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पेट में तेज दर्द के साथ उल्टी है डेंगू के प्राथमिक लक्षण
Fri, 22 Aug 2025 07:18 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 22 Aug 2025 07:18 PM IST
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- मेडिसिन विभाग ने संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए किया सेमिनार
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम और उपचार को प्राथमिकता देते हुए सेमिनार हुआ। सेमिनार का विषय नेशनल गाइडलाइन फॉर क्लिनिकल मैनेजमेंट ऑफ डेंगू फीवर रहा। आयोजन मेडिसिन विभाग के सेमिनार हॉल में विभागाध्यक्ष डॉ. योगिता सिंह की अध्यक्षता में हुआ।
संचारी रोग प्रभारी डॉ. स्नेह लता ने डेंगू प्रबंधन पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि डेंगू के प्राथमिक लक्षण जैसे तीव्र बुखार, रेट्रो-ऑर्बिटल दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते और गंभीर डेंगू के चेतावनी संकेत जैसे पेट में तीव्र दर्द, लगातार उल्टी और श्लेष्मा झिल्लियों से रक्तस्राव के बारे में जानकारी। मेडिसिन विभाग आचार्य डॉ. अरविंद कुमार ने डेंगू से बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर और पुराने बर्तनों को नियमित रूप से खाली कर सुखाएं। पानी की टंकियों को ढककर रखें और सप्ताह में एक बार छत व बालकनी की जांच करें। व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए पूरी बाह के कपड़े, मच्छर रोधी क्रीम और मच्छरदानी का उपयोग करें। सेमिनार में डॉ. आभा गुप्ता, डॉ. संध्या गौतम, डॉ. श्वेता शर्मा, डॉ. विवेक ऋषि, जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ रहा।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम और उपचार को प्राथमिकता देते हुए सेमिनार हुआ। सेमिनार का विषय नेशनल गाइडलाइन फॉर क्लिनिकल मैनेजमेंट ऑफ डेंगू फीवर रहा। आयोजन मेडिसिन विभाग के सेमिनार हॉल में विभागाध्यक्ष डॉ. योगिता सिंह की अध्यक्षता में हुआ।
संचारी रोग प्रभारी डॉ. स्नेह लता ने डेंगू प्रबंधन पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि डेंगू के प्राथमिक लक्षण जैसे तीव्र बुखार, रेट्रो-ऑर्बिटल दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते और गंभीर डेंगू के चेतावनी संकेत जैसे पेट में तीव्र दर्द, लगातार उल्टी और श्लेष्मा झिल्लियों से रक्तस्राव के बारे में जानकारी। मेडिसिन विभाग आचार्य डॉ. अरविंद कुमार ने डेंगू से बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर और पुराने बर्तनों को नियमित रूप से खाली कर सुखाएं। पानी की टंकियों को ढककर रखें और सप्ताह में एक बार छत व बालकनी की जांच करें। व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए पूरी बाह के कपड़े, मच्छर रोधी क्रीम और मच्छरदानी का उपयोग करें। सेमिनार में डॉ. आभा गुप्ता, डॉ. संध्या गौतम, डॉ. श्वेता शर्मा, डॉ. विवेक ऋषि, जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ रहा।
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