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सर्दी में खुले आसमान के नीचे सड़क पर रह रहा पीड़ित परिवार
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जयभीमनगर का हादसा
सर्दी में खुले आसमान के नीचे सड़क पर रह रहा पीड़ित परिवार
मेरठ। जयभीमनगर के किरणपाल का दो मंजिला मकान गिरने के बाद परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। तीन दिन से राजनीतिक दलों के लोग क्षेत्र में पहुंच रहे हैं लेकिन मदद के नाम पर पीड़ित परिवार को उनसे सिर्फ आश्वासन ही मिला है। बृहस्पतिवार को अस्पताल ने भी हाथ खड़े किए तो पीड़ित परिवार ने दोनों घायलों को दूसरे अस्पताल में भर्ती करा दिया। उधर, इस मामले में गिरफ्तार किए गए राहुल को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
किरणपाल का पूरा परिवार सर्दी के मौसम में खुले आसमान के नीचे सड़क पर है। रास्ते पर ही कच्चा चूल्हा बनाकर खाना बनाया जा रहा है। मकान जर्जर स्थिति में है, जिस कारण चाहकर भी परिवार घर में नहीं घुस सकता। छोटे-छोटे बच्चों के साथ परिवार की महिलाओं की भी बुरी स्थिति है। बृहस्पतिवार को भी राजनीतिक दलों के लोगों का आवागमन जारी रहा। एक बसपा नेता समर्थकों के साथ पहुंचे और मदद का आश्वासन देकर लौट गए। तीन दिन में करीब छह से सात जनप्रतिनिधि परिवार का हाल जानने जयभीमनगर पहुंचे लेकिन मदद के नाम पर कोरा आश्वासन ही मिला। मां कमलेश और बच्ची काकुल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। अफसरों ने अस्पताल जाकर उचित उपचार का भरोसा दिलाया था लेकिन दोनों को कोई उपचार नहीं मिला। पीड़ित परिवार ने अब दोनों को हापुड़ रोड स्थित दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। एक्स-रे में बच्ची की कालर बोन में फ्रेक्चर की पुष्टि हुई है।
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सीओ कार्यालय में सौंपे दस्तावेज
पड़ोसी के मकान की नींव खोदने के दौरान किरणपाल का दो मंजिला मकान गिर गया था। जिसमें मासूम रचित की मौत हो गई थी तथा कई परिजन गंभीर घायल हुए थे। पीड़ित परिवार बृहस्पतिवार को सीओ सदर देहात पूनम सिरोही से मिला और उन्हें सतेंद्र का जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड उपलब्ध कराया। बैंक पासबुक नंबर भी देना था लेकिन अकाउंट खुला न होने के कारण वह उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
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नींव खुदाई के दौरान भरा था पानी
पीड़ित परिवार ने बताया कि नींव खोदने के लिए कुछ लोगों ने पानी छुड़वा दिया था। इसके चलते नींव में पानी मरता गया और उनका मकान गिर गया। सीओ के समक्ष उन्होंने दो लोगों के नाम भी पेश किए, जो हादसे से पहले वहां मौजूद थे और फिर फरार हो गए। कुछ गवाह भी पेश किए गए थे। सीओ ने पीड़ित परिवार को जांच के बाद नाम शामिल किए जाने का भरोसा दिलाया है।
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सर्दी में खुले आसमान के नीचे सड़क पर रह रहा पीड़ित परिवार
मेरठ। जयभीमनगर के किरणपाल का दो मंजिला मकान गिरने के बाद परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। तीन दिन से राजनीतिक दलों के लोग क्षेत्र में पहुंच रहे हैं लेकिन मदद के नाम पर पीड़ित परिवार को उनसे सिर्फ आश्वासन ही मिला है। बृहस्पतिवार को अस्पताल ने भी हाथ खड़े किए तो पीड़ित परिवार ने दोनों घायलों को दूसरे अस्पताल में भर्ती करा दिया। उधर, इस मामले में गिरफ्तार किए गए राहुल को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
किरणपाल का पूरा परिवार सर्दी के मौसम में खुले आसमान के नीचे सड़क पर है। रास्ते पर ही कच्चा चूल्हा बनाकर खाना बनाया जा रहा है। मकान जर्जर स्थिति में है, जिस कारण चाहकर भी परिवार घर में नहीं घुस सकता। छोटे-छोटे बच्चों के साथ परिवार की महिलाओं की भी बुरी स्थिति है। बृहस्पतिवार को भी राजनीतिक दलों के लोगों का आवागमन जारी रहा। एक बसपा नेता समर्थकों के साथ पहुंचे और मदद का आश्वासन देकर लौट गए। तीन दिन में करीब छह से सात जनप्रतिनिधि परिवार का हाल जानने जयभीमनगर पहुंचे लेकिन मदद के नाम पर कोरा आश्वासन ही मिला। मां कमलेश और बच्ची काकुल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। अफसरों ने अस्पताल जाकर उचित उपचार का भरोसा दिलाया था लेकिन दोनों को कोई उपचार नहीं मिला। पीड़ित परिवार ने अब दोनों को हापुड़ रोड स्थित दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। एक्स-रे में बच्ची की कालर बोन में फ्रेक्चर की पुष्टि हुई है।
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सीओ कार्यालय में सौंपे दस्तावेज
पड़ोसी के मकान की नींव खोदने के दौरान किरणपाल का दो मंजिला मकान गिर गया था। जिसमें मासूम रचित की मौत हो गई थी तथा कई परिजन गंभीर घायल हुए थे। पीड़ित परिवार बृहस्पतिवार को सीओ सदर देहात पूनम सिरोही से मिला और उन्हें सतेंद्र का जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड उपलब्ध कराया। बैंक पासबुक नंबर भी देना था लेकिन अकाउंट खुला न होने के कारण वह उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
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नींव खुदाई के दौरान भरा था पानी
पीड़ित परिवार ने बताया कि नींव खोदने के लिए कुछ लोगों ने पानी छुड़वा दिया था। इसके चलते नींव में पानी मरता गया और उनका मकान गिर गया। सीओ के समक्ष उन्होंने दो लोगों के नाम भी पेश किए, जो हादसे से पहले वहां मौजूद थे और फिर फरार हो गए। कुछ गवाह भी पेश किए गए थे। सीओ ने पीड़ित परिवार को जांच के बाद नाम शामिल किए जाने का भरोसा दिलाया है।