सिपाही भर्ती परीक्षा निरस्त: CM योगी के फैसले पर अभ्यर्थियों के रिएक्शन; पढ़िए क्या बोले और कब होगी परीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते 17 व 18 फरवरी को आयोजित पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 को निरस्त कर दिया है। परीक्षा में पेपर लीक होने की खबरों के बाद से अभ्यर्थी इस मामले में इसे निरस्त कराने की मांग कर प्रदर्शन कर रहे थे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते 17 व 18 फरवरी को आयोजित पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 को निरस्त करते हुए अगले छह माह के भीतर पूरी शुचिता के साथ दोबारा परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं भर्ती कैंसिल होने की खबर मिलते ही अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। उनका कहना है कि हमारी मांगें रंग लाई। दोबारा परीक्षा के लिए हम तैयार हैं।
मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के छात्रों ने पुलिस भर्ती परीक्षा रद्द होते ही कैंपस के मुख्य द्वार पर ढोल-नगाड़े बजवाकर और मिठाई बांटकर खुशी मनाई।पुलिस भर्ती परीक्षा रद्द होते ही छात्रों मे खुशी की लहर दौड़ गई। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर विवि छात्र नेता विनीत चपराना के नेतृत्व मे बड़ी संख्या में छात्र इक्कठा हुए। सभी ने ढोल-नगाड़े के साथ मिठाईयां बाटकर एक दूसरे को खूब बधाईयां दीं।
कई दिनों से छात्र नेता विनीत चपराना पुलिस भर्ती परीक्षा रद्द कराने के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे थे। आज सुबह सरकार के कानों तक बात पहुंचे इसके लिए भैंस के आगे बीन बजाकर अनोखा प्रदर्शन किया गया था। अब छात्रों के हित मे फैसला आने पर सभी ने विश्विद्यालय के मुख्य द्वार पर खुशी का इजहार किया। छात्र नेता विनीत चपराना ने कहा कि सरकार के फैसले से लाखों युवाओं और छात्रों में खुशी है, ये छात्रों की एकता और संघर्ष की जीत है।
सीएम योगी बोले- आरोपियों के खिलाफ की जाएगी कठोरतम कार्रवाई
उक्त परीक्षा के संबंध में जारी एसटीएफ की जांच और अब तक की कार्रवाई की समीक्षा करते हुए शनिवार को मुख्यमंत्री ने यह निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत से खिलवाड़ और परीक्षा की शुचिता से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी तय है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गृह विभाग ने परीक्षा निरस्त करने का आदेश भी जारी कर दिया है।बता दें कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर गृह विभाग ने परीक्षा निरस्त करने का आदेश भी जारी कर दिया है। जारी आदेश के मुताबिक17 व 18 फरवरी, 2024 को सम्पन्न हुई पुलिस भर्ती परीक्षा के संबंध में प्राप्त तथ्यों एवं सूचनाओं के परीक्षण के आधार पर शासन द्वारा शुचिता एवं पारदर्शिता के उच्चतम मानकों के देखते हुए इस परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।
प्रदेश भर में पुलिस भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की खबरों के बाद से ही अभ्यर्थी परीक्षा का रद्द कराने की मांग कर रहे थे। पश्चिमी यूपी में अभ्यर्थियों ने जगह- जगह प्रदर्शन कर रहे थे और इस परीक्षा को रद्द कराने की मांग पर अड़े थे।
छह माह के भीतर फिर से होगी परीक्षा, निशुल्क उपलब्ध होंगी परिवहन सेवाएं
शासन ने भर्ती बोर्ड को यह निर्देश दिए हैं कि जिस भी स्तर पर लापरवाही बरती गई है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर अग्रिम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शासन ने प्रकरण की जांच एसटीएफ से कराये जाने का निर्णय लिया है, दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों अथवा संस्थाओं के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
शासन ने छह माह के भीतर पूर्ण शुचिता के साथ दोबारा परीक्षा आयोजित करने व उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सेवा से अभ्यर्थियों को निशुल्क सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।