गर्मी ने तोड़ा रिकॉर्ड: आसमान से बरस रही आग, लू के थपेड़ों से लोग परेशान, वेस्ट यूपी में जल्द बारिश के आसार
गर्मी ने फिर तोड़ा रिकॉर्ड : मंगलवार को दिनभर आसमान से आग बरसती रही और लोग लू के थपेड़ों से परेशान रहे। पश्चिमी यूपी में जल्द ही बारिश के आसार है।
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सीजन में मंगलवार का दिन सबसे गर्म रहा है। गर्मी का असर सुबह से शुरू हुआ और रात तक बना रहा। जहां दिनभर आसमान से आग बरसती रही तो वहीं लोग लू से भी परेशान रहे। बताया गया कि बुधवार से थोड़ी राहत के आसार है, जबकि 25 और 26 मई को 15 से 20 मिमी बारिश होने की संभावना है। वहीं, मेरठ में मंगलवार को बेगमपुल सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा।
मंगलवार को दिनभर गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच मौसम गर्म बना रहा। शाम को सूरज ढलने के बाद भी गर्मी से राहत नहीं मिली है। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री व न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश होने के बाद ही गर्मी से राहत मिलेगी।
बाजारों में कम रही रौनक, दिखा गर्मी का असर
मौसम के तेवर फिर से तल्ख हो गए है। गर्मी के बढ़ने के कारण दोपहर के समय शहर की सड़कों पर कर्फ्यू सा लग गया। बाजारों में रौनक कम दिखी। वहीं, तापमान पहली बार 41.5 डिग्री पर पहुंचा। जिस कारण से सड़कों और बाजारों पर गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। गर्मी के बढ़ने के कारण आमजन परेशान है और जनजीवन पर भी प्रभावित हो रहा है।
आगामी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 24-28 मई के दौरान पश्चिमी यूपी के अधिकांश हिस्सों में तेज झोंकेदार हवाओं/ आंधी (30-40) किलोमीटर प्रति घंटा के साथ ज्यादातर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वर्षा की मात्रा 25 मिमी तक हो सकती है। अगले पांच दिन तक किसी भी खड़ी फसल में सिंचाई व रसायन छिड़काव करना उचित नहीं होगा। - डॉ. यूपी शाही, मौसम वैज्ञानिक कृषि विवि
गर्मी से करें बचाव
- लू से बचने के लिए पूरे कपड़े पहन कर निकलें
- सिर और मुंह को ढककर निकलें और आंखों पर चश्मा के प्रयोग करें
- बाहर कोई भी ठंडी चीज का प्रयोग न करें
- धूप में निकलते समय छाता अवश्य रखें
- कड़ी धूप और लू में गन्ने के रस के सेवन से बचें
- छोटे बच्चों को भी लू से बचाएं, बुर्जुग भी जरूरी काम से ही बाहर निकलें
- एसी में बैठकर बाहर धूप में न निकलें
- गर्मी के दिनों में बार-बार पानी पीते रहना जरूरी
साइलेंट डिहाइड्रेशन से बचें
जिला अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर दिव्यांशु सेंगर ने बताया कि आजकल लोगों में साइलेंट डिहाइड्रेशन की समस्या बहुत आम हो गई है। इसमें शरीर में पानी की कमी होने लगती है। हमें पता ही नहीं चलता और इसका सीधा असर हमारे व्यक्तित्व पर पड़ता है। इस मौसम में तालमेल बैठाने की आवश्यकता होती है। यह समस्या तब ज्यादा होती है, जब हम गर्मी से तालमेल नहीं बैठा पाते हैं। घंटों एसी में बिताने के बाद जब हम गर्मी में बाहर निकलते हैं तो शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। व्यस्तता के कारण हमें इसका पता ही नहीं चलता है। यह परेशानी किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है।
बताया गया कि चिड़चिड़ापन, मांसपेशियों में दर्द, आंखों में जलन, जोड़ों में दर्द और सिर में दर्द आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं। इस समस्या से बचने के लिए समय-समय पर पानी अधिक से अधिक पीते रहें। पानी में आरएस या कोई अन्य एनर्जी बूस्टर मिलाकर पी सकते हैं। इससे पानी की कमी के कारण जिन पोषक तत्वों की कमी हुई थी, उन्हें पूरा किया जा सकेगा। ज्यादा कमजोरी आने पर आप चिकित्सक से परामर्श ले सकते हैं।
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बेगमपुल रहा सबसे ज्यादा प्रदूषित, एक्यूआई 310 पहुंचा
बढ़ती गर्मी की मार के साथ प्रदूषण का स्तर भी बढ़ता जा रहा है। सोमवार को मेरठ का 272 था, लेकिन मंगलवार को थोड़ा कम हुआ तो 250 पर आ गया। हालांकि, अभी भी एनसीआर में प्रदूषण का स्तर सामान्य से ऊपर पहुंच रहा है। बागपत 295, गाजियाबाद 195, मुजफ्फरनगर 246 दर्ज किया है। इसके अलावा सबसे ज्यादा प्रदूषित बेगमपुल रहा। यहां पर एक्यूआई 310, दिल्ली रोड 294, जयभीमनगर 233, गंगानगर 240, पल्लवपुरम 267 दर्ज किया गया।
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शहर में ये रहा प्रदूषण का हाल
बेगमपुल 310
दिल्ली रोड 295
जयभीमनगर 233
गंगानगर 240
पल्लवपुरम 267
मेडिकल 275
तेजगढ़ी 279
हापुड़ चौराहा 302