यूपी: कोतवाल के मोबाइल से 'वायरल मैसेज' की जल्द खुलेगी पोल, मुख्यमंत्री तलब कर सकते हैं रिपोर्ट
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बुलंदशहर डिबाई कोतवाल के सीयूजी नंबर से चैट वायरल होने के मामले में साइबर एक्सपर्ट ने जांच शुरू कर दी है। अभी तक जांच में ये चैट इंस्पेक्टर परशुराम द्वारा करने के प्रमाण मिल रहे हैं। साइबर एक्सपर्टों का कहना कि कॉल तो हैक हो सकती है। लेकिन व्हाट्सएप हैक कर चैट नहीं हो सकती। इसमें बड़ी पोल खुलेगी। कार्रवाई होनी भी तय है।
मंगलवार को सनसनीखेज मामले की गूंज शासन तक पहुंची तो मेरठ से लखनऊ तक बैठे अधिकारियों में इसे लेकर खलबली मची है। एसएसपी बुलंदशहर ने इसे साइबर क्राइम का मामला बताकर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज करा दी। हालांकि साइबर एक्सपर्ट का दावा कि चैट मोबाइल हैक करके नहीं की जा सकती। अंदेशा है कि यह चैट इंस्पेक्टर परशुराम द्वारा की गई।
वहीं इंस्पेक्टर परशुराम को सस्पेंड कर दिया गया है। लेकिन मामला शांत नहीं हुआ है। पुलिस की मानें तो यह चैट साजिश के तहत कराई गई। एडीजी और एसएसपी पर आरोप लगाने के अलग-अलग मायने भी निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इंस्पेक्टर को मोहरा बनाकर यह खेल खेला गया। इस गंभीर मामले में मुख्यमंत्री भी रिपोर्ट तलब कर सकते हैं। इस मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई होनी तय है। सवाल है कि कार्रवाई में कौन-कौन चपेट में आएगा।
चर्चा बहुत है, जांच में खुलेंगे राज
ये चैट वायरल करने को लेकर कई चर्चाएं हैं। एक अधिकारी की मानें तो ये चैट साजिश के तहत की गई है। दावा है कि वह इंस्पेक्टर परशुराम को अच्छे से जानते हैं। उनके साथ भी इंस्पेक्टर काफी दिन रहे। मेरठ जोन में एडीजी प्रशांत कुमार के कार्यों की सराहना प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कर चुके हैं। अपराध में अंकुश लगाने पर मेरठ जोन की तारीफ हो चुकी है। यह बात कुछ अधिकारियों को रास नहीं आ रही।
मेरठ में तैनात रहे परशुराम
ब्रह्मपुरी में कुष्ठ आश्रम में डकैती पर तत्कालीन एसएसपी ओंकार सिंह ने इंस्पेक्टर परशुराम की क्लास ली थी। लूटपाट की कई घटनाओं पर कार्रवाई के बाद इंस्पेक्टर का ट्रांसफर नोएडा हो गया था।
दो इंस्पेक्टरों का हुआ ट्रांसफर
इंस्पेक्टर परशुराम के साथ इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार का ट्रांसफर भी नोएडा से बुलंदशहर हुआ था। दोनों के ट्रांसफर आईजी मेरठ रेंज रामकुमार द्वारा कराए गए। अधिकारियों ने ट्रांसफर के कारण ढूंढने शुरू कर दिए हैं।
अधिकारी खामोश, सब जानते हैं
इस मामले में खामोश अधिकारी सब जानते हैं कि ये खेल कैसे हुआ। इसकी जांच भी गुपचुप करा रहे हैं। अधिकारी चर्चा कर रहे हैं कि इंस्पेक्टर परशुराम की चैट में कितनी सच्चाई है, उजागर होनी चाहिए।
जल्द बेनकाब होगा
मामला साइबर क्राइम का है। अज्ञात युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इसकी जांच उच्च स्तर से कराई जा रही है। जिसने यह हरकत की है, जल्द बेनकाब होगा। -रामकुमार, आईजी मेरठ रेंज
मेरा कोई लेना देना नहीं
इंस्पेक्टर परशुराम सस्पेंड हो गया है। मुकदमा भी लिखा गया। विभागीय जांच के अलावा साइबर एक्सपर्ट भी लगाए हैं। ट्रांसफर रेंज में आईजी करते हैं, इससे मेरा कोई लेनादेना नहीं है। इंस्पेक्टर पर और कार्रवाई होगी। -प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन
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