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विक्टोरिया पार्क में कल जिले के सभी स्कूलों की बसों की फिटनेस होगी चेक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Apr 2018 01:07 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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लाड़लों की सुरक्षा में सेंध लगा रही स्कूली बसों पर प्रशासन की कड़ी नजर है। जिला प्रशासन ने पब्लिक स्कूलों में लगी 10 साल पुरानी बसों पर शिकंजा कसने के लिए रणनीति तैयार की है। जिले के सभी निजी और सरकारी स्कूलों में चल रही स्कूली बसों की फिटनेस जांचने के लिए स्कूल बसों को विक्टोरिया पार्क बुलाया है।
8 अप्रैल रविवार को विक्टोरिया पार्क में सभी स्कू ली बसों की फिटनेस जांची जाएगी। जिलाधिकारी ने स्कूलों को आदेश दिया है कि रविवार को स्कूलों क ी सभी बसें विक्टोरिया पार्क आएं। यदि कोई बस सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के विपरीत मिली तो स्कूल संचालक पर कार्रवाई होगी। 10 साल पुरानी बसों को भी हटाया जाएगा। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा की ओर से पत्र सभी स्कूल संचालकों को भेजा गया है।
ये हैं नियम
. बस में कंडक्टर, हेल्पर, ड्राइवर हों। सभी यूनिफार्म व नेमप्लेट के साथ हो।
. बच्चों को बस से उतारने, चढ़ाने के लिए हेल्पर हो।
. बस स्टाफ की हर डिटेल स्कूल, परिजनों व संबंधित थाने में जमा हो।
. बस स्टाफ यातायात विभाग में पंजीकृत हो, ड्राइवर के पास लाइसेंस हो।
सुप्रीम कोर्ट की ये है गाइड लाइन
. बस की पहली सीढ़ी की ऊंचाई 325 मिलीमीटर से ज्यादा न हो।
. स्कूल बस 40 किमी प्रतिघंटा से अधिक स्पीड में न चले।
. रांग साइड में बस रोकना नियम के खिलाफ है।
. बस में क्षमता से ज्यादा बच्चे न बैठें।
. लो फ्लोर बस हो, बस की खिड़की, ग्रिल सही सलामत हो, खिड़की पर कांच लगे हों।
. आपातकालीन खिड़की, दरवाजा, लॉक दुरुस्त हो।
. बस में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र हो, ड्राइवर, कंडक्टर, हेल्पर व स्कूल का फोन नंबर लिखा हो।
. स्कूल बस पीले रंग में हो, स्कूल का नाम, पता लिखा हो।
. बच्चों के बैग रखने की जगह अलग हो।
. बस कांट्रेक्टर की हो तो कांट्रेक्ट की प्रति स्कूल के पास हो।
. दस साल पुरानी, क्षतिग्रस्त व खटारा बसों को स्कूलों में न चलाया जाए।
. बच्चे को घर से बस तक लाने व छोड़ने का काम कंडक्टर, हेल्पर का होगा।
बसाें की होगी जांच
जिला प्रशासन के आदेश पर बसों को मंगाया गया है। अभी तक विक्टोरिया मैदान के लिए प्रयास चल रहे हैं क्योंकि वहां प्राचार्य बदल गए हैं। यदि विक्टोरिया पार्क नहीं मिला तो पुलिस लाइन या जागृति विहार विस्तार योजना में जांच होगी। -डा. विजय कुमार आरटीओ
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नहीं तो होगी कार्रवाई
आरटीओ द्वारा फिटनेस के लिए बस मंगाने की जानकारी सभी स्कूलों को दे दी गई है। यदि जिला प्रशासन के कहने पर भी सभी बसें नहीं लाई गई तो सघन चेकिंग अभियान चलाकर खटारा बसों पर कार्रवाई करेंगे। -संजीव बाजपेयी, एसपी ट्रैफिक
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8 अप्रैल रविवार को विक्टोरिया पार्क में सभी स्कू ली बसों की फिटनेस जांची जाएगी। जिलाधिकारी ने स्कूलों को आदेश दिया है कि रविवार को स्कूलों क ी सभी बसें विक्टोरिया पार्क आएं। यदि कोई बस सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के विपरीत मिली तो स्कूल संचालक पर कार्रवाई होगी। 10 साल पुरानी बसों को भी हटाया जाएगा। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा की ओर से पत्र सभी स्कूल संचालकों को भेजा गया है।
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ये हैं नियम
. बस में कंडक्टर, हेल्पर, ड्राइवर हों। सभी यूनिफार्म व नेमप्लेट के साथ हो।
. बच्चों को बस से उतारने, चढ़ाने के लिए हेल्पर हो।
. बस स्टाफ की हर डिटेल स्कूल, परिजनों व संबंधित थाने में जमा हो।
. बस स्टाफ यातायात विभाग में पंजीकृत हो, ड्राइवर के पास लाइसेंस हो।
सुप्रीम कोर्ट की ये है गाइड लाइन
. बस की पहली सीढ़ी की ऊंचाई 325 मिलीमीटर से ज्यादा न हो।
. स्कूल बस 40 किमी प्रतिघंटा से अधिक स्पीड में न चले।
. रांग साइड में बस रोकना नियम के खिलाफ है।
. बस में क्षमता से ज्यादा बच्चे न बैठें।
. लो फ्लोर बस हो, बस की खिड़की, ग्रिल सही सलामत हो, खिड़की पर कांच लगे हों।
. आपातकालीन खिड़की, दरवाजा, लॉक दुरुस्त हो।
. बस में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र हो, ड्राइवर, कंडक्टर, हेल्पर व स्कूल का फोन नंबर लिखा हो।
. स्कूल बस पीले रंग में हो, स्कूल का नाम, पता लिखा हो।
. बच्चों के बैग रखने की जगह अलग हो।
. बस कांट्रेक्टर की हो तो कांट्रेक्ट की प्रति स्कूल के पास हो।
. दस साल पुरानी, क्षतिग्रस्त व खटारा बसों को स्कूलों में न चलाया जाए।
. बच्चे को घर से बस तक लाने व छोड़ने का काम कंडक्टर, हेल्पर का होगा।
बसाें की होगी जांच
जिला प्रशासन के आदेश पर बसों को मंगाया गया है। अभी तक विक्टोरिया मैदान के लिए प्रयास चल रहे हैं क्योंकि वहां प्राचार्य बदल गए हैं। यदि विक्टोरिया पार्क नहीं मिला तो पुलिस लाइन या जागृति विहार विस्तार योजना में जांच होगी। -डा. विजय कुमार आरटीओ
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नहीं तो होगी कार्रवाई
आरटीओ द्वारा फिटनेस के लिए बस मंगाने की जानकारी सभी स्कूलों को दे दी गई है। यदि जिला प्रशासन के कहने पर भी सभी बसें नहीं लाई गई तो सघन चेकिंग अभियान चलाकर खटारा बसों पर कार्रवाई करेंगे। -संजीव बाजपेयी, एसपी ट्रैफिक