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यूपी: चोरों की बाइकें, मालिक बन बैठे पुलिसवाले, ऐसे खुली पोल

Mon, 26 Mar 2018 01:14 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 26 Mar 2018 01:14 PM IST
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up: stolen's bikes, boss becomes policeman, poll opened
चोरी की बाइकें - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में चोरी के वाहन पकड़ने वाले पुलिसकर्मी खुद चोरी के वाहनों को सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। पार्किंग में खड़ी बाइकों की जब जांच की गई तो कई बाइकों की नंबर प्लेटें फर्जी निकलीं। इस खुलासे के बाद अमर उजाला टीम ने पार्किंग ठेकेदार से इन बाइकों के मालिक के बारे में पता किया तो उसका जवाब चौंकाने वाला था। पार्किंग ठेकेदार का कहना था कि ये सारी बाइकें पुलिसवालों की हैं। सभी बाइकों पर पुलिस का निशान भी लगा था।

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ऐसे किया चैक
सिटी स्टेशन की पार्किंग में खड़ी पुलिस वालों की बाइकों पर लगे नंबरों को परिवहन विभाग के ‘आरटीओ व्हीकल इंफोर्मेशन एप’ पर डालकर चेक किया गया। इन नंबरों से मिली जानकारी में बाइकों के इंजन और चेसिस नंबर अलग मिले। यानी इन नंबरों को फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलाया जा रहा था।  
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चोरी के वाहन पुलिस वालों के पास आये कहां से
सबसे बड़ा सवाल है कि इन पुलिस वालों के पास चोरी के वाहन आये कहां से। सूत्र बताते हैं कि ये वाहन लावारिस मिले होते हैं या बरामदगी वाले होते हैं। कुछ पुलिसवाले इन वाहनों को असली वाहन स्वामी को सौंपने या माल खाने में जमा कराने के बजाय खुद रख लेते हैं। यहां तक की असली वाहन मालिक को इसकी जानकारी भी नहीं लगने देते। इन वाहनों पर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली या अन्य राज्य की किसी बाइक का नंबर डालकर संचालन करते रहते हैं।
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ये मिले मामले  
रेलवे पार्किंग में खड़ी स्पलेंडर बाइक नंबर यूपी12एडी-4779 का चेसिस नंबर एमबीएलएचए10 एडीबीएचए00554 है, लेकिन जब इस नंबर को आरटीओ व्हीकल इंफोर्मेशन एप पर डालकर जांचा गया तो चेसिस नंबर नंबर एएमडी9एफ***** निकला। इसके अलावा दूसरी बाइक नंबर एचआर 01एएम-9438 का चेसिस नंबर एचए10ईएचबीएचए00607 है, लेकिन एप पर इसका चेसिस नंबर एचए10ईजेडी9एफ***** निकला। इसी तरह स्पलेंडर बाइक नंबर यूपी 11वाई-5889 का इंजन नंबर एचए10 ईएफएएचजे82626 है जबकि एप पर इसका इंजन नंबर एचए10ईए9एचडी***** आ रहा है। इसी तरह बाइक नंबर यूपी12 के-4296 और बाइक नंबर पीबी 35 एन-6577 के चेसिस व इंजन नंबर में भी अंतर मिला है। यानि ये सभी वाहन चोरी के या लावारिस हैं।

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कैमरे में कैद बाइक ले जाता पुलिसकर्मी

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फाइल फोटो

पार्किंग से एक सिपाही अपनी स्पलेंडर बाइक नंबर यूपी 11वाई-5889 के साथ उस समय कैमरे में कैप्चर हो गया जब वह बाइक को लेकर जा रहा था। इस बाइक का चेसिस व इंजन नंबर गाड़ी नंबर की बाइक से इतर है। 

पार्किंग में फ्री खड़ी करते हैं बाइक
जनपद से बाहर नौकरी करने वाले पुलिसकर्मी रेलवे की पार्किंग में बाइक खड़ी करके ट्रेेन से जाते हैं। ठेकेदार का कहना है कि पुलिसकर्मी कई-कई दिन में वापस आकर अपनी बाइक ले जाते हैं। पार्किंग शुल्क मांगने पर पुलिस स्टाफ बताकर हड़काया जाता है। इसके साथ ही फर्जी केस में बंद कराने की धमकी भी दी जाती है। इस मामले में स्टेशन अधीक्षक से लेकर एसएसपी तक को पत्र देकर शिकायत की जा चुकी है। 

क्या कहते हैं अधिकारी 
रेलवे के पार्किंग ठेकेदार ने पुलिस कर्मियों द्वारा फ्री में बाइक व गाड़ी पार्क करने के साथ दबंगई की शिकायत की थी। इसकी सूचना मुख्यालय को दे दी है। चोरी की बाइक मिलने का मामला गंभीर है, इसकी शिकायत एसएसपी से की जाएगी।- आरपी शर्मा, स्टेशन अधीक्षक मेरठ सिटी

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