'मंदिर में पूजा करने से रोका', वाल्मीकि समाज के लोगों ने दी धर्म परिवर्तन की चेतावनी
मंदिर में पूजा करने से रोका तो वाल्मीकि समाज के लोगों ने धर्म परिवर्तन की चेतावनी दे डाली। यही नहीं उन्होंने मंगलवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचकर कार्रवाई की मांग भी की।
ये है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक छुआछूत का मामला सामने आया है। भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव पचगांव पट्टी निवासी वाल्मीकि समाज के लोगों ने एसएसपी ऑफिस पर पहुंचकर अपना धर्म बदलने की चेतावनी दी है। वाल्मीकि समाज के लोगों का आरोप है कि उनके गांव में 50 साल पुराना मंदिर है। जिसमें एक पुजारी उन्हें पूजा नहीं करने देते। यही नहीं पुजारी का कहना है कि वाल्मीकि हिंदू नहीं है। एसएसपी ऑफिस पहुंचे वाल्मीकि समाज के लोगों ने एसपी देहात को शिकायती पत्र देते हुए कार्रवाई की मांग की।
वाल्मीकि समाज के लोगों ने बताया कि उनके गांव में एक बहुत पुराना मंदिर है। जहां पर पूरा गांव पूजा अर्चना करता है। इस मंदिर के बराबर में ही एक कुटी बनी हुई है। कुटी में कुछ महीने पहले एक पुजारी आए और उन्होंने मंदिर की कमान संभाल ली। पुजारी गांव वालों की ही सहमति से रखे गए थे। दो दिन पहले वाल्मीकि समाज की महिलाएं मंदिर में पूजा करने के लिए पहुंची तो पुजारी ने उन्हें वापस लौटा दिया।
इसके बाद जब पुजारी से बात करने के लिए पहुंचे तो पुजारी ने साफ कहा कि वाल्मीकि समाज के लोग मंदिर में पूजा नहीं करेंगे। उनके अलग से मंदिर बने हुए हैं। वह वहां पर जाकर पूजा करें। वाल्मीकि समाज के कुछ लोगों ने विरोध किया तो पुजारी ने उनके साथ गाली गलौज की। यही नहीं पुजारी ने वाल्मीकि समाज के कुछ युवकों के खिलाफ भावनपुर थाने में जानलेवा हमले की तहरीर भी दे दी।
एसपी देहात राजेश कुमार ने कहा कि पचगांव पट्टी के कुछ वाल्मीकि समाज के लोग उनसे मिले थे। उन्होंने भावनपुर एसओ को पूरे मामले में जांच करने के निर्देश दिए हैं। यदि पुजारी ऐसा कर रहा है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पिंटू, नरेंद्र दीपक, मोहित, सतीश, विनोद कुमार, मनोज, संजय, बृजेश, नवीन, मुकेश, श्रीचंद, मदनलाल, नरेश अन्य मौजूद रहे।
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