्क को हराभरा और सुंदर बनाना हमारी प्राथमिकता रही है। पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य है। यह हस्तिनापुर की प्राचीन विरासत में शामिल है। -सुधा खटीक, चेयरपर्सन, नगर पंचायत, हस्तिनापुर
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- कचरे से हरियाली तक, नेहरू पार्क बना हस्तिनापुर की नई पहचान
रविंद्र चौहान
हस्तिनापुर। ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर का नेहरू पार्क आज हरियाली, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बन चुका है। कभी उपेक्षा, गंदगी और दुर्गंध का पर्याय रहे इस पार्क ने पिछले दो वर्षों में ऐसा कायाकल्प देखा है कि अब यह नगरवासियों के लिए पसंदीदा स्थल बन गया है। विश्व पर्यावरण दिवस पर यह पार्क स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण की एक सफल मिसाल प्रस्तुत कर रहा है।
बताया जाता है कि प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने हस्तिनापुर और चंडीगढ़ को विकसित शहरों के रूप में देखने का सपना देखा था। इसी क्रम में 6 फरवरी 1949 को दोनों नगरों की आधारशिला रखी गई थी। हस्तिनापुर में जिस स्थान पर नेहरू ने विकास की नींव रखी थी, वह स्थल आज नेहरू पार्क के नाम से जाना जाता है। समय के साथ पार्क की स्थिति खराब होती चली गई, लेकिन नगर पंचायत चेयरपर्सन सुधा खटीक ने इसे संवारने का बीड़ा उठाया। शासन से प्राप्त संसाधनों और नगर पंचायत के प्रयासों से पार्क का व्यापक सुंदरीकरण कराया गया। यहां रंग-बिरंगे फूलों की फुलवारी, छायादार पौधे, आकर्षक रनवे, बैठने के लिए बेंच, प्रकाश व्यवस्था, ओपन जिम और हस्तिनापुर की पहचान दर्शाने वाला फव्वारा लगाया गया है। एक वर्ष में इस पार्क को संवारने पर 50 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
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पार्क के रखरखाव, सिंचाई और सफाई का खर्च भी नगर पंचायत वहन कर रही है। परिणामस्वरूप आज यह पार्क सुबह-शाम टहलने वालों, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का पसंदीदा केंद्र बन गया है। पर्यावरण संरक्षण और जनसहभागिता का यह मॉडल नगर के अन्य सार्वजनिक स्थलों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। संवाद
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( हस्तिनापुर के लोगों ने क्या कहा)
-पहले यहां गंदगी और अव्यवस्था रहती थी। अब पार्क की हरियाली और स्वच्छ वातावरण लोगों को आकर्षित कर रहा है। -विनोद राठी
-सुबह की सैर के लिए यह सबसे अच्छी जगह बन गई है। फूलों और पौधों से वातावरण भी शुद्ध रहता है। -हरीश कुमार
-ओपन जिम और रनिंग ट्रैक युवाओं के लिए बहुत उपयोगी हैं। इससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। -जेपी बैसला
- नेहरू पार्क का बदलाव सराहनीय है। यह केवल पार्क नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का जीवंत उदाहरण है। -सुभाष
-नेहरू पार्क को हराभरा और सुंदर बनाना हमारी प्राथमिकता रही है। पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य है। यह हस्तिनापुर की प्राचीन विरासत में शामिल है। -सुधा खटीक, चेयरपर्सन, नगर पंचायत, हस्तिनापुर