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तीन दिन पहले भी दूषित पानी की शिकायत के बाद भी लापरवाही
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तीन दिन से पानी में आ रही थी सफेदी
सरधना। मोहल्ला चमारान में दूषित पानी पीने से कई के बीमार होने के बाद नगर के लोग दहशत में हैं। वह पानी पीने से डर रहे हैं। लोग बाहर से बोतल बंद पानी ला रहे हैं। पालिका ने पानी के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। मोहल्लावासियों का कहना है कि दो दिन पहले टंकी के पानी में सफेद रंग आ रहा था। शिकायत के बाद भी पालिका प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में प्रथमदृष्टया पालिका प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है।
नगर पालिका की लापरवाही लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। बीमार हुए 50 से अधिक लोग सरकारी व निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। कई की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने मेरठ रेफर कर दिया है। सभासद सुभाष वेद का कहना है कि मोहल्ले में पिछले तीन दिनों से गंदा पानी आ रहा है। इसकी शिकायत नगरपालिका से की गई थी। कर्मचारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। कोई उसे देखने तक नहीं आया और स्थिति बिगड़ती चली गई।
स्वच्छ पेयजल आपूर्ति का दावा करने वाली नगर पालिका की हकीकत कुछ और है। कई मोहल्लों में बिना वाटर फिल्टर के पानी सप्लाई हो रहा है। कई जगह पाइपों से रिसाव के कारण गंदगी पानी में मिल रही है। यही हालत नगर के अन्य वार्डों में हैं। नगर पालिका की ज्यादातर पाइप लाइन गंदी नालियों से होकर गुजर रही हैं। विभाग द्वारा बिछाई गई पाइपों के कई जगह से ज्वाइंट ढीले हो गए हैं। इस वजह से गंदगी इनमें मिलने लगी है। ऐसे में जलजनित रोगों के फैलने की आशंका से लोग भयभीत हो उठे हैं।
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दूषित जल से लोगों बीमार होने की सूचना पर सरधना विधायक अतुल प्रधान ने कई अस्पतालों में जाकर मरीजों का हाल जाना। चिकित्सकों को बेहतर उपचार की व्यवस्था के लिए कहा। शाम को पूर्व विधायक संगीत सोम भी सीएचसी पहुंचे। मरीजों से मिले। चिकित्सा प्रभारी व एसडीएम को गंभीरता से इलाज कराने के लिए कहा।
व्यवस्था ठीक कराई जाएगी
दूषित पानी के सेवन से बीमारी होने की आशंका जताई जा रही है। अभी तक जांच के लिए भेजे गए सैंपल सही पाए गए हैं। गंदगी या मच्छरों के कारण बीमारी हो सकती है। कीटनाशक का छिड़काव और फॉगिंग के साथ व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। सबीला अंसारी, चेयरपर्सन, सरधना
टैंकर से भेजा जा रहा पानी
दूषित पानी वाले मोहल्ले में पाइन लाइन के ज्वाइंट की जांच कराई जा रही है। मोहल्ले में स्वच्छ पानी की व्यवस्था के लिए टैंकर से आपूर्ति की जा रही है। -सत्यप्रकाश, एसडीएम सरधना।
एडवांस जांच के लिए भेजे सैंपल
प्रारंभिक जांच में पानी दूषित नहीं पाया गया है। एडवांस जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं। पानी के पाइप लाइन में लीकेज नहीं पाया गया है। मुख्य कारण का पता लगाया जा रहा है। दीपक मीणा, डीएम
सुबह से ही पहुंचने लगे मरीज
सरधना। सीएचसी में सुबह से ही मरीजों का आना शुरू हो गया था। यहां स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था धड़ाम नजर आई। तीन से चार मरीजों को एक बेड पर लिटाकर उपचार दिया गया। सीएचसी से नाजुक हालत में रेफर की गई नोशीदा पत्नी जावेद करीब दो घंटे तक सरकारी एंबुलेंस के इंतजार में तड़पती रही। सीएमओ भी एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं करा सके। सीएमओ के जाने के एक घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची। इसके बाद नोशीदा को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
यह लोग हुए बीमार
सानिया, सना, असना, सुहैल, सलीम, आबिद, सबनूर, अर्शी, अरनम, शमा, अब्दुल आहद, आयत, जीशान, शबनम, इकरा, नौशीदा, मनतशा, तालिब, शमीम, जैद, इशरा, नसीम, निशा, आयशा, आसमा, शाद, शान, आयशा, शाहीन, साहिल, तबस्सुम, मनीषा आदि बीमार हुए हैं।
मरीजों का हाल जानने पहुंचे डीएम
कंकरखेड़ा। दूषित पानी पीने से बीमार पांच लोग कंकरखेड़ा के लाइफलाइन और एक कैलाशी अस्पताल में भर्ती कराए गए। जानकारी मिलने पर डीएम दीपक मीणा लोगों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे। इसके बाद डीएम और सीएमओ सरधना पहुंचे। यहां, सीएचसी में भर्ती लोगों का हाल जाना और गंभीर लोगों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजने के निर्देश दिए। तीन वर्षीय बच्ची नगमा की हालत गंभीर बनी हुई है। संवाद
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सरधना। मोहल्ला चमारान में दूषित पानी पीने से कई के बीमार होने के बाद नगर के लोग दहशत में हैं। वह पानी पीने से डर रहे हैं। लोग बाहर से बोतल बंद पानी ला रहे हैं। पालिका ने पानी के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। मोहल्लावासियों का कहना है कि दो दिन पहले टंकी के पानी में सफेद रंग आ रहा था। शिकायत के बाद भी पालिका प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में प्रथमदृष्टया पालिका प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है।
नगर पालिका की लापरवाही लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। बीमार हुए 50 से अधिक लोग सरकारी व निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। कई की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने मेरठ रेफर कर दिया है। सभासद सुभाष वेद का कहना है कि मोहल्ले में पिछले तीन दिनों से गंदा पानी आ रहा है। इसकी शिकायत नगरपालिका से की गई थी। कर्मचारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। कोई उसे देखने तक नहीं आया और स्थिति बिगड़ती चली गई।
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स्वच्छ पेयजल आपूर्ति का दावा करने वाली नगर पालिका की हकीकत कुछ और है। कई मोहल्लों में बिना वाटर फिल्टर के पानी सप्लाई हो रहा है। कई जगह पाइपों से रिसाव के कारण गंदगी पानी में मिल रही है। यही हालत नगर के अन्य वार्डों में हैं। नगर पालिका की ज्यादातर पाइप लाइन गंदी नालियों से होकर गुजर रही हैं। विभाग द्वारा बिछाई गई पाइपों के कई जगह से ज्वाइंट ढीले हो गए हैं। इस वजह से गंदगी इनमें मिलने लगी है। ऐसे में जलजनित रोगों के फैलने की आशंका से लोग भयभीत हो उठे हैं।
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दूषित जल से लोगों बीमार होने की सूचना पर सरधना विधायक अतुल प्रधान ने कई अस्पतालों में जाकर मरीजों का हाल जाना। चिकित्सकों को बेहतर उपचार की व्यवस्था के लिए कहा। शाम को पूर्व विधायक संगीत सोम भी सीएचसी पहुंचे। मरीजों से मिले। चिकित्सा प्रभारी व एसडीएम को गंभीरता से इलाज कराने के लिए कहा।
व्यवस्था ठीक कराई जाएगी
दूषित पानी के सेवन से बीमारी होने की आशंका जताई जा रही है। अभी तक जांच के लिए भेजे गए सैंपल सही पाए गए हैं। गंदगी या मच्छरों के कारण बीमारी हो सकती है। कीटनाशक का छिड़काव और फॉगिंग के साथ व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। सबीला अंसारी, चेयरपर्सन, सरधना
टैंकर से भेजा जा रहा पानी
दूषित पानी वाले मोहल्ले में पाइन लाइन के ज्वाइंट की जांच कराई जा रही है। मोहल्ले में स्वच्छ पानी की व्यवस्था के लिए टैंकर से आपूर्ति की जा रही है। -सत्यप्रकाश, एसडीएम सरधना।
एडवांस जांच के लिए भेजे सैंपल
प्रारंभिक जांच में पानी दूषित नहीं पाया गया है। एडवांस जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं। पानी के पाइप लाइन में लीकेज नहीं पाया गया है। मुख्य कारण का पता लगाया जा रहा है। दीपक मीणा, डीएम
सुबह से ही पहुंचने लगे मरीज
सरधना। सीएचसी में सुबह से ही मरीजों का आना शुरू हो गया था। यहां स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था धड़ाम नजर आई। तीन से चार मरीजों को एक बेड पर लिटाकर उपचार दिया गया। सीएचसी से नाजुक हालत में रेफर की गई नोशीदा पत्नी जावेद करीब दो घंटे तक सरकारी एंबुलेंस के इंतजार में तड़पती रही। सीएमओ भी एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं करा सके। सीएमओ के जाने के एक घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची। इसके बाद नोशीदा को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
यह लोग हुए बीमार
सानिया, सना, असना, सुहैल, सलीम, आबिद, सबनूर, अर्शी, अरनम, शमा, अब्दुल आहद, आयत, जीशान, शबनम, इकरा, नौशीदा, मनतशा, तालिब, शमीम, जैद, इशरा, नसीम, निशा, आयशा, आसमा, शाद, शान, आयशा, शाहीन, साहिल, तबस्सुम, मनीषा आदि बीमार हुए हैं।
मरीजों का हाल जानने पहुंचे डीएम
कंकरखेड़ा। दूषित पानी पीने से बीमार पांच लोग कंकरखेड़ा के लाइफलाइन और एक कैलाशी अस्पताल में भर्ती कराए गए। जानकारी मिलने पर डीएम दीपक मीणा लोगों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे। इसके बाद डीएम और सीएमओ सरधना पहुंचे। यहां, सीएचसी में भर्ती लोगों का हाल जाना और गंभीर लोगों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजने के निर्देश दिए। तीन वर्षीय बच्ची नगमा की हालत गंभीर बनी हुई है। संवाद