बाबा रामदेव कहते हैं कि भारत की 50 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था पर अभी भी विदेशी कंपनियों काबिज हैं। इसमें करीब 15-20 लाख पर तो अकेले चीन का कब्जा है। चीन को उखाड़ने के लिए भारत को दुनिया का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनना होगा। जब हम ज्यादा से ज्यादा निर्माण करेंगे तभी तो नंबर वन बनेंगे। इससे देश में रोजगार भी बढ़ेगा।
चीन को उखाड़ने के लिए बनना होगा सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब: बाबा रामदेव
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योगीजी से बहुत अपेक्षाएं
अच्छी बात है कि आजादी के बाद देश के सबसे बड़े सूबे का मुख्यमंत्री कोई योगी बनता है। योगियों के लिए यह फक्र की बात है। योगीजी से बहुत अपेक्षाएं हैं। हम आशा और विश्वास रखते हैं कि वो हर अपेक्षा पर खरे उतरेंगे। योगीजी के हाथ किसी ने नहीं बांधे हैं। औद्योगिक क्षेत्र में प्रदेश लगातार विकास कर रहा है।
हमारे पूर्वज थे हनुमानजी
हनुमान की जाति पर आ रहे बयानों पर बाबा रामदेव ने कहा कि हनुमानजी हमारे पूर्वज थे। पूर्वजों को किसी जाति में नहीं ढालना चाहिए। हनुमानजी जिस समय थे, उस समय कोई जाति या वर्ण व्यवस्था नहीं थी।
लोग कहते हैं बाबा हर चीज का विकल्प उपलब्ध कराओ, तो बाबा क्या-2 बनाएं। स्वदेशी मोबाइल बनाए, दीवाली की लड़ी बनाए। चीन तो हमारे वॉशवेशन किचन से लेकर, टाइल्स, फर्नीचर, भगवानों की मूर्ति तक घुस गया है।
मुझे लगता है कि जो भी लोग इस समय सरकार में हैं या जो भी लोग सरकार में आएं वो भारत को सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाएं। अकेले बाबा रामदेव से बात नहीं बनेगी। उन्होंने उदाहरण दिया कि छोटा सा देश कोरिया है, जिसकी पहचान उसके कई ब्रांड हैं। अन्य देशों की पहचान भी उनकी बड़ी कंपनियों से हैं। आने वाले 5 से 10 सालों में हमारा यह उद्देश्य है कि पतंजलि मतलब भारत होगा। ये हम पूरी दुनिया में करके दिखाना चाहते हैं।
वीडियो देख दवाई लें पर जरा ध्यान से
वीडियो पर देखकर दवाई लेने का कोई साइड इफेक्ट तो नहीं की बात पर बाबा जमकर खिलखिलाए। कहा कि त्रिफला खाओगे तो क्या हो जाएगा? पेट ही तो साफ होगा। सामान्य दवाइयां जैसे त्रिफला, आंवला, च्यवनप्राश, चंद्रप्रभावटी, शिलाजीत, गिलोय जैसी दवाएं खाई जा सकती हैं।
आयुर्वेद में 50 प्रतिशत दवाएं बिना वैद्य के भी सही जानकारी से ली जा सकती हैं। लेकिन किडनी, कैंसर, लीवर आदि की दवाएं चिकित्सीय परामर्श से ही लें।
काले धन पर बोले बाबा
2014 के चुनाव से पहले आपने काले धन को लेकर आंदोलन किया था। क्या आप मानते हैं कि इन साढ़े चार साल में काला धन आया?
इस पर बाबा बोले, देखो सरकार ने काले धन पर कार्रवाई तो की है। ये सही है कि बाहर से जितना काला धन आना था, उतना नहीं आया। लेकिन देश के अंदर वाला एक बार आया, फिर वो वापस। पहले काले से सफेद और फिर सफेद से काला। ये सर्किल टूटना चाहिए था। करंसी वापस ली थी तो बड़े नोट नहीं छापने चाहिए थे।