{"_id":"6acf8b8378829e7df503ebc7","slug":"vigilance-is-the-key-to-protection-against-cyber-fraud-meerut-news-c-72-1-mct1014-161081-2026-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: विज्ञापन समाचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: विज्ञापन समाचार
विज्ञापन
सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का उपाय
सुभारती विश्वविद्यालय में विशेषज्ञों ने बताए ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के तरीके
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ रहा है। अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी साझा करने और निजी जानकारी ऑनलाइन देने से बचना जरूरी है। सतर्कता से ही इससे बचा जा सकता है।
यह बात बुधवार को सुभारती विश्वविद्यालय में आयोजित साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कही। केरल वर्मा सुभारती कॉलेज ऑफ साइंस के कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग की ओर से सत्यजीत रे ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. शल्या राज, प्रति-कुलपति प्रो. मुनीश सी. रेड्डी, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के अधिष्ठाता प्रो. वैभव गोयल ने किया।
भारती एयरटेल के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ आशुतोष मक्कड़ और अनुज भट्टाचार्य ने विद्यार्थियों को फिशिंग, फर्जी वेबसाइट, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी और पहचान की चोरी जैसे साइबर अपराधों के बारे में बताया। उन्होंने मजबूत पासवर्ड रखने, दो-स्तरीय प्रमाणीकरण अपनाने और संदिग्ध संदेशों की सत्यता जांचने की सलाह दी। मेरठ पुलिस साइबर सेल के इंस्पेक्टर संजय पांडेय, सब-इंस्पेक्टर जागेर सिंह और निर्मल सती ने साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई। विशेषज्ञों ने डिजिटल फॉरेंसिक को अपराधों की जांच में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल विशेषज्ञों की नहीं, बल्कि हर डिजिटल उपयोगकर्ता की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सोनम तोमर और मुकुल शर्मा ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुभारती विश्वविद्यालय में विशेषज्ञों ने बताए ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के तरीके
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ रहा है। अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी साझा करने और निजी जानकारी ऑनलाइन देने से बचना जरूरी है। सतर्कता से ही इससे बचा जा सकता है।
यह बात बुधवार को सुभारती विश्वविद्यालय में आयोजित साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कही। केरल वर्मा सुभारती कॉलेज ऑफ साइंस के कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग की ओर से सत्यजीत रे ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. शल्या राज, प्रति-कुलपति प्रो. मुनीश सी. रेड्डी, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के अधिष्ठाता प्रो. वैभव गोयल ने किया।
विज्ञापन
भारती एयरटेल के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ आशुतोष मक्कड़ और अनुज भट्टाचार्य ने विद्यार्थियों को फिशिंग, फर्जी वेबसाइट, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी और पहचान की चोरी जैसे साइबर अपराधों के बारे में बताया। उन्होंने मजबूत पासवर्ड रखने, दो-स्तरीय प्रमाणीकरण अपनाने और संदिग्ध संदेशों की सत्यता जांचने की सलाह दी। मेरठ पुलिस साइबर सेल के इंस्पेक्टर संजय पांडेय, सब-इंस्पेक्टर जागेर सिंह और निर्मल सती ने साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई। विशेषज्ञों ने डिजिटल फॉरेंसिक को अपराधों की जांच में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल विशेषज्ञों की नहीं, बल्कि हर डिजिटल उपयोगकर्ता की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सोनम तोमर और मुकुल शर्मा ने किया।
विज्ञापन