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औने-पौने दाम में नीलाम हुई डायल 100, सवालों के घेरे में यूपी पुलिस, एडीजी बोले- होगी जांच

Fri, 21 Feb 2020 11:08 AM IST
कपिल kapil गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 21 Feb 2020 11:08 AM IST
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UP Police's Dial 112 has been auctioned in Muzaffarnagar, Uttar Pradesh.
सदर चाट बाजार के पास से 100 डायल गाड़ी को क्रेन से लेकर जाते कबाड़ी। - फोटो : अमर उजाला

सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना यूपी डायल 100 की इनोवा तीन साल में नीलाम हो गई है। ये गाड़ी मामूली दुघर्टना में क्षतिग्रस्त हुई थी, जोकि आसानी से ठीक हो सकती थी। मुजफ्फरनगर पुलिस ने औने- पौने दामों पर इनोवा को नीलाम कर अब आम लोगों का वाहन बनाने का काम किया है। गाड़ी को सोतीगंज के कबाड़ियों ने चार लाख में खरीद लिया है, जिसकी मरम्मत शुरू कर दी गई। कबाड़ी का दावा है कि दस दिन में आरटीओ से इनोवा के नए कागज भी बन जाएंगे।  

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चोरी और लूट के वाहन का सोतीगंज कमेला बन चुका है। सोतीगंज के कबाड़ियों के शहर में कई ठिकाने भी हैं। जहां पर वाहनों का कटान हो रहा है। सदर स्थित चाट बाजार के पास सोतीगंज के कबाड़ियों का नया अड्डा बना। जहां पर 2017 मॉडल की डायल 100 इनोवा को एक क्रेन से लाया गया। अमर उजाला ने कबाड़ी के हाथों में डायल 100 की इनोवा को मोबाइल में कैद कर लिया। कबाड़ी ने बताया कि मुजफ्फरनगर से इनोवा को नीलामी में छुड़वाया है। जिसकी वह मरम्मत करके नए रजिस्ट्रेशन पर आम लोगों का वाहन बनाएगा। उसने बताया कि उसकी आरटीओ से भी बात हो गई है। गाड़ी का एक ही हिस्सा क्षतिग्रस्त था, जबकि इंजन से लेकर अन्य गाड़ी का हिस्सा ठीक है। तीन साल में गाड़ी कबाड़ी के हाथों में पहुंच गई इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीन साल पुरानी गाड़ी की नीलामी नहीं हो सकती। इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। 
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पुलिस पर सवाल
पुलिस के वाहनों की मरम्मत कराने और उनकी देखरेख के लिये पुलिस में अलग से एमटी (मोटर ट्रांसपोर्ट) विभाग बना है। इसके बावजूद भी डायल 100 की गाड़ी को इस विभाग ने ठीक कराना उचित नहीं समझा। जबकि यह इनोवा मामूली दुघर्टना में ही क्षतिग्रस्त हुई है। वहीं, नीलामी में इनोवा को छुड़ाने वाला कबाड़ी दावा कर रहा है कि दस दिन में इनोवा नए कागजों के साथ सड़क पर दौड़ती नजर आएगी।
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सपा और अब भाजपा की 
सपा सरकार ने करोड़ों रुपये की लागत से लखनऊ में अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बनाया। पुलिसिंग बेहतर करने के लिए ढाई साल पहले सभी जिले को डायल 100 की इनोवा और बोलेरो गाड़ी दी। जिनका रजिस्ट्रेशन 2017 का है। मेरठ में 61, मुजफ्फरनगर में 54 गाड़ियां दी गईं। भाजपा सरकार में इसका नाम डायल 112 हो गया। सीएम आदित्यनाथ ने पुलिस को निर्देश दिए कि डायल 112 को और भी सशक्त करें, ताकि परेशानी होने पर यह वाहन सबसे पहले उसके पास पहुंचे। लेकिन बृहस्पतिवार को सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना कबाड़ियों के हाथों में दिखाई दी। 

इसकी जांच होगी
एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार का कहना है कि डायल 100 की इनोवा मुजफ्फरनगर में नीलाम हुई है, गाड़ी कितनी क्षतिग्रस्त है, इसका टेक्निकल मुआयना हुआ है या नहीं, इसकी जांच होगी। पुलिस का कोई वाहन बिना जांच के नीलाम नहीं हो सकता। मुजफ्फरनगर पुलिस से जानकारी की जाएगी।

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