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West UP: मुसलमानों ने 15 मिनट के लिए बंद कर दीं घरों और दुकानों की लाइटें, जानें क्यों ऐसा किया
Thu, 01 May 2025 12:34 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 01 May 2025 12:34 AM IST
सार
वक्फ कानून संशोधन के खिलाफ मुसलमानों ने विरोध जताते हुए नौ बजे से सवा नौ बजे तक लाइटें ऑफ कर दीं। इस कानून को मुसलमानों के खिलाफ बताया।
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बिजली (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
वक्फ कानून के खिलाफ मुस्लिम समाज के लोगों ने 15 मिनट के लिए घरों-दुकानों की लाइट बंद रखीं। यह मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर किया गया। मेरठ, शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर समेत कई जिलों में ऐसा किया गया।
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मुस्लिम बहुल इलाकों में बुधवार रात 9 बजे से 9:15 तक घर और दुकानों की लाइटों को बंद किया गया। मेरठ में इस्लामाबाद, अहमदनगर, ज़ाकिर कॉलोनी, श्याम नगर, किदवई नगर, आशियाना कॉलोनी, खैरनगर, हाशिम पुरा आदि क्षेत्रों में इस तरह 15 मिनट के लिए विरोध दर्ज कराया गया। एआईएमआईएम के कार्यकताओं ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में लोगों से लाइट बंद कर ब्लैकआउट की अपील भी की।
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वहीं, शहर काजी डॉ. जैनुस सालिकीन सिद्दीकी ने कहा कि वक्फ एमेंडमेंट बिल 2025 का खामोशी से बत्ती गुल कर के विरोध किया गया, जिसका समर्थन तमाम मुस्लिम लोगों ने किया।
कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कहा कि वक्फ कानून इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ है। यह मुस्लिम समुदाय के अधिकारों और धार्मिक संपत्तियों में सरकार की दखलअंदाजी को बढ़ावा देगा। यह सिर्फ एक समुदाय का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का मुद्दा है। सरकार जब तक कानून को वापस नहीं लेती, शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा।
कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कहा कि वक्फ कानून इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ है। यह मुस्लिम समुदाय के अधिकारों और धार्मिक संपत्तियों में सरकार की दखलअंदाजी को बढ़ावा देगा। यह सिर्फ एक समुदाय का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का मुद्दा है। सरकार जब तक कानून को वापस नहीं लेती, शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा।