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ऑनलाइन में टॉप, ऑफलाइन में पुलिसिंग हो रही फ्लॉप, इन शिकायतों पर तेजी से होती है कार्रवाई
Thu, 07 Feb 2019 02:20 PM IST
Dimple Sirohi
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 07 Feb 2019 02:20 PM IST
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायतों में पुलिसिंग टॉप तो ऑफलाइन में फ्लॉप हो रही है। यही वजह है कि तहसील और थाना दिवस पर समय से सुनवाई न होने के चलते फरियादियों का रुख ऑनलाइन शिकायत करने की तरफ ज्यादा है।
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एक बड़ी वजह यह भी है कि शासन से जुड़े पोर्टल पर की शिकायतों पर आला अधिकारी भी निगाह रखते हैं इसलिए यहां तेजी से निस्तारण होता है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मानते हैं तहसील और समाधान दिवस का हाल खराब है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
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प्रदेश सरकार द्वारा आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) को लागू किया गया था, जिसमें 27 विभागों से जुड़ी समस्याओं ( जमीनी विवाद, घरेलू व रंजिश समेत अन्य) के निस्तारण पर ध्यान रखा गया था। थाना स्तर से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इन समस्याओं का निस्तारण करेंगे। शुरूआत में पोर्टल धीमी गति से चला। लेकिन अब इसका 100 फीसदी रिजल्ट दिया जा रहा है। समाधान करने के लिए आईजीआरएस से बेहतर दूसरा पोर्टल पुलिस प्रशासन अधिकारी भी नहीं मानते।
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माह में करीब एक हजार शिकायतें
आईजीआरएस के नोडल अधिकारी (एसपी ट्रैफिक) संजीव वाजपेयी के अनुसार आईजीआरएस में एक महीने में करीब एक हजार शिकायतें आती हैं। अनसुलझी शिकायतों का निस्तारण क्यों नहीं हुआ, इसका भी जिक्र पोर्टल में शिकायतकर्ता को दिया जाता है।
मैनुअल में क्यों फ्लॉप पुलिस
थानों में मैनुअल शिकायतों के निस्तारण के लिए पंचायत तक लगती है। पुलिस अधिकारी भी कहते है कि अगर ऑनलाइन की तरह पुलिस मैनुअल शिकायतों का भी गंभीरता से निस्तारण करे तो पुलिसिंग और अच्छी हो जाएगी। इसलि अधिकारी ऑनलाइन सिस्टम पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं।
आईजीआरएस के नोडल अधिकारी (एसपी ट्रैफिक) संजीव वाजपेयी के अनुसार आईजीआरएस में एक महीने में करीब एक हजार शिकायतें आती हैं। अनसुलझी शिकायतों का निस्तारण क्यों नहीं हुआ, इसका भी जिक्र पोर्टल में शिकायतकर्ता को दिया जाता है।
मैनुअल में क्यों फ्लॉप पुलिस
थानों में मैनुअल शिकायतों के निस्तारण के लिए पंचायत तक लगती है। पुलिस अधिकारी भी कहते है कि अगर ऑनलाइन की तरह पुलिस मैनुअल शिकायतों का भी गंभीरता से निस्तारण करे तो पुलिसिंग और अच्छी हो जाएगी। इसलि अधिकारी ऑनलाइन सिस्टम पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं।
अपडेट मिलता है शिकायतकर्ता को
आईजीआरएस पर की जाने वाली शिकायतों के निस्तारण का अपडेट शिकायतकर्ता को एक सप्ताह में मिलता है। ऑनलाइन शिकायत करने वालों को पुलिस या प्रशासन के अधिकारियों के यहां जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
मेरठ अव्वल है
आईजीआरएस पोर्टल की सारी शिकायतें सीसीटीएनएस (क्राइम कंट्रोल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) से जुड़ी है। शिकायत ऑनलाइन आती हैं और उनका जवाब भी ऑनलाइन दिया जाता है। इसका रिजल्ट 100 फीसदी होता है। मेरठ इससे कई महीने से अव्वल आ रहा है। - अखिलेश कुमार, डीआईजी
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आईजीआरएस पर की जाने वाली शिकायतों के निस्तारण का अपडेट शिकायतकर्ता को एक सप्ताह में मिलता है। ऑनलाइन शिकायत करने वालों को पुलिस या प्रशासन के अधिकारियों के यहां जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
मेरठ अव्वल है
आईजीआरएस पोर्टल की सारी शिकायतें सीसीटीएनएस (क्राइम कंट्रोल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) से जुड़ी है। शिकायत ऑनलाइन आती हैं और उनका जवाब भी ऑनलाइन दिया जाता है। इसका रिजल्ट 100 फीसदी होता है। मेरठ इससे कई महीने से अव्वल आ रहा है। - अखिलेश कुमार, डीआईजी
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