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सरकारी दफ्तरों की बैठकों मिट्टी के बर्तनों का उपयोग करें: धर्मवीर प्रजापति

Thu, 29 Aug 2019 01:47 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 29 Aug 2019 01:47 PM IST
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Use pottery in government office meetings says Dharmveer Prajapati Chairman of Mati Arts Board UP
प्रजापति समाज ने अध्यक्ष माटी कला को मिट्टी का प्रेशर कुकर भेंट करते हुए - फोटो : अमर उजाला

माटी कला बोर्ड उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि सरकारी कार्यालयों और बैठकों में मिट्टी से बने बर्तनों का प्रयोग होना चाहिए। माटी कला से जुड़े लोगों को अधिक काम देकर उनके रोजगार में बढ़ोतरी करनी होगी। प्रदेश सरकार इसे लेकर गंभीर है। 

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गुरूवार को कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों व माटी कला से जुड़े कामगारों के साथ बैठक करते हुए प्रजापति ने कहा कि प्रदेश सरकार माटी कला को आगे बढ़ाने को लेकर गंभीर है। इसके लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माटी कला बोर्ड का गठन किया गया है। प्रदेश के 12 हजार गांवों का आंकड़ा अभी पहुंचा है, जिनमें माटी कला का कार्य किया जाता है। 

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उन्होंने कहा कि जनपद में माटी कला से जुडे़ परिवारों के नाम, तहसील व जनपद में माटी कला से जुडे़ परिवारों की संख्या की सूची एकत्र कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि लेखपालों को लगाकर एक सप्ताह में चिह्नीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाए।


अध्यक्ष ने कहा कि अगर कही पट्टे पर अवैध कब्जा है तो तत्काल उसे कब्जामुक्त कराया जाए। अगर मछली पालन करने वाला माटी कला से जुडे़ लोगों को तालाब से मिट्टी नहीं निकालने दे रहा है तो ऐसे पट्टे तत्काल निरस्त किए जाएं।

उन्होंने कहा कि मिट्टी के काम करने वालों को पट्टे आवंटित किए जाएं। ग्राम प्रधानों को भी इस संबंध में सूचित कर दिया जाए। माटी कला से जुडे़ ऐसे लोग जिनके पास आवास नहीं हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराए जाए।

माटी कला से जुडे़ लोगों की समिति बनाई जाए। माटी कला का कार्य करने वालों लोगों को आवंटित पट्टों को चकबंदी से बाहर रखा जाएगा। सभी सरकारी विभागों में आयोजित बैठकों आदि में प्लास्टिक का प्रयोग न किया जाए। पीने के पानी व चाय के लिए कुल्हड़ का प्रयोग करें। 

उन्होंने कहा कि मिट्टी में 26 पोषक तत्व मौजूद होते हैं। अगर हम मिट्टी से बने बर्तनों का प्रयोग करेंगे तो हमारा स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। संपूर्ण समाधान दिवस पर मिट्टी के बर्तनों को एक टेबल पर रखवाने की व्यवस्था कराई जाए।

जनपद में एक दुकान ऐसी हो, जिसमें मिट्टी के बर्तन को रखा जाए, ताकि कोई भी वहां से इन्हें खरीद सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में रोडवेज बस स्टैंड पर भी एक दुकान में मिट्टी के बर्तन प्रदर्शित किए जाने का प्रयास है। उन्होने बताया कि प्रदेश में 2300 माटी कला का कार्य करने वाले लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। 

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