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अधिक प्रदूषित क्षेत्रों में वाहन प्रतिबंधित
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मोदीपुरम। दिवाली पर वायु प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शहर में पहली बार प्रदूषण को लेकर हॉस्ट स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। वहां पर वाहन पूरी तरह प्रतिबंधि कर दिए गए हैं। डीएम के. बालाजी ने नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह प्लान 16 नवंबर तक लागू रहेगा।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निर्देश दिए थे कि शहरों में ऐसे हॉट स्पॉट चिह्नित किए जाएं जहां पर अधिक प्रदूषण होता है। शहर में कोऑपरेटिव चौराहा से पीएल शर्मा रोड, खैरनगर बाजार, वैली बाजार, सर्राफा बाजार, ब्रह्मपुरी चौराहा, प्याऊ चौराहा, शिव चौक पत्थर वालान एवं घंटाघर मार्केट को हॉट स्पॉट की सूची में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में कई जगह पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार ने एसपी ट्रैफिक को पत्र भेजकर व्यवस्था लागू कराने में सहयोग की मांग की है। शॉपिक्स, पीवीएस मॉल एवं मिलांज मॉल पर पार्किंग की व्यवस्था, इस कारण इन्हें हॉट स्पॉट की सूची में शामिल नहीं किया गया है।
शहर में खूब जल रहा कूड़ा
प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी का कहना है कि 15 अक्तूबर से 11 नवंबर तक शहर में 42 स्थानों पर कूड़ा जलता मिला है। सबसे ज्यादा शहर और बाहरी क्षेत्र में कूड़ा जलाने की समस्या सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि अगर कूड़ा जलाना रोक दिया जाए तो काफी हद तक प्रदूषण पर काबू किया जा सकता है। नगर निगम को कई बार पत्र लिखा जा चुका है।
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प्रदूषण फैलाने वालों पर दर्ज कराएं रिपोर्ट : सीडीओ
मेरठ। मुख्य विकास अधिकारी ईशा दुहन ने बुधवार को विकास भवन में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कृषि, नगर निगम, एमडीए और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि प्रदूषण फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाए। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का सख्ती से पालन कराया जाए। कृषि विभाग के लिए कहा है कि उन्हें किसानों को वह संसाधन देने चाहिए, जिससे पराली न जलानी पड़े। एमडीए से कहा कि कंस्ट्रक्शन साइट पर खुले में निर्माण सामग्री न डाली जाए, अगर कहीं खुले में मिले तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
शहर में सबसे अधिक प्रदूषित रहा जयभीम नगर
लगातार बढ़ रहे एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में बुधवार को गिरावट आने से थोड़ी राहत महसूस की गई। हालांकि अभी स्थिति सामान्य नहीं है। अभी भी एयर क्वालिटी इंडेक्स मानक के अनुसार खराब स्थिति में है। जयभीम नगर का एक्यूआई जिले में सबसे अधिक रहा। यहां का एक्यूआई 290 रिकॉर्ड किया गया। गंगानगर का 217 और पल्लवपुरम का 282 रहा। क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड के अनुसार मेरठ जिले का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 252 रहा।
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निर्देश दिए थे कि शहरों में ऐसे हॉट स्पॉट चिह्नित किए जाएं जहां पर अधिक प्रदूषण होता है। शहर में कोऑपरेटिव चौराहा से पीएल शर्मा रोड, खैरनगर बाजार, वैली बाजार, सर्राफा बाजार, ब्रह्मपुरी चौराहा, प्याऊ चौराहा, शिव चौक पत्थर वालान एवं घंटाघर मार्केट को हॉट स्पॉट की सूची में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में कई जगह पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार ने एसपी ट्रैफिक को पत्र भेजकर व्यवस्था लागू कराने में सहयोग की मांग की है। शॉपिक्स, पीवीएस मॉल एवं मिलांज मॉल पर पार्किंग की व्यवस्था, इस कारण इन्हें हॉट स्पॉट की सूची में शामिल नहीं किया गया है।
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शहर में खूब जल रहा कूड़ा
प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी का कहना है कि 15 अक्तूबर से 11 नवंबर तक शहर में 42 स्थानों पर कूड़ा जलता मिला है। सबसे ज्यादा शहर और बाहरी क्षेत्र में कूड़ा जलाने की समस्या सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि अगर कूड़ा जलाना रोक दिया जाए तो काफी हद तक प्रदूषण पर काबू किया जा सकता है। नगर निगम को कई बार पत्र लिखा जा चुका है।
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प्रदूषण फैलाने वालों पर दर्ज कराएं रिपोर्ट : सीडीओ
मेरठ। मुख्य विकास अधिकारी ईशा दुहन ने बुधवार को विकास भवन में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कृषि, नगर निगम, एमडीए और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि प्रदूषण फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाए। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का सख्ती से पालन कराया जाए। कृषि विभाग के लिए कहा है कि उन्हें किसानों को वह संसाधन देने चाहिए, जिससे पराली न जलानी पड़े। एमडीए से कहा कि कंस्ट्रक्शन साइट पर खुले में निर्माण सामग्री न डाली जाए, अगर कहीं खुले में मिले तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
शहर में सबसे अधिक प्रदूषित रहा जयभीम नगर
लगातार बढ़ रहे एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में बुधवार को गिरावट आने से थोड़ी राहत महसूस की गई। हालांकि अभी स्थिति सामान्य नहीं है। अभी भी एयर क्वालिटी इंडेक्स मानक के अनुसार खराब स्थिति में है। जयभीम नगर का एक्यूआई जिले में सबसे अधिक रहा। यहां का एक्यूआई 290 रिकॉर्ड किया गया। गंगानगर का 217 और पल्लवपुरम का 282 रहा। क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड के अनुसार मेरठ जिले का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 252 रहा।