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जिपं उपचुनाव में खून बहाकर जीता विजय धामा, 20 हजार का है इनामी, नहीं लेने पहुंचा जीत का प्रमाणपत्र
Tue, 09 Jul 2019 05:31 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, परीक्षितगढ़/मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, परीक्षितगढ़/मेरठ
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 09 Jul 2019 05:31 AM IST
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प्रधान के बेटे की हत्या का आरोपी विजय धामा
- फोटो : अमर उजाला
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जिला पंचायत सदस्य के लिए वार्ड 34 के उपचुनाव में खून बहाने वाले भाजपा समर्थित प्रत्याशी कुख्यात विजय धामा ने 1144 वोटों से जीत दर्ज की है। बली गांव के प्रधान कालूराम के पुत्र अनित गुर्जर की हत्या में नामजद विजय बीस हजार का इनामी है और फरार चल रहा है। सोमवार को मतगणना के समय न तो उसका कोई एजेंट बना और न ही जीत के बाद कोई जीत का प्रमाणपत्र लेने पहुंचा।
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यह सनसनीखेज वारदात बीते शनिवार छह जुलाई को बली गांव के प्राथमिक विद्यालय में हुई थी। अनित के सीने में गोली मारी गई थी। उपचुनाव में 8 प्रत्याशी थे। प्रशासन ने यह दावा कर उपचुनाव निरस्त करने से इंकार कर दिया था कि हत्या की वारदात स्कूल परिसर के बाहर मतदान समाप्ति के बाद हुई थी। सोमवार सुबह परीक्षितगढ़ इंटर कॉलेज में सुबह 8 बजे एडीएम सिटी महेश चंद शर्मा, एडीएम प्रशासन रामचंद्र सिंह, एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव, एसपी देहात अविनाश पांडेय की देखरेख में मतगणना शुरू की गई।
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उपचुनाव में 17275 मत पड़े, जिसमें 413 मत निरस्त हुए। 16862 मतों में से विजय धामा को 4742, सपा समर्थित विपिन भड़ाना को 3598, अजय सागर को 3305, नदीम खान को 2773, फैसल खान को 968, अंकुर यादव को 1066, शादाब को 148, ज्ञान सिंह को 262 मत मिले। जिसमें विजय धामा उर्फ प्रवेश ने अपने प्रतिद्वंदी विपिन भड़ाना को 1144 मतों से हराकर जीत हासिल की।
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एकतरफा पड़े मत
हत्यारोपी विजय धामा को उसके मूल गांव रामनगर में 1435 में से 1400 मत मिले। उसके गांव के लोगों ने उसके लिए एकतरफा मतदान किया। उसका गांव ही जीत का कारण बना। रामनगर से ही करीब 700 मीटर दूरी पर बली गांव है।