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UP: खतौली हार से BJP ने लिया सबक, निकाय चुनाव में विपक्ष के समीकरण को तोड़ते आई नजर, ऐसे हो रही 2024 की तैयारी

Fri, 12 May 2023 03:07 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 12 May 2023 03:07 AM IST
सार

UP Nikay Chunav 2023 : खतौली में हार होने से भाजपा ने सबक लिया और अब निकाय चुनाव में विपक्ष के समीकरण को तोड़ते नजर आई। जानिए कैसे 2024 की तैयारी चल रही है।

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UP Nikay Chunav: BJP has broken the equation of opposition in civic elections after losing in Khatauli
भाजपा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुजफ्फरनगर में खतौली विधानसभा उप चुनाव में हार के बाद वेस्ट यूपी में गुर्जर-जाट, मुस्लिम और दलित समीकरण ने भाजपा के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी कर रखी है। सपा ने इसी समीकरण को दोहराने के लिए गुर्जर समाज से सीमा प्रधान को मैदान में उतारा। भाजपा के सामने ये बड़ी चुनौती थी कि इस समीकरण को कैसे तोड़ा जाए। लेकिन कार्यकर्ताओं के मैनेजमेंट के जरिए बृहस्पतिवार को हुए महापौर के चुनाव में भाजपा इस समीकरण को तोड़ते नजर आई।

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जहां गुर्जर वोटों के सौ फीसदी एकतरफा वोटों के दावे को भाजपा तोड़ते नजर आ रही है, वहीं दलित बस्तियों में भी कमल खिलता नजर आ रहा है। गुर्जर बाहुल्य गांवों में भी दूसरी पार्टियों के जो दावे थे, वे धड़ाम होते नजर आ रहे हैं। जाट समाज के वोट को लेकर दूसरी पार्टियों द्वारा जो दावे किए गए थे, वे सब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की मेरठ मीटिंग के बाद फीके नजर आ रहे हैं। जाट समाज के वोटों में दूसरी पार्टी कोई खास दखल नहीं कर पाई हैं। 
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उधर, मतदान प्रतिशत को बढ़ाने में जहां भाजपा के कार्यकर्ता अपने मिशन में सौ फीसदी पास होते नहीं दिखे वहीं, दूसरे वर्ग के कम प्रतिशत मतदान से भी भाजपा की ये कमी पूरी हो गई।
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मुस्लिम वोटों में सेंधमारी
एकतरफ भाजपा ने जहां गुर्जर-दलित-जाट समीकरण को अपने साथ बरकरार रखने में कामयाबी हासिल की है, वहीं, पहली बार भाजपा द्वारा वार्डों में उतारे गए 17 मुस्लिम पार्षद प्रत्याशियों ने भी समीकरण बदल दिए हैं। मुस्लिम बाहुल्य कई इलाकों में भाजपा ने वोटों में सेंधमारी की।

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नए समीकरण से भाजपा के लिए बनी आसान राह
मुस्लिम मतदाताओं के नए रुझान ने भाजपा की राह को आसान कर दिया है। जिस तरह से मुस्लिम मतदाताओं ने एआईएमआईएम यानी असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी की तरफ जाने के संकेत दिए हैं, उससे भाजपा के लिए जीत का आंकड़ा बड़ा हो सकता है।

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