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UP: मेरठ की 13 और बागपत की एक औद्योगिक इकाई को बंद करने का आदेश, जानें क्या है मामला
Sat, 21 Feb 2026 02:36 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
मोहित कुमार, मेरठ
मोहित कुमार, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Sat, 21 Feb 2026 02:36 AM IST
सार
Meerut News: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 14 औद्योगिक इकाइयों के लिए बंदी का आदेश दिया है। 31 जनवरी तक ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली न लगाने पर यह कार्रवाई की गई है। इनकी बिजली काटने के लिए भी विद्युत विभाग को पत्र भेजा है।
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फैक्टरी की चिमनी से निकलता धुआं। सांकेतिक तस्वीर।
विस्तार
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए सख्ती बढ़ाई है। औद्योगिक चिमनियों से निकलने वाले धुएं की निगरानी हेतु ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) अनिवार्य थी। निर्धारित समय सीमा तक इसे न लगाने वाली इकाइयों पर अब कार्रवाई शुरू हुई है। मेरठ की 13 और बागपत की एक कुल 14 औद्योगिक इकाइयों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी प्रदूषणकारी उद्योगों को 31 जनवरी तक ओसीईएमएस लगाने का निर्देश दिया था। इसका उद्देश्य उत्सर्जन के वास्तविक समय के आंकड़े सीधे बोर्ड के सर्वर पर उपलब्ध कराना था। बोर्ड के निरीक्षण में प्रणाली स्थापित न करना गंभीर पर्यावरणीय उल्लंघन पाया गया। संबंधित इकाइयों को नोटिस के बाद बंदी के आदेश जारी हुए हैं।
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क्यों जरूरी है निगरानी
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि ओसीईएमएस उद्योगों के धुएं की लगातार निगरानी करती है। यह प्रणाली चिमनी से निकलने वाले प्रदूषक तत्वों पर नजर रखती है। तय मानकों से अधिक उत्सर्जन होने पर तुरंत जानकारी मिलती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वास्तविक समय का डेटा प्राप्त होता है। इससे त्वरित कार्रवाई करना संभव हो पाता है। एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषकों को नियंत्रित करने में यह प्रणाली सहायक है। अब तक लगभग 36 इकाइयों में यह प्रणाली लग चुकी है। हालांकि बागपत की एक और मेरठ की 13 औद्योगिक इकाइयों में अभी यह प्रणाली स्थापित नहीं हुई है। इन इकाइयों की लगातार निगरानी की जा रही है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि ओसीईएमएस उद्योगों के धुएं की लगातार निगरानी करती है। यह प्रणाली चिमनी से निकलने वाले प्रदूषक तत्वों पर नजर रखती है। तय मानकों से अधिक उत्सर्जन होने पर तुरंत जानकारी मिलती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वास्तविक समय का डेटा प्राप्त होता है। इससे त्वरित कार्रवाई करना संभव हो पाता है। एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषकों को नियंत्रित करने में यह प्रणाली सहायक है। अब तक लगभग 36 इकाइयों में यह प्रणाली लग चुकी है। हालांकि बागपत की एक और मेरठ की 13 औद्योगिक इकाइयों में अभी यह प्रणाली स्थापित नहीं हुई है। इन इकाइयों की लगातार निगरानी की जा रही है।
इन औद्योगिक इकाइयों पर की कार्रवाई...
श्री बालाजी इंटरप्राइजेज, गगोल परतापुर
यूपी डाइनिंग एंड प्रीटिंग वर्कस, नौचंदी ग्राउंड
ऑन वर्ल्ड रिसाइकलिंग प्राइवेट लिमिटेड, पीपलीखेडा
जेवीई वेस्ट रिसाइकलिंग प्राइवेट लिमिडेट, करीमपुर
ब्राइट इ वेस्ट रिसाइकलिंग इंडिया गणेशपुर, मवाना
ग्रीन टेक रिसाइकलिंग, अच्छरोंडा
एडीएस रिसाइकलिंग प्राइवेट लिमिटेड, पीपलीखेडा
8 रुद्र मेटल इंडस्ट्रीज, बागपत
पारस मेटल एंड एलोयस, मोहकमपुर
डोलर सेल्स कोरपोरेशन, सरधना
हरनाम टेक्सटाइल, काशी मेरठ
किसान ग्रामोद्योग संस्थान, बना मवाना रोड
संत होराम देव इंडस्ट्रीज, काशी मेरठ
टेन चैम इंडस्ट्रीज, गढ़ रोड
श्री बालाजी इंटरप्राइजेज, गगोल परतापुर
यूपी डाइनिंग एंड प्रीटिंग वर्कस, नौचंदी ग्राउंड
ऑन वर्ल्ड रिसाइकलिंग प्राइवेट लिमिटेड, पीपलीखेडा
जेवीई वेस्ट रिसाइकलिंग प्राइवेट लिमिडेट, करीमपुर
ब्राइट इ वेस्ट रिसाइकलिंग इंडिया गणेशपुर, मवाना
ग्रीन टेक रिसाइकलिंग, अच्छरोंडा
एडीएस रिसाइकलिंग प्राइवेट लिमिटेड, पीपलीखेडा
8 रुद्र मेटल इंडस्ट्रीज, बागपत
पारस मेटल एंड एलोयस, मोहकमपुर
डोलर सेल्स कोरपोरेशन, सरधना
हरनाम टेक्सटाइल, काशी मेरठ
किसान ग्रामोद्योग संस्थान, बना मवाना रोड
संत होराम देव इंडस्ट्रीज, काशी मेरठ
टेन चैम इंडस्ट्रीज, गढ़ रोड
ये बोले अधिकारी
विद्युत विभाग को इन 31 इकाइयों की बिजली काटने के लिए पत्र भेजा है। बिजली कटने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-राजेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
विद्युत विभाग को इन 31 इकाइयों की बिजली काटने के लिए पत्र भेजा है। बिजली कटने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-राजेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी