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सिपाही भर्ती दौड़ में अभ्यार्थियों का हंगामा
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मेरठ। सिपाही भर्ती दौड़ को लेकर पहले दिन ही महिला अभ्यर्थियों ने जमकर बखेड़ा किया। दोपहर दो बजे तक जब भर्ती बोर्ड के पैनल में शामिल सीओ नहीं पहुंचे तो यह मामला भर्ती बोर्ड और आईजी कानून व्यवस्था तक पहुंच गया। इसके बाद भर्ती बोर्ड के मेरठ जोन के नोडल अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं शाम होने के कारण अभ्यर्थियों ने दौड़ने से इनकार कर दिया।
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती की प्रक्रिया के लिए मेरठ समेत प्रदेश में आठ सेंटर बनाए गए हैं। मेरठ जोन के मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बागपत, सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर के अभ्यर्थियों की नापतौल और शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन पुलिस लाइन में चल रहा है। प्रत्येक जिले के पैनल में उसी जिले के एक सीओ और एक एसडीएम व शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। जबकि दौड़ की प्रक्रिया के लिए अलग से एक सीओ पैनल में शामिल हैं। सिपाही भर्ती की दौड़ शनिवार को रुड़की रोड स्थित छठी वाहिनी पीएसी के मैदान पर होनी थी। पहले दिन दौड़ के लिए 1300 महिला अभ्यर्थियों को बुलाया गया। भर्ती में बायामेट्रिक मिलान और अन्य कागजात की प्रक्रिया टीसीएस कंपनी देख रही है। जबकि दौड़ की प्रक्रिया हैदराबाद की अन्य कंपनी को दी गई है। शनिवार को दौड़ के लिए महिला अभ्यर्थी छठी वाहिनी पीएसी पहुंच गईं। इस दौरान दौड़ क राने वाली कंपनी के अधिकारियों ने भर्ती बोर्ड का हवाला देेते हुए बताया कि सभी अभ्यर्थियों को बायामेट्रिक से हाजिरी लगानी होगी, उसके बाद प्रत्येक अभ्यर्थी का एक एक फार्म निकलेगा जिस पर नाम, पता, क्रमांक और अन्य रिकार्ड रहेगा। लेकिन बायोमेट्रिक का काम देखने वाली कंपनी ने इस प्रक्रिया की तैयारी नहीं की थी। दौड़ शुरू नहीं हुई तो अभ्यर्थियों ने हंगामा कर दिया। पता चला कि दौड़ की प्रक्रिया के पैनल के सीओ जितेंद्र कुमार भी पीएसी में नहीं पहुंचे है। जिसके बाद भर्ती बोर्ड के उच्च अधिकारियों ने रिपोर्ट मांगी। इस दौरान भर्ती बोर्ड के निर्देश पर सीओ कैंट संजीव देशवाल को भेजा गया। बाद में पता चला कि सीओ जितेंद्र बीमार होने के कारण नहीं आ सके।
नोडल अधिकारी पहुंचे
हंगामा बढ़ता देख मेरठ जोन के नोडल अधिकारी/ एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी मौके पर पहुंचे और भर्ती बोर्ड को जानकारी दी। इस दौरान महिला अभ्यर्थियों ने फिर हंगामा कर दिया कि वह दूर से आईं हैं और अब शाम हो चुकी है। एक बार में 150 से अधिक अभ्यर्थी नहीं दौड़ सकते। जिसके बाद नोडल अधिकारी ने कहा कि जो जाना चाहते हैं वह चले जाएं उनकी दौड़ एक जनवरी को होगी।
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यूपी पुलिस सिपाही भर्ती की प्रक्रिया के लिए मेरठ समेत प्रदेश में आठ सेंटर बनाए गए हैं। मेरठ जोन के मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बागपत, सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर के अभ्यर्थियों की नापतौल और शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन पुलिस लाइन में चल रहा है। प्रत्येक जिले के पैनल में उसी जिले के एक सीओ और एक एसडीएम व शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। जबकि दौड़ की प्रक्रिया के लिए अलग से एक सीओ पैनल में शामिल हैं। सिपाही भर्ती की दौड़ शनिवार को रुड़की रोड स्थित छठी वाहिनी पीएसी के मैदान पर होनी थी। पहले दिन दौड़ के लिए 1300 महिला अभ्यर्थियों को बुलाया गया। भर्ती में बायामेट्रिक मिलान और अन्य कागजात की प्रक्रिया टीसीएस कंपनी देख रही है। जबकि दौड़ की प्रक्रिया हैदराबाद की अन्य कंपनी को दी गई है। शनिवार को दौड़ के लिए महिला अभ्यर्थी छठी वाहिनी पीएसी पहुंच गईं। इस दौरान दौड़ क राने वाली कंपनी के अधिकारियों ने भर्ती बोर्ड का हवाला देेते हुए बताया कि सभी अभ्यर्थियों को बायामेट्रिक से हाजिरी लगानी होगी, उसके बाद प्रत्येक अभ्यर्थी का एक एक फार्म निकलेगा जिस पर नाम, पता, क्रमांक और अन्य रिकार्ड रहेगा। लेकिन बायोमेट्रिक का काम देखने वाली कंपनी ने इस प्रक्रिया की तैयारी नहीं की थी। दौड़ शुरू नहीं हुई तो अभ्यर्थियों ने हंगामा कर दिया। पता चला कि दौड़ की प्रक्रिया के पैनल के सीओ जितेंद्र कुमार भी पीएसी में नहीं पहुंचे है। जिसके बाद भर्ती बोर्ड के उच्च अधिकारियों ने रिपोर्ट मांगी। इस दौरान भर्ती बोर्ड के निर्देश पर सीओ कैंट संजीव देशवाल को भेजा गया। बाद में पता चला कि सीओ जितेंद्र बीमार होने के कारण नहीं आ सके।
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नोडल अधिकारी पहुंचे
हंगामा बढ़ता देख मेरठ जोन के नोडल अधिकारी/ एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी मौके पर पहुंचे और भर्ती बोर्ड को जानकारी दी। इस दौरान महिला अभ्यर्थियों ने फिर हंगामा कर दिया कि वह दूर से आईं हैं और अब शाम हो चुकी है। एक बार में 150 से अधिक अभ्यर्थी नहीं दौड़ सकते। जिसके बाद नोडल अधिकारी ने कहा कि जो जाना चाहते हैं वह चले जाएं उनकी दौड़ एक जनवरी को होगी।
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