...जब यूपी के गवर्नर बोले, लड़कों पढ़ लो नहीं तो मांगना पड़ेगा आरक्षण
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मेरठ। सीसीएसयू के 29वें दीक्षांत समारोह में जब मेधावियों को पदक और प्रशस्ति पत्र मिले तो उनके चेहरे खुशी से चमक उठे। 141 पदक में से 102 पदक पर लड़कियों का कब्जा रहा। कुलाधिपति राम नाईक ने पदक पाने वालों में लड़कियों की संख्या अधिक देखकर लड़कों को पढ़ने की नसीहत दी। कहा, लड़कों पढ़ लो नहीं तो आरक्षण मांगना पड़ेगा। पहले लड़कियों के दो करियर टीचिंग और नर्स होते थे। अब वह हर क्षेत्र में हैं। वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भूपेंद्र चौधरी को मानद उपाधि दी गई। दीक्षांत समारोह दो चरणों में हुआ। पहले चरण में कुलाधिपति ने अपने हाथ से 40 पदक दिए। इसके बाद कुलपति ने छात्रों को पदक बांटे।
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कुलाधिपति ने छात्रों के सामने पढ़ाई में लैंगिक अनुपात रखा। बताया दीक्षांत में कुल एक लाख 37 हजार 626 छात्र-छात्राओं को डिग्री अवार्ड की जा रही है। इनमें लड़कों की संख्या 57201 (42 प्रतिशत) और लड़कियों की संख्या 80455 (58 प्रतिशत) है। समाज में परिवर्तन हो रहा है। लड़कियां की संख्या पढ़ने और आगे बढ़ने में अधिक है। समारोह में 141 पदकों में से 102 लड़कियों ने हासिल किए हैं।
पढ़ाई खत्म, जिंदगी की लड़ाई शुरू
कुलाधिपति ने छात्रों से कहा पढ़ाई खत्म होने के बाद वह जिंदगी की लड़ाई में शामिल होने जा रहे हैं। समाज सेवा की भावना रखें। राजनीति में भी आएं। अच्छे राजनेताओं की जरूरत है। यहां भी अच्छे लोग आने चाहिए। समय के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। कठोर परिश्रम, प्रमाणिकता और पारदर्शिता के साथ काम करें। शार्टकट न अपनाएं। असफल हो जाएं तो विश्लेषण करें। दूसरों से सलाह लें। हिम्मत कभी न हारें। अब आपको पंख लग गए हैं। उड़ान भरो।
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