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Meerut News: मरीज की मौत पर अस्पताल में हंगामा
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मेरठ। नौचंदी थाना क्षेत्र के सम्राट हैवेंस के पास स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर नौचंदी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया।
जागृति विहार निवासी राघव सिंह नौचंदी थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में 30 वर्ष से गार्ड की नौकरी कर रहे थे। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उपचार के लिए डाक्टर ने अस्पताल में भर्ती कर लिया। राघव सिंह ने अपना आयुष्मान कार्ड चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने कहा कि कार्ड के आधार पर उसका मुफ्त इलाज हो जाएगा। वह अस्पताल में भर्ती हो गए।
बताया जाता है कि जिस चिकित्सक ने राघव को अस्पताल में भर्ती कराया था, उसकी जगह दूसरा चिकित्सक इलाज करने लगा। रविवार शाम राघव सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। बिना भुगतान दिए अस्पताल स्टाफ ने शव देने से मना कर दिया। इसकी सूचना पर नौचंदी पुलिस पहुंची।
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मृतक के बेटे कार्तिक ने बताया कि उनके पिता का इलाज आयुष्मान कार्ड से हो रहा था। इसके बावजूद ढाई लाख रुपये उनसे दवा के नाम पर जमा कराए गए। सुबह तक पिता की तबीयत बिल्कुल ठीक थी। शाम को डाक्टरों ने मृत बता दिया। परिजनों का आरोप है कि ढाई लाख रुपये का बिल और जमा करने का दबाव बनाया। तीमारदारों ने सपा विधायक अतुल प्रधान से फोन पर बातचीत की तो उन्होंने सीएमओ से बात कर जांच की मांग उठाई। इसके बाद शव तो परिजनों के सुपुर्द कर दिया। लेकिन मृत्यु सटिर्फिकेट तब ही जारी करेंगे, जब पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद परिजन शव लेकर चले गए। एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।
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जागृति विहार निवासी राघव सिंह नौचंदी थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में 30 वर्ष से गार्ड की नौकरी कर रहे थे। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उपचार के लिए डाक्टर ने अस्पताल में भर्ती कर लिया। राघव सिंह ने अपना आयुष्मान कार्ड चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने कहा कि कार्ड के आधार पर उसका मुफ्त इलाज हो जाएगा। वह अस्पताल में भर्ती हो गए।
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बताया जाता है कि जिस चिकित्सक ने राघव को अस्पताल में भर्ती कराया था, उसकी जगह दूसरा चिकित्सक इलाज करने लगा। रविवार शाम राघव सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। बिना भुगतान दिए अस्पताल स्टाफ ने शव देने से मना कर दिया। इसकी सूचना पर नौचंदी पुलिस पहुंची।
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मृतक के बेटे कार्तिक ने बताया कि उनके पिता का इलाज आयुष्मान कार्ड से हो रहा था। इसके बावजूद ढाई लाख रुपये उनसे दवा के नाम पर जमा कराए गए। सुबह तक पिता की तबीयत बिल्कुल ठीक थी। शाम को डाक्टरों ने मृत बता दिया। परिजनों का आरोप है कि ढाई लाख रुपये का बिल और जमा करने का दबाव बनाया। तीमारदारों ने सपा विधायक अतुल प्रधान से फोन पर बातचीत की तो उन्होंने सीएमओ से बात कर जांच की मांग उठाई। इसके बाद शव तो परिजनों के सुपुर्द कर दिया। लेकिन मृत्यु सटिर्फिकेट तब ही जारी करेंगे, जब पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद परिजन शव लेकर चले गए। एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।