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Meerut News: दो अल्ट्रासाउंड सेंटरों की अलग-अलग रिपोर्ट पर हंगामा, जांच की मांग
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दो सैटरों पर कराए गए अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट अलग अलग की शिकायत करने वाला गांव सीना निवासी प्रदी
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। तहसील में आयोजित समाधान दिवस के दौरान गांव सीना निवासी प्रदीप कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर नगर के दो अलग-अलग डायग्नोस्टिक सेंटरों की अल्ट्रासाउंड रिपोर्टों में भारी भिन्नता होने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
प्रदीप कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी रामप्रसाद सिंह को बताया कि उनके साले के 12 वर्षीय पुत्र रईस निवासी अगवानपुर का 15 अगस्त को मवाना स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर से अल्ट्रासाउंड कराया गया था, जिसमें बच्चे को एपेंडिक्स होने की बात कही गई थी। परिवार ने तसल्ली के लिए 16 अगस्त को नगर के ही एक अन्य डायग्नोस्टिक सेंटर से अल्ट्रासाउंड कराया। आरोप है कि दूसरी रिपोर्ट में बच्चे को बिल्कुल सामान्य बताया गया और उसमें एपेंडिक्स का कोई उल्लेख नहीं था।
दोनों रिपोर्टों में बड़ा अंतर सामने आने से परिवार असमंजस में पड़ गया। साथ ही दोबारा जांच कराने के कारण उन्हें अतिरिक्त धन भी खर्च करना पड़ा। प्रदीप कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने पहले डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक व कर्मचारियों से इस संबंध में बात की तो उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई। शिकायत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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मवाना। तहसील में आयोजित समाधान दिवस के दौरान गांव सीना निवासी प्रदीप कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर नगर के दो अलग-अलग डायग्नोस्टिक सेंटरों की अल्ट्रासाउंड रिपोर्टों में भारी भिन्नता होने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
प्रदीप कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी रामप्रसाद सिंह को बताया कि उनके साले के 12 वर्षीय पुत्र रईस निवासी अगवानपुर का 15 अगस्त को मवाना स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर से अल्ट्रासाउंड कराया गया था, जिसमें बच्चे को एपेंडिक्स होने की बात कही गई थी। परिवार ने तसल्ली के लिए 16 अगस्त को नगर के ही एक अन्य डायग्नोस्टिक सेंटर से अल्ट्रासाउंड कराया। आरोप है कि दूसरी रिपोर्ट में बच्चे को बिल्कुल सामान्य बताया गया और उसमें एपेंडिक्स का कोई उल्लेख नहीं था।
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दोनों रिपोर्टों में बड़ा अंतर सामने आने से परिवार असमंजस में पड़ गया। साथ ही दोबारा जांच कराने के कारण उन्हें अतिरिक्त धन भी खर्च करना पड़ा। प्रदीप कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने पहले डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक व कर्मचारियों से इस संबंध में बात की तो उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई। शिकायत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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