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विक्टोरिया पार्क अग्निकांड: हादसे के बाद बर्न यूनिट बनने में लग गए 16 साल, मरीजों को अभी भी इलाज नहीं नसीब
Wed, 13 Apr 2022 02:01 PM IST
Dimple Sirohi
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 13 Apr 2022 02:01 PM IST
सार
मेरठ में विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के बाद से मेडिकल कॉलेज में झुलसे लोगों के इलाज के लिए बर्न यूनिट बनाने की कवायद चल रही है। 16 साल बाद यह बनकर तैयार भी हो गई लेकिन शुरू नहीं हो सकी।
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विक्टोरिया पार्क में बना स्तंभ
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के बाद बर्न यूनिट की मांग की उठी थी, जिसे पूरे होने में 16 साल लग गए। मेडिकल कॉलेज में बर्न यूनिट तो बनकर तैयार हो गई है, लेकिन शुरू अभी भी नहीं हुई है। अब अगले महीने शुरू होने का दावा किया जा रहा है।
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लोगों का कहना है कि अगर विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के समय बर्र्न यूनिट होती तो कुछ लोगों को जान बचाई जा सकती थी। अभी भी जिले में न तो मेडिकल कॉलेज में और न ही जिला अस्पताल में कोई बड़ी बर्न यूनिट है, जिस कारण हल्के झुलसे हुए मरीजों को तो इन दोनों अस्पतालों में उपचार दे दिया जाता है, लेकिन गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को दिल्ली रेफर करना पड़ता है। अब जो बर्न यूनिट बनी है, उसमें पांच बेड की आईसीयू बनी है और 20 बेड का जनरल वार्ड तैयार किया गया है।
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हर माह आते हैं औसतन 20-25 मरीज
मेडिकल कॉलेज में समान्य तौर पर हर माह 20 से 25 गंभीर मरीज जलने की स्थिति में आते हैं। कम जले मरीजों को तो भर्ती कर लिया जाता है, लेकिन 10 से 12 मरीज ऐसे भी आते हैं, जिन्हें रेफर करना पड़ता है। साल भर में करीब 100 से 150 गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है।