{"_id":"68c97aee9a954c06e70c5f82","slug":"villagers-created-ruckus-in-protest-against-consolidation-meerut-news-c-42-1-smrt1030-104410-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: चकबंदी के विरोध में ग्रामीणों ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: चकबंदी के विरोध में ग्रामीणों ने किया हंगामा
विज्ञापन
लावड़- भगवानपुर गांव में चकबंदी के लेखपाल से चकबंदी को लेकर विरोध जताता ग्रामीण। स्रोत : संवाद
विरोध करने वालों ने नहीं सुनी अधिकारियों की बात, प्रधान पति ने रखा वोटिंग का प्रस्ताव
लावड़। भगवानपुर गांव में चकबंदी के लिए पुलिस के साथ पहुंचे चकबंदी कानूनगो भविश, लेखपाल धीरज सिंह को देखते ही चकबंदी का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। गहमागहमी के बीच पुलिस ने किसी तरह ग्रामीणों को शांत कराया। गांव के अधिकांश किसान चकबंदी चाहते हैं, लेकिन कुछ ग्रामीणों ने विरोध करते हुए कार्य नहीं होने दिया। इस कारण कानूनगो व लेखपाल लौट गए। प्रधान पति जितेंद्र ने चकबंदी के लिए वोटिंग कराने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, विरोध करने वाले पक्ष ने इसे भी नकार दिया।
गांव में पिछले कुछ महीने से चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। कुछ ग्रामीण चकबंदी के विरोध में हैं, जबकि अधिकांश ग्रामीण गांव में चकबंदी चाहते हैं। मंगलवार को कानूनगो, लेखपाल पुलिस बल लेकर गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही चकबंदी का विरोध करने वालों ने लेखपाल से नोकझोंक शुरू कर दी और हंगामा किया। पुलिस ने बीचबचाव कराने का प्रयास किया, लेकिन वह हंगामा करते रहे।
अधिकांश ग्रामीणों ने चकबंदी कराने के लिए आवाज उठाई तो विरोध करने वाले ग्रामीण उनसे उलझने लगे। मामला बढ़ते देख पुलिस ने दोनों पक्षों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, इस पर ग्रामीण शांत हुए। लेखपाल ने चकबंदी की बात की तो विरोध करने वाले ग्रामीणों ने पहले से ही शपथ पत्र दाखिल कराए जाने की बात कही और चकबंदी को लेकर विरोध जताया। चकबंदी के पक्ष वाले ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने आरोप लगाया कि शपथ पत्रों में बहुत से शपथ पत्र फर्जी लगाए गए हैं। नतीजा न निकलते देख प्रधान पति जितेंद्र ने लेखपाल के समक्ष वोटिंग कराए जाने का प्रस्ताव रखा, लेकिन विपक्षी ग्रामीण शपथ पत्र की बात पर अड़े रहे।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कहा कि चकबंदी होने से कब्जाई गई भूमि कब्जा मुक्त होगी और छोटी जोत के किसानों को भी फायदा होगा। कानूनगो व लेखपाल कोई नतीजा नहीं निकलने पर लौट गए। कानूनगो का कहना है कि प्रधान पति द्वारा रखे गए वोटिंग के प्रस्ताव से अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। उनके निर्देश पर पुलिस की मौजूदगी में वोटिंग कराई जाएगी। ग्राम प्रधान रजनी का कहना है कि कुछ ग्रामीणों ने जमीन पर कब्जा कर रखा है। चकबंदी होने से उन्हें कब्जाई जमीन छोड़नी पड़ेगी, इसलिए वह गांव में चकबंदी का विरोध कर रहे हैं। वोटिंग का प्रस्ताव रखा गया है। चकबंदी ग्रामीणों के हित में है, जल्द गांव में चकबंदी कराई जाएगी।
विज्ञापन
लावड़। भगवानपुर गांव में चकबंदी के लिए पुलिस के साथ पहुंचे चकबंदी कानूनगो भविश, लेखपाल धीरज सिंह को देखते ही चकबंदी का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। गहमागहमी के बीच पुलिस ने किसी तरह ग्रामीणों को शांत कराया। गांव के अधिकांश किसान चकबंदी चाहते हैं, लेकिन कुछ ग्रामीणों ने विरोध करते हुए कार्य नहीं होने दिया। इस कारण कानूनगो व लेखपाल लौट गए। प्रधान पति जितेंद्र ने चकबंदी के लिए वोटिंग कराने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, विरोध करने वाले पक्ष ने इसे भी नकार दिया।
गांव में पिछले कुछ महीने से चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। कुछ ग्रामीण चकबंदी के विरोध में हैं, जबकि अधिकांश ग्रामीण गांव में चकबंदी चाहते हैं। मंगलवार को कानूनगो, लेखपाल पुलिस बल लेकर गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही चकबंदी का विरोध करने वालों ने लेखपाल से नोकझोंक शुरू कर दी और हंगामा किया। पुलिस ने बीचबचाव कराने का प्रयास किया, लेकिन वह हंगामा करते रहे।
विज्ञापन
अधिकांश ग्रामीणों ने चकबंदी कराने के लिए आवाज उठाई तो विरोध करने वाले ग्रामीण उनसे उलझने लगे। मामला बढ़ते देख पुलिस ने दोनों पक्षों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, इस पर ग्रामीण शांत हुए। लेखपाल ने चकबंदी की बात की तो विरोध करने वाले ग्रामीणों ने पहले से ही शपथ पत्र दाखिल कराए जाने की बात कही और चकबंदी को लेकर विरोध जताया। चकबंदी के पक्ष वाले ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने आरोप लगाया कि शपथ पत्रों में बहुत से शपथ पत्र फर्जी लगाए गए हैं। नतीजा न निकलते देख प्रधान पति जितेंद्र ने लेखपाल के समक्ष वोटिंग कराए जाने का प्रस्ताव रखा, लेकिन विपक्षी ग्रामीण शपथ पत्र की बात पर अड़े रहे।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कहा कि चकबंदी होने से कब्जाई गई भूमि कब्जा मुक्त होगी और छोटी जोत के किसानों को भी फायदा होगा। कानूनगो व लेखपाल कोई नतीजा नहीं निकलने पर लौट गए। कानूनगो का कहना है कि प्रधान पति द्वारा रखे गए वोटिंग के प्रस्ताव से अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। उनके निर्देश पर पुलिस की मौजूदगी में वोटिंग कराई जाएगी। ग्राम प्रधान रजनी का कहना है कि कुछ ग्रामीणों ने जमीन पर कब्जा कर रखा है। चकबंदी होने से उन्हें कब्जाई जमीन छोड़नी पड़ेगी, इसलिए वह गांव में चकबंदी का विरोध कर रहे हैं। वोटिंग का प्रस्ताव रखा गया है। चकबंदी ग्रामीणों के हित में है, जल्द गांव में चकबंदी कराई जाएगी।

लावड़- भगवानपुर गांव में चकबंदी के लेखपाल से चकबंदी को लेकर विरोध जताता ग्रामीण। स्रोत : संवाद