फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Weapons Smuggling

विदेशी हथियारों की तस्करी का सीधा इंटरनेशनल कनेक्शन

Mon, 01 May 2017 10:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Mon, 01 May 2017 10:22 AM IST
विज्ञापन
Weapons Smuggling
रिटायर कर्नल की कोठी से बरामद हथियार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूराो

रिटायर्ड कर्नल देवेन्द्र कुमार के यहां मिले हथियार और कारतूसों के जखीरे का सीधा इंटरनेशनल कनेक्शन सामने आ रहा है। इस कोठी में हुई कई पार्टियों में भी विदेशी लोग शामिल रहे थे। खुफिया तंत्र के रडार पर अब कई ऐसे नामी लोग हैं। नेता से लेकर अभिनेता तक पर खुफिया विभाग की निगाह है।

विज्ञापन


सिविल लाइन की यह कोठी हालांकि कई बार पार्टियों के आयोजन को लेकर चर्चा में आई पर अब इस नए खुलासे के बाद सभी की निगाहें उन पार्टियाें में शामिल हुए लोगाें पर भी फोकस करने लगी हैं। दरअसल कर्नल की कोठी में मिले असलाह विदेशी थे। उधर आईजीआई एयरपोर्ट पर पकड़े गए विदेशी तस्कराें से भी 25 विदेशी हथियार मिले थे। उनका सीधा संबंध कर्नल की कोठी से था। उन्हीं की निशानदेही पर मेरठ की इस कोठी से लेकर दिल्ली तक में छापेमारी हुई।
विज्ञापन


डीआरआई ने जो लिंक निकाले हैं उसके मुताबिक इस पूरी टीम का इंटरनेशनल कनेक्शन सामने आ रहा है। इस्तांबुल से लेकर स्लोवेनिया तक इसकेतार जुड़े हैं। स्लोवेनिया गणराज्य मध्य यूरोप में है जिसमें गत सालों में प्रवासियों के घुसने पर रोक लगा दी थी। आस्ट्रिया, क्रोएिशा जैसे देश भी प्रवासियों पर कई बार प्रतिबंध लगा चुकेहैं। इसके बाद हथियारों के तस्करों ने नया नेटवर्क डेवलप किया और वाया इस्तांबुल इस पर काम शुरू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब कई शूटर भी रडार पर
भले
ही मेरठ पुलिस इस मामले में ठंडी पड़ी हो पर खुफिया टीमाें ने इस पर काम शुरू कर दिया है। आईबी की टीम इस पर अलग से काम में जुट गई है तो एसआईयू ने भी इस पर काम शुरू किया है। ऐसे कई शूटरों की कुंडली खंगाली जा रही है जो कर्नल के बेटे शूटर प्रशांत के साथ रहे। प्रशंात ने बिहार में नीलगायों को मारने का जो ऑपरेशन चलाया था उसमें हैदराबाद की टीम भी थी। हैदराबाद निवासी शफक अली खां इस टीम में  प्रशांत के साथ थे। एजेंसियां वहां जाकर शफक से भी पूछताछ कर सकती हैं। इतनी संख्या में यहां कारतूस मिलना अहम सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि इंडियन राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के नियमानुसार जाने माने शूटर पचास हजार तक कारतूस रख सकते हैं पर इस मानक पर प्रशांत कितना खरा उतर रहा है इसकी जांच पर भी काम शुरू हो गया है।


पार्टियाें की फुटेज की तलाश कंप्यूटर से
वैसे
तो टीमें कर्नल की कोठी से जब्त कंप्यूटर से सारे राज तलाश कर ही हैं पर असली तलाश उन पार्टियों की वीडियो की है जो इस कोठी पर हुई थी। चुनावों के दौरान हुई पार्टी में कई नेता भी शामिल रहे थे। इससे पहले हुई पार्टियों में विदेशी लोग भी नजर आए थे। टीम को तलाश है कि यदि कंप्यूटर से कुछ चेहरे स्पष्ट हो गए तो इनसे पूछताछ की जा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed