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कमजोर खिड़की-दरवाजे, छत तक पहुंच रही थी टहनियां

Fri, 04 Sep 2020 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2020 12:21 AM IST
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Weak window-doors, twigs reaching the roof
बिजनौर में अस्थाई जेल से चार बंदियों के फरार होने के बाद पुलिसकर्मियों से पूछताछ करते एसपी डा.धर् - फोटो : BIJNOR
कमजोर खिड़की-दरवाजे, छत तक पहुंच रही थी टहनियां
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बिजनौर। अस्थायी जेल की खिड़की और दरवाजे कमजोर थे। पेड़ों की टहनियां भी छत तक पहुंच रही थी। थाना कोतवाली पुलिस ने इस संबंध में अफसरों को पत्र लिखकर बताया भी था कि पेड़ों की टहनियां अस्थायी जेल से सटी हैं और कोई भी बंदी छत के सहारे पेड़ से नीचे उतरकर फरार हो सकता है। इतना ही नहीं यह भी बताया था कि खिड़की इतनी कमजोर है कि कोई भी बंदी उन्हें तोड़कर भी भाग सकता है। इसके बाद भी किसी ने ध्यान नहीं दिया।
कोविड 19 के तहत अप्रैल माह में इंदिरा बाल भवन के शेल्टर होम में अस्थायी जेल बनाई गई थी। गिरफ्तारी के बाद जेल भेजे जाने वाले अपराधियों को पहले 14 दिन तक अस्थायी जेल क्वारंटीन कराया जाता है। इसके बाद ये बंदी जिला कारागार में भेजे जाते हैं। इस समय अस्थायी जेल में 93 बंदी हैं। अप्रैल माह में इंदिरा बाल भवन के पास बने रैन बसेरे में अस्थायी जेल बनने के बाद से इसकी सुरक्षा पर उंगली उठने लगी थी। शहर कोतवाल रमेश चंद शर्मा ने 15 मई को एसपी को पत्र लिखकर कहा था कि अस्थायी जेल के पीछे का भाग पूरी तरह खुला है। दीवार के सहारे एक बड़े पेड़ की मोटी टहनियां अस्थायी जेल की छत को स्पर्श कर रही हैं। जेल में बंद कोई भी बंदी छत पर चढ़कर पेड़ के सहारे नीचे उतर कर फरार हो सकता है। उन्होंने जेल के पीछे व आगे एक-एक गार्द लगाने की बात कही थी। एसपी सिटी लक्ष्मी निवास मिश्र ने 18 मई को ही डीएफओ, डीएम व एडीएम प्रशासन को पत्र लिखकर अस्थायी जेल से सटे पेड़ों की टहनियों को कटवाने को कहा था, लेकिन टहनियां नहीं काटी गईं। अस्थायी जेल से फरार बंदियों ने पहले जीने का दरवाजा तोड़ा और छत पर पहुंचे। वहां से बड़ी आसानी से पेड़ के सहारे नीचे उतरे और फरार हो गए।
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एक चोरी और तीन आर्म्स एक्ट में थे बंद
बिजनौर। अस्थाई जेल से फरार फरमान का आर्म्स एक्ट में कोतवाली देहात पुलिस ने 28 अगस्त को चालान किया था। इसी दिन उसे कोर्ट से अस्थायी जेल भेजा गया था। कुलवीर उर्फ पंकज को बढ़ापुर पुलिस ने 27 अगस्त को चोरी में चालान करके कोर्ट भेजा था। कुलवीर को भी कोर्ट से उसकी दिन अस्थायी जेल भेल दिया गया। संजू को कोतवाली देहात पुलिस ने आर्म्स एक्ट में चालान करके कोर्ट भेजा था। अक्षय उर्फ गोलू को 28 अगस्त को नगीना देहात पुलिस ने आर्म्स एक्ट में चालान करके कोर्ट भेजा था।

बिजनौर में अस्थाई जेल से चार बंदियों के फरार होने के बाद पुलिसकर्मियों से पूछताछ करते एसडीएम।

बिजनौर में अस्थाई जेल से चार बंदियों के फरार होने के बाद पुलिसकर्मियों से पूछताछ करते एसडीएम।- फोटो : BIJNOR

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