Weather News: ठंड ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड, शीतलहर से कांप रहे लोग, मौसम वैज्ञानिक ने जताई ये बड़ी संभावना
Weather News : ठंड ने इस बार 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वहीं शीतलहर के चलते लोग कांप रहे हैं। उधर, मौसम वैज्ञानिक ने ये बड़ी संभावना जताई है।
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शीतलहर के चलते मेरठ शहर और आसपास के क्षेत्रों के लोग ठंड से कांप उठे। बर्फीली हवाओं का असर मैदान तक दिखाई दिया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पिछले 15 साल में क्रिसमस पर अधिकतम तापमान सबसे कम 13.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सामान्य तापमान से भी पारा 7 डिग्री तक गिर गया। इसके चलते रविवार और सोमवार को लोग कंप-कंपाते रहे। रविवार को दिन छिपते ही पाले का भी असर दिखने लगा था। यह ठंड का ही असर रहा कि अवकाश का दिन होने के बावजूद अधिकतर लोग घरों से बाहर ही नहीं निकले।
कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि नए साल तक ठंड की ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी से मैदानी क्षेत्र में भी सर्द हवाएं असर दिखा रही हैं। यदि दिन का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है तो इसे कोल्ड-डे कंडीशन कहा जाता है। रात का न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य रहा। वहीं, मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 239 दर्ज किया गया। पल्लवपुरम सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा है। यहां का एक्यूआई 358, जयभमीनगर 257 और गंगागरर 107 रहा है।
इस सप्ताह कोहरा भी अधिक रहेगा
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है कि इस सप्ताह कुछ स्थानों पर कोहरा अधिक रहने की संभावना है। सर्द हवाएं भी चलेंगी। ऐसे में ठंड से बचाव बेहद जरूरी है। रात के तापमान में अभी और गिरावट की संभावना है। दिन का तापमान भी सामान्य से कम ही रहेगा।
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अब ठंड से बचाव जरूरी
सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर का कहना है कि इस ठंड में सेहत का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। सांस और ब्लड प्रेशर के मरीजों को ठंड से बचना चाहिए। अस्थमा के मरीजों को कमरे के अंदर रूम हीटर के प्रयोग से बचना चाहिए। दिन में धूप निकलने पर कुछ देर के लिए धूप में जरूर रहें। दिल के मरीजों को भी सजग रहना होगा। ऐसे मरीज समय-समय पर अपने चिकित्सक की सलाह लेते रहें।
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आलू की फसल पर पड़ेगा प्रभाव
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के तकनीकी अधिकारी अशोक चौहान का कहना है कि लगातार कोहरे और दिन में धूप न निकलने से आलू की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आलू की फसल पर झुलसा रोग प्रभाव न दिखाए, इसके लिए समय से वैज्ञानिक सलाह के साथ जरूरी उपचार जरूर करें।
पिछले 15 साल का अधिकतम तामपान
वर्ष तापमान
2008 20.5
2009 16.3
2010 16.8
2011 17.2
2012 14.3
2013 15.8
2014 15.3
2015 18.0
2016 16.2
2017 19.2
2018 18.0
2019 15.1
2020 21.0
2021 22.2
2022 13.4
सोमवार को भी ऐसे ही सर्द हवाएं चलेंगी। इसके बाद चार दिन तक कोहरे और दिन में धूप निकलने के आसार हैं। 29 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ की संभावना है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। इस कारण मैदानी क्षेत्रों में 30 दिसंबर से तीन जनवरी तक ठंड बढ़ेगी। - डॉ. यूपी शाही, मौसम वैज्ञानिक कृषि विवि