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Meerut News: वाहन चोर उड़ा रहे पुलिस की नींद, सोतीगंज कटान का ऑडियो भी वायरल

Tue, 20 Jun 2023 01:55 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Updated Tue, 20 Jun 2023 01:55 AM IST
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Vehicle thieves are giving sleep to police, audio of Sotiganj cutting is also viral
- मुख्य आरोपी के परिवार का सदस्य, सदर थाने का तत्कालीन सिपाही और एक अन्य कर रहे वाहन कटान का हिसाब-किताब
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विनीत तोमर
मेरठ। चोरी के वाहन कटान के लिए सुर्खियों में रहने वाला सोतीगंज भले ही डेढ़ साल पहले बंद हो गया हो, लेकिन जिले में एक बार फिर से वाहन चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। पिछले करीब तीन माह में 50 से अधिक वाहन चोरी हो चुके हैं। दो दिन पहले टीपी नगर थाना पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का खुलासा भी किया था। आरोपियों ने जिस तरीके से बाइक के पाटर्स अलग अलग किए, उसी तरह से सोतीगंज एरिया में मिनटों में चोरी के वाहनों को काटा जाता था। इन सबके बीच सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी वायरल हो गया। 58 मिनट के इस ऑडियो में सोतीगंज के काले कारनामों का पूरा चिट्ठा है। एसओ से लेकर कई सिपाही, चौकी प्रभारी और एक भाजपा नेता का नाम भी इस ऑडियो में बार-बार आ रहा है, जिनके पास वाहन कटान के काम के लिए महीना बंधा हुआ था।
ऑडियो करीब डेढ़ साल पुराना बताया जा है, जिसमें तीन लोग हिसाब-किताब कर रहे हैं कि किसके पास कितना महीना जाता था। ऑडियो में तीनों व्यक्ति एक-दूसरे को नाम से पुकार रहे हैं, जिससे उनकी पहचान भी उजागर हो रही है। इन तीन लोगों में एक व्यक्ति वाहन कटान के मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी के परिवार का सदस्य है। दूसरे व्यक्ति को हाजी कहकर बुलाया जा रहा है और हैरान कर देने वाली बात यह है कि तीसरा व्यक्ति सदर थाने का तत्कालीन सिपाही है, जो वाहन कटान करने वालों और पुलिस अधिकारियों के बीच बिचौलिये का काम करता था।
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इस तरह हो रही है बातचीत
मुख्य आरोपी के परिवार का सदस्य : देखो भाई, एसओ साहब के पास डेढ़ लाख रुपये जा रहे थे और तुम्हारे पास जा रहे थे 25 हजार रुपये। चौकी इंचार्ज और दूसरे चौकी इंचार्ज को भी रुपये जा रहे थे। भाजपा नेता (यहां पर भाजपा नेता और दोनों सिपाहियों का नाम लिया जा रहा है) को 20 और दोनों सिपाहियों को भी 40 हजार रुपये जा रहे थे।
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पुलिसकर्मी : चौकी इंचार्ज को भी 25 हजार रुपये जा रहे थे।
मुख्य आरोपी के परिवार का सदस्य : एक बार एसओ साहब ने अज्जू को बैठा लिया था, तब अज्जू से पूछा था कि कितने आ रहे थे। भाई तुम एसओ को मैनेज करते थे, फिर भी मान नहीं रखा। एसओ ने हमें नुकसान पहुंचाया। उस महीने में 14 गाड़ी खोली और हर गाड़ी के 25 हजार रुपये तुम्हें दिए।
पुलिसकर्मी : डेढ़ लाख के अलावा एसओ को हर गाड़ी पर 10 हजार रुपये जा रहे थे। एसओ अगर मना करता है तो मुझे बुला लेना। मैं आमने-सामने आकर स्पष्ट कर दूंगा।
पुलिसकर्मी : जिस दिन से यह काम चला है मेरे पास केवल 91 हजार रुपये आए हैं।
हाजी : तुम्हारे पास 21 हजार रुपये ज्यादा चले गए।
मुख्य आरोपी के परिवार का सदस्य : अगर एसओ को हमारे पास से रुपये जा रहे थे तो हमें यह परेशान क्यों कर रहे हैं।
पुलिसकर्मी : एसओ जिंदा है, मैं भी जिंदा हूं और तुम भी। मामला ठंडा होने दो, साफ करा दूंगा।
मुख्य आरोपी के परिवार का सदस्य : लॉक डाउन में एसओ ने गाड़ी मांगी, मैंने तेल डलवाकर गाड़ी भेजी। भाई जब मैं इतना मैनेज कर रहा हूं तो तुम एसओ को समझा क्यों नहीं रहे हो।
पुलिसकर्मी : दिल्ली से फार्च्यूनर चोरी हो गई थी। सफाई करने वाले को उस गाड़ी के कागज तुम्हारी गली से मिले थे। वह एक नेता के साथ थाने आया। एसओ को बताया कि गाड़ी के कागज घर के सामने से मिले हैं, उन्हें दिलाओ। उस गाड़ी का हमने कोई रुपया नहीं लिया। अगर एसओ या फैंटम वाले ने तुम्हें फोन कर कहा हो। एसओ पर रुपये जा रहे थे, इसलिए चुप थे।
मुख्य आरोपी के परिवार का सदस्य : देखो हमेशा थाने के हेड तुम रहे हो, इंस्पेक्टर साहब के पास कोई पोजिशन रही तो तुम्हारी रही। किसी और की नहीं रही। तुम्हें मैनेज करना था।
पुलिसकर्मी : पव्वा जेल से बाहर आ जा जाएगा तो सामने करा दूंगा। मैंने कई बार कहा था कि रुपये दे दो नाम निकलवा दूंगा।
मुख्य आरोपी के परिवार का सदस्य : रुपये नहीं मोबाइल मांगा जा रहा था। अभी के जो हालात हैं, अगर किसी ने अधिकारी के पास रिपोर्ट लगा दी तो सब पर निगाह रख लेगा। इतने बुरे हालात हैं। इनोवा में बहुत रुपये घटे। डेढ़ लाख रुपये महीने और 10 हजार रुपये प्रति गाड़ी जा रहा था। कल जाकर एसओ साहब के पास पूछूंगा।
पुलिसकर्मी : एक भी गाड़ी कट जाएगी क्या बिना एसओ के। अगर मेरा सगा इस समय कोई मंत्री भी है और मैं सिपाही हूं और मैंने एसओ को फोन करा दिया, तब भी एसओ के बिना गाड़ी नहीं खुल सकती।
हाजी : हां ये तो है, पुलिस की मर्जी के बिना तो गाड़ी नहीं खुल सकती।
नोट : यह तीनों व्यक्ति आपस में बैठकर बात कर रहे थे। यह ऑडियो उसी समय की बताई जा रही है। हालांकि अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता। जो पुलिसकर्मी बिचौलिये की भूमिका निभा रहा है उसका और बाकी दोनों पुलिसकर्मियों का यहां से तबादला हो गया है।
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केस : 1
मेरठ। बागपत के रटौल निवासी शिवम सैनी ने बताया कि वह गढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल नौकरी करता है। 7 मई को उसके मामा का बेटा अंकुर स्पलेंडर बाइक नंबर यूपी-17आर 6675 लेकर चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में गया था। बाइक गेट के बाहर खड़ी कर दी। जब वापस आया तो चोरी मिली। इतने दिन बीतने के बाद भी उसका अभी तक पता नहीं चल सका।

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यह ऑडियो पुराना बताया जा रहा है। ऑडियो को सुनकर हर तथ्य देखा जाएगा। वाहन चोरी करने वालों पर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। हाल ही कई केस भी खुले हैं। मामले की जांच कराई जाएगी।

- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
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