...जब 85 वीरों ने लगा दी थी प्राणों की बाजी, आज क्रांति दिवस पर करें शहीदों को पुष्प अर्पित
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मेरठ में अंग्रेजों की गुलामी की बेड़ियों से भारत माता को आजाद कराने के लिए 10 मई 1857 को क्रांति का बिगुल मेरठ से बजा था। वीरों ने आजादी की लड़ाई में आगे बढ़कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम सदा के लिए अमर कर दिया। पहले स्वाधीनता संग्राम में मेरठ के 85 वीरों ने प्राणों की बाजी लगा दी। बाबा औघड़नाथ मंदिर में इन शहीदों की याद में बना शहीद स्तंभ आज भी उन क्रांतिवीरों की यादों को जेहन में ताजा करता है। क्रांति के सभी मतवालों को आज 10 मई क्रांति दिवस पर शहर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देगा।
औघड़नाथ मंदिर में शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी जाएगी
हर वर्ष की तरह अमर उजाला के अभिनव अभियान मां तुझे प्रणाम का आगाज 10 मई क्रांति दिवस से हो रहा है। सुबह 9.30 बजे औघड़नाथ मंदिर में शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी जाएगी। आप भी शहीदों को पुष्प अर्पित कर इसमें शामिल हों। 10 मई से 15 अगस्त तक अमर उजाला की ओर से विभिन्न आयोजन होते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से जंग-ए-आजादी के दीवानों को याद कर उन्हें पूरा शहर नमन करता है। क्रमश: 8 सालों से अधिक वर्षों का लंबा सफर तय कर चुका मां तुझे प्रणाम का महाअभियान आप सभी के सहयोग से आगे बढ़ रहा है। इस महाभियान में शहर के हर वर्ग के व्यक्ति ने अपनी अभूतपूर्व भागीदारी निभाई है। अभियान सफलता के नए आयामों को छू रहा है। कवि सम्मेलन एवं मुशायरा, जश्न ए आजादी एवं 15 अगस्त की सुबह पूरा शहर एक साथ 52 सेकेंड के लिए रुककर राष्ट्रगान गाकर शहीदों को नमन करता है। हर वर्ष पुरुष, बच्चे व महिला देश के सबसे बड़े राष्ट्रगान में भाग लेते हैं।