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मौसम में बदलाव... बढ़ रहे त्वचा और पेट के बीमार
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मौसम में बदलाव... बढ़ रहे त्वचा और पेट के बीमार
मेरठ। मौसम के बदलाव के साथ ही बीमारियां भी बढ़ने लगी हैं। सबसे अधिक त्वचा और पेट की के रोगी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में तीन हजार से ज्यादा मरीजों का उपचार किया गया। इनमें भी त्वचा और पेट के बीमार अधिक मिले। पहली बार रक्तदान शिविर भी लगाया गया। इनमें 358 लोगों ने रक्तदान किया। मेले में 1494 लोगों की कोरोना की जांच हुई। किसी में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि हेपेटाइटिस बी और सी के पांच मरीज मिले।
रक्तदान के लिए तीन स्थानों पर शिविर लगाए गए थे। इनमें संजयनगर अर्बन हेल्थ सेंटर पर 23 यूनिट, नंगला बट्टू पर 137 यूनिट और बुढ़ाना गेट तहसील पर 198 यूनिट रक्तदान किया गया। वहीं, 57 स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए गए मेले में कुल 3230 मरीज पहुंचे। इनमें 1176 पुरुष, 1667 महिलाएं और 387 बच्चे थे।
परीक्षण में 782 त्वचा के बीमार निकले, जबकि 328 पेट रोगी मिले। चिकित्सकों ने इसकी वजह गलत खानपान और खराब दिनचर्या बताया। 507 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए गए। 30 कुपोषित बच्चे चिह्नित किए गए। सांस रोगी 249, संभावित टीबी के 27 मरीज पहुंचे। इनके अलावा खून की कमी के 72, लीवर के 131, गर्भवती महिलाएं 212 पहुंचीं। हेपेटाइटिस बी के संदेह में 177 की जांच हुई, दो मरीज मिले। हेपेटाइटिस सी के 119 लोगों की जांच की गई, जिनमें से तीन को पुष्टि हुई। मेले में 88 लोगों की आंखों की जांच की गई। बाकी मरीज अन्य बीमारियों के रहे।
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मेरठ। मौसम के बदलाव के साथ ही बीमारियां भी बढ़ने लगी हैं। सबसे अधिक त्वचा और पेट की के रोगी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में तीन हजार से ज्यादा मरीजों का उपचार किया गया। इनमें भी त्वचा और पेट के बीमार अधिक मिले। पहली बार रक्तदान शिविर भी लगाया गया। इनमें 358 लोगों ने रक्तदान किया। मेले में 1494 लोगों की कोरोना की जांच हुई। किसी में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि हेपेटाइटिस बी और सी के पांच मरीज मिले।
रक्तदान के लिए तीन स्थानों पर शिविर लगाए गए थे। इनमें संजयनगर अर्बन हेल्थ सेंटर पर 23 यूनिट, नंगला बट्टू पर 137 यूनिट और बुढ़ाना गेट तहसील पर 198 यूनिट रक्तदान किया गया। वहीं, 57 स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए गए मेले में कुल 3230 मरीज पहुंचे। इनमें 1176 पुरुष, 1667 महिलाएं और 387 बच्चे थे।
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परीक्षण में 782 त्वचा के बीमार निकले, जबकि 328 पेट रोगी मिले। चिकित्सकों ने इसकी वजह गलत खानपान और खराब दिनचर्या बताया। 507 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए गए। 30 कुपोषित बच्चे चिह्नित किए गए। सांस रोगी 249, संभावित टीबी के 27 मरीज पहुंचे। इनके अलावा खून की कमी के 72, लीवर के 131, गर्भवती महिलाएं 212 पहुंचीं। हेपेटाइटिस बी के संदेह में 177 की जांच हुई, दो मरीज मिले। हेपेटाइटिस सी के 119 लोगों की जांच की गई, जिनमें से तीन को पुष्टि हुई। मेले में 88 लोगों की आंखों की जांच की गई। बाकी मरीज अन्य बीमारियों के रहे।
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