बड़ी सफलता: पश्चिमी यूपी की 13 सीटों पर भाजपा ने लहराया जीत का परचम, विपक्ष सिर्फ एक पर सिमटा
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा ने बड़ी सफलता हासिल की है। पश्चिमी यूपी की 14 सीटों में से बीजेपी ने 13 पर कब्जा किया है।
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उत्तर प्रदेश में प्रतिष्ठा का सवाल बने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में पश्चिमी यूपी की 14 सीटों में से 13 पर भाजपा ने जीत का परचम लहरा दिया है। मेरठ से रामपुर तक बागपत को छोड़कर सभी सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी विजयी घोषित हो गए हैं। छह सीटों पर शनिवार को भाजपा के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। इससे पहले सात प्रत्याशी निर्विरोध चुने जा चुके थे। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में बहुत कम सीटें मिलने के बावजूद बेहतर रणनीति के चलते भाजपा ने ये जीत हासिल की है।
वहीं इन सीटों पर मिली विजय के बाद भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल भी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की कठिन परीक्षा में पास हो गए हैं। उनका कहना है कि सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की मेहनत के चलते यह जीत मिली है। अब आगे ब्लाक प्रमुख चुनाव में भी पार्टी इसी तरह प्रदर्शन करेगी।
जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा को अधिकतर जिलों में दूसरे-तीसरे नंबर पर रहना पड़ा। सभी जिलों में विपक्ष के प्रत्याशी भाजपा से अधिक संख्या में जीतकर आए थे। कई जिलों में मजबूत स्थिति होने के बावजूद विपक्ष खराब प्रबंधन के कारण नामांकन के दिन ही चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो गया। मेरठ की बात करें तो यहां पर भाजपा के गौरव चौधरी के सामने सलोनी गुर्जर ने सपा और रालोद के वरिष्ठ नेताओं को साथ लिए बिना ही नामांकन कर दिया। हालात यह रहे कि सपा और रालोद के सदस्यों को प्रस्तावक बनाने की जगह बसपा से जीते सदस्य को प्रस्तावक बना दिया गया। प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण सलोनी गुर्जर का पर्चा निरस्त हुआ और गौरव चौधरी निर्विरोध निर्वाचित हो गए।
मेरठ ही नहीं पश्चिमी यूपी के तमाम दूसरे जिलों में भी विपक्ष एकजुट नहीं हो सका। अपने सदस्यों को ही विपक्ष के नेता रोक नहीं सके। भाजपा ने इसका सटीक फायदा उठाते हुए अपने प्रत्याशियों के लिए राह आसान कर दी। क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल के लिए यह चुनाव सबसे अधिक प्रतिष्ठा का था। युवा चेहरा होते हुए भाजपा के पश्चिम क्षेत्रीय अध्यक्ष पद पर आने के बाद यह उनकी पहली जिम्मेदारी थी। चुनाव जीतने के लिए उन्होंने सभी जिलों में ताबड़तोड़ दौरा किया। भाजपा के तमाम पुराने पदाधिकारियों, नेताओं, कार्यकर्ताओं को साथ लेकर ऐसी रणनीति बनाई कि विपक्ष सबसे ज्यादा जिला पंचायत सदस्य जीतने के बाद भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर काबिज नहीं हो पाया।
पश्चिमी यूपी से 13 सीटों पर चुनाव जीतकर पश्चिम के नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में मजबूत हाजिरी लगा दी है। भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय पर सात निर्विरोध निर्वाचित हुए जिला पंचायत अध्यक्षों का सम्मान समारोह किया जा रहा है।