विवेक तिवारी हत्याकांड: इंटेलीजेंस अधिकारी का पत्र वायरल, कई सिपाहियों पर गिर सकती है गाज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ में एपल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या में सिपाही प्रशांत चौधरी को जेल भेजने के खिलाफ पुलिसकर्मी विभाग के खिलाफ बगावत करने पर उतर गए हैं। इंटेलीजेंस ने शासन को पत्र लिखकर 9 और 10 अक्टूबर को अलर्ट रहने की बात कही है। इंटेलीजेंस के इस पत्र को भी सिपाहियों ने वायरल कर दिया। वहीं, पुलिस के ग्रुप में अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताते हुए बगावत करने की अपील की जा रही है।
मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या को एक सप्ताह बीत चुका है। हत्या के आरोप में सिपाही जेल भी जा चुका है। पुलिस वालों का कहना है कि सिपाही को जेल नहीं भेजा जाना चाहिए था। सिस्टम पर दबाव पड़ने पर पुलिस अधिकारियों ने यह कार्रवाई की है। इसको लेकर प्रदेशभर में पुलिस वाले बगावत पर उतर रहे हैं। पुलिसवाले काली पट्टी बांधकर तो कहीं सोशल साइट पर मेसेज पोस्ट कर विरोध जता रहे हैं।
इंटेलीजेंस ने मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, गौतमबुद्घनगर, हापुड़, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली जिले से इनपुट मांगा था। इन जिलों में सिपाही प्रदर्शन करेंगे और उनका टारगेट क्या हैं। सिपाहियों की बगावत का मैसेज आम जनता और विभागीय अधिकारियों में क्या जाएगा। जिसको लेकर इंटेलीजेंस एसपी की तरफ से शासन और उच्च अधिकारियों को पत्र भी लिखा कि आगामी नौ व दस अक्टूबर को अलर्ट रहें।
एसपी का पत्र भी वायरल
इंटेलीजेंस एसपी द्वारा लिखा गया पत्र वायरल कर दिया गया। इंटेलीजेंस एसपी आरपी सिंह का कहना कि जो पत्र वायरल हुआ है, वह उन्हीं के द्वारा लिखा गया है। लेकिन ऐसा सामने नहीं आया कि नौ जिलों के सिपाही अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे या विरोध जताएंगे। खुफिया विभाग का काम है कि वह इनपुट लेकर शासन को दे। इस मामले में जिस सिपाही ने पत्र वायरल किया है, जांच के बाद उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
एसओ के ग्रुप में मेसेज
मेरठ शहर में एक थानेदार के सीयूजी नंबर द्वारा बनाए व्हाट्सएप ग्रुप (सैल्यूट ऑफ पुलिस) में एक दरोगा ने मेसेज डाला है कि सिपाहियों को विरोध करना ही चाहिए। दरोगा और इंस्पेक्टर उनको सहयोग करें। इस मेसेज पर कमेंट भी आए हैं। इस तरह के मेसेज लिखकर पुलिसवालों को बगावत के लिए उकसाया जा रहा है। एसओ के ग्रुप में पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी शामिल हैं। मेसेज देखकर अधिकारी भी खामोश हैं।
9-10 अक्टूबर को विरोध
वायरल संदेश में लिखा है कि नौ अक्तूबर को कांस्टेबल सभी जिलों की पुलिस लाइन के मुख्य गेट के बाहर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। वहीं, दस अक्तूबर को वह हाजिरी लगाकर ड्यूटी पर रहेंगे। लेकिन काम नहीं करेंगे।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/