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राजकुंदरा से आठ करोड़ की लूट के बाद बना शातिर अपराधी
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राजकुंद्रा से आठ करोड़ लूटकर बना शातिर अपराधी
मेरठ। करीब छह साल पहले दिल्ली के लाजपतनगर में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राजकुंद्रा से आठ करोड़ की लूट करने के बाद शक्ति नायडू दिल्ली का शातिर अपराधी बना था। इस वारदात के बाद नायडू पर मकोका की कार्रवाई हुई। जिसके बाद उसने अपराध की दुनिया में पीछे मुड़कर नहीं देखा। गिरफ्तारी के बाद वह छह साल जेल में रहा, लेकिन इसके बावजूद उसने खुद को नहीं बदला। नायडू की पत्नी उसके लगातार संपर्क में थी। पेरोल पर बाहर आने के बाद वह फिर से अपराध करने लगा।
दिल्ली में कई गैंगवार में शामिल रहा
दिल्ली में कई बदमाशों के बीच गैंगवार में भी नायडू की भूमिका रही है। नायडू सुपारी लेकर हत्या करने लगा था। करीब आठ महीने वह जेल से बाहर रहा, जिसमें उसने कई वारदात को अंजाम दिया। सुपारी लेकर हत्या करने में नायडू का नाम सबसे ऊपर माना जाने लगा। यह बात दिल्ली पुलिस को पता लगी तो वह उसकी तलाश में लग गई।
एसीपी को बनाया था टारगेट
दिल्ली स्पेशल सेल के एसीपी ललित मोहन नेगी को एक फरवरी को मेरठ में एक शादी समारोह में आना था। इसको लेकर एसीपी की हत्या के लिए मेरठ में नायडू ने पूरी प्लानिंग की थी। 31 जनवरी की रात को उसका अपने साथी हनी व उसके चाचा तिलकराज से विवाद हो गया। जिसमें उसने हनी की हत्या कर दी। जिसके बाद उसकी प्लानिंग फेल हो गई।
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मेरठ में विवादित जमीन पर था फोकस
कंकरखेड़ा के प्रॉपर्टी डीलर ऋतुराज का रिश्तेदार रवि उर्फ भूरा निवासी गांव मोहम्मद रायसिंह थाना फुगाना मुजफ्फरनगर है। रवि का संपर्क नायडू से था। 31 जनवरी को ऋतुराज के कहने पर रवि ने नायडू को मेरठ में बुलाया। कई जगहों पर मीटिंग की। एसीपी से पहले इंस्पेक्टर की हत्या की बात होने लगी। पुलिस ने बताया कि उसे मेरठ में विवादित जमीनों पर जबरन कब्जा कराने के लिए तैयार किया जा रहा था। ताकि विवादित जमीनों पर कब्जा करके प्रॉपर्टी डीलर उसे बेच देंगे। दिल्ली में भी नायडू ने कई विवादित जमीनों पर कब्जा किया हुआ था।
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मेरठ। करीब छह साल पहले दिल्ली के लाजपतनगर में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राजकुंद्रा से आठ करोड़ की लूट करने के बाद शक्ति नायडू दिल्ली का शातिर अपराधी बना था। इस वारदात के बाद नायडू पर मकोका की कार्रवाई हुई। जिसके बाद उसने अपराध की दुनिया में पीछे मुड़कर नहीं देखा। गिरफ्तारी के बाद वह छह साल जेल में रहा, लेकिन इसके बावजूद उसने खुद को नहीं बदला। नायडू की पत्नी उसके लगातार संपर्क में थी। पेरोल पर बाहर आने के बाद वह फिर से अपराध करने लगा।
दिल्ली में कई गैंगवार में शामिल रहा
दिल्ली में कई बदमाशों के बीच गैंगवार में भी नायडू की भूमिका रही है। नायडू सुपारी लेकर हत्या करने लगा था। करीब आठ महीने वह जेल से बाहर रहा, जिसमें उसने कई वारदात को अंजाम दिया। सुपारी लेकर हत्या करने में नायडू का नाम सबसे ऊपर माना जाने लगा। यह बात दिल्ली पुलिस को पता लगी तो वह उसकी तलाश में लग गई।
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एसीपी को बनाया था टारगेट
दिल्ली स्पेशल सेल के एसीपी ललित मोहन नेगी को एक फरवरी को मेरठ में एक शादी समारोह में आना था। इसको लेकर एसीपी की हत्या के लिए मेरठ में नायडू ने पूरी प्लानिंग की थी। 31 जनवरी की रात को उसका अपने साथी हनी व उसके चाचा तिलकराज से विवाद हो गया। जिसमें उसने हनी की हत्या कर दी। जिसके बाद उसकी प्लानिंग फेल हो गई।
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मेरठ में विवादित जमीन पर था फोकस
कंकरखेड़ा के प्रॉपर्टी डीलर ऋतुराज का रिश्तेदार रवि उर्फ भूरा निवासी गांव मोहम्मद रायसिंह थाना फुगाना मुजफ्फरनगर है। रवि का संपर्क नायडू से था। 31 जनवरी को ऋतुराज के कहने पर रवि ने नायडू को मेरठ में बुलाया। कई जगहों पर मीटिंग की। एसीपी से पहले इंस्पेक्टर की हत्या की बात होने लगी। पुलिस ने बताया कि उसे मेरठ में विवादित जमीनों पर जबरन कब्जा कराने के लिए तैयार किया जा रहा था। ताकि विवादित जमीनों पर कब्जा करके प्रॉपर्टी डीलर उसे बेच देंगे। दिल्ली में भी नायडू ने कई विवादित जमीनों पर कब्जा किया हुआ था।