{"_id":"6a6f4898d0953095d903da38","slug":"virtue-gives-us-the-privilege-of-serving-god-and-guru-shruta-purna-meerut-news-c-44-1-smrt1055-113144-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुण्य से मिलता है परमात्मा और गुरु सेवा का सौभाग्य : श्रुत पूर्णा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुण्य से मिलता है परमात्मा और गुरु सेवा का सौभाग्य : श्रुत पूर्णा
विज्ञापन
सरधना। चौक बाजार स्थित श्री सुमतिनाथ-कुंथुनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर में रविवार को साध्वी श्रुत
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। चौक बाजार स्थित श्री सुमतिनाथ-कुंथुनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर में रविवार को साध्वी श्रुत पूर्णा श्रीजी एवं साध्वी इष्ट प्रिया श्रीजी के सानिध्य में भगवान श्री सुमति नाथ भगवान का विशेष अभिषेक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ अभिषेक कर धर्म लाभ अर्जित किया।
विशेष अभिषेक का लाभ राजाराम जैन परिवार तथा प्रवीण जैन-गुड्डी जैन परिवार ने प्राप्त किया। भगवान का अभिषेक सुगंधित गुलाब जल, गुलाब की पंखुड़ियों, पंचामृत, गो-दुग्ध, केसर युक्त जल एवं शुद्ध जल से वैदिक विधिविधान के साथ संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।
साध्वी श्रुत पूर्णा श्रीजी ने प्रवचन में कहा कि जब मनुष्य का पुण्य प्रबल होता है, तभी उसे परमात्मा की आराधना और गुरु सेवा का सौभाग्य प्राप्त होता है। उन्होंने धर्म, संयम और सेवा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के संचालक एवं ट्रस्ट संघ के अध्यक्ष आलोक जैन ने बताया कि विशेष धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में मातृशक्ति की सहभागिता रही।
विज्ञापन
इस अवसर पर सतेंद्र जैन, जगदीश प्रसाद जैन, रमेश चंद जैन, अंबुज जैन, कौशल जैन, पारस जैन, ऋषभ जैन, राहुल जैन, विक्की जैन उपस्थित रहे।
विज्ञापन
सरधना। चौक बाजार स्थित श्री सुमतिनाथ-कुंथुनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर में रविवार को साध्वी श्रुत पूर्णा श्रीजी एवं साध्वी इष्ट प्रिया श्रीजी के सानिध्य में भगवान श्री सुमति नाथ भगवान का विशेष अभिषेक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ अभिषेक कर धर्म लाभ अर्जित किया।
विशेष अभिषेक का लाभ राजाराम जैन परिवार तथा प्रवीण जैन-गुड्डी जैन परिवार ने प्राप्त किया। भगवान का अभिषेक सुगंधित गुलाब जल, गुलाब की पंखुड़ियों, पंचामृत, गो-दुग्ध, केसर युक्त जल एवं शुद्ध जल से वैदिक विधिविधान के साथ संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।
विज्ञापन
साध्वी श्रुत पूर्णा श्रीजी ने प्रवचन में कहा कि जब मनुष्य का पुण्य प्रबल होता है, तभी उसे परमात्मा की आराधना और गुरु सेवा का सौभाग्य प्राप्त होता है। उन्होंने धर्म, संयम और सेवा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के संचालक एवं ट्रस्ट संघ के अध्यक्ष आलोक जैन ने बताया कि विशेष धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में मातृशक्ति की सहभागिता रही।
विज्ञापन
इस अवसर पर सतेंद्र जैन, जगदीश प्रसाद जैन, रमेश चंद जैन, अंबुज जैन, कौशल जैन, पारस जैन, ऋषभ जैन, राहुल जैन, विक्की जैन उपस्थित रहे।