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साकेत में बना मेरठ जोन का विजिलेंस थाना
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साकेत में बना मेरठ जोन का विजिलेंस थाना
मेरठ। साकेत स्थित उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) सेक्टर मेरठ कार्यालय को अब विजिलेंस थाने का दर्जा मिल गया है। भ्रष्टाचार के मामलों में इस थाने के क्षेत्राधिकार में मेरठ जोन के नौ जिले रहेंगे। दूसरे थानों के बजाय इसी थाने में अब भ्रष्टाचार और इससे संबंधित धाराओं के मुकदमे दर्ज होंगे।
एसपी विजिलेंस रवि शंकर निम ने बताया कि साल 1977 में इस कार्यालय की स्थापना हुई थी। इसके अंतर्गत मेरठ मंडल के मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़ के अलावा सहारनपुर मंडल के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जिले आते हैं। 30 जून 2020 को इस कार्यालय को थाने का दर्जा मिल गया। थाने में प्रभारी निरीक्षक का दायित्व रणवीर सिंह को सौंपा गया है। एसपी विजिलेंस ने बताया कि थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट की सुविधा शुरू होने से पीड़ित को विजिलेंस संबंधी केसों में कहीं दूसरी जगह चक्कर नहीं काटने होंगे। इस थाने में 15 निरीक्षकों के अलावा एक आशुलिपिक, 4 आरक्षी और 6 मुख्य आरक्षियों की तैनाती की गई है।
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मेरठ। साकेत स्थित उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) सेक्टर मेरठ कार्यालय को अब विजिलेंस थाने का दर्जा मिल गया है। भ्रष्टाचार के मामलों में इस थाने के क्षेत्राधिकार में मेरठ जोन के नौ जिले रहेंगे। दूसरे थानों के बजाय इसी थाने में अब भ्रष्टाचार और इससे संबंधित धाराओं के मुकदमे दर्ज होंगे।
एसपी विजिलेंस रवि शंकर निम ने बताया कि साल 1977 में इस कार्यालय की स्थापना हुई थी। इसके अंतर्गत मेरठ मंडल के मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़ के अलावा सहारनपुर मंडल के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जिले आते हैं। 30 जून 2020 को इस कार्यालय को थाने का दर्जा मिल गया। थाने में प्रभारी निरीक्षक का दायित्व रणवीर सिंह को सौंपा गया है। एसपी विजिलेंस ने बताया कि थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट की सुविधा शुरू होने से पीड़ित को विजिलेंस संबंधी केसों में कहीं दूसरी जगह चक्कर नहीं काटने होंगे। इस थाने में 15 निरीक्षकों के अलावा एक आशुलिपिक, 4 आरक्षी और 6 मुख्य आरक्षियों की तैनाती की गई है।
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